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असम पुलिस को ओपीएफ देगी 71 इनफ्लैटेबल बोट, पढ़िए इसकी खासियत
Thu, 16 May 2019 05:51 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 16 May 2019 05:51 PM IST
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ओपीएफ में तैयार की गई इनफ्लैटेबल बोट
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर आयुध पैराशूट फैक्ट्री (ओपीएफ) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लड़ाकू विमानों, उनके पायलट के लिए पैराशूट बनाने वाली निर्माणी ने असम पुलिस की मांग पर इनफ्लैटेबल बोट तैयार की है जिसका बुधवार को पहली बार गंगा तट पर परीक्षण किया गया। इस दौरान असम पुलिस और ओपीएफ के अफसरों ने बोट में बैठकर परीक्षण किया। बोट में 10 से अधिक सैनिक या पुलिस के जवान एक साथ बैठ सकते हैं।
निर्माणी के अफसरों ने बताया कि ट्रायल बहुत अच्छे रहे हैं। असम पुलिस के एआईजी ने परीक्षण की सराहना की है। बताया गया कि इसी साल 71 इनफ्लैटेबल बोट तैयार करके असम पुलिस को दी जाएंगी। पहले 10-10 और फिर 20-20 की खेप में बोट सौंपी जाएंगी। इस बोट का इस्तेमाल रेस्क्यू ऑपरेशन में भी बेहतर तरीके से किया जा सकता है। असम में बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी की तेज रफ्तार को ध्यान में रखकर इसे विकसित किया गया है।
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निर्माणी के अफसरों ने बताया कि ट्रायल बहुत अच्छे रहे हैं। असम पुलिस के एआईजी ने परीक्षण की सराहना की है। बताया गया कि इसी साल 71 इनफ्लैटेबल बोट तैयार करके असम पुलिस को दी जाएंगी। पहले 10-10 और फिर 20-20 की खेप में बोट सौंपी जाएंगी। इस बोट का इस्तेमाल रेस्क्यू ऑपरेशन में भी बेहतर तरीके से किया जा सकता है। असम में बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी की तेज रफ्तार को ध्यान में रखकर इसे विकसित किया गया है।
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बेहद हल्की बोट को कोई भी जवान आसानी से अकेले ही उठा सकता है
बोट की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग चार चैंबर लगे हुए हैं। यदि कोई दो चैंबर किसी कारण से खराब या नष्ट हो जाता हैं तब भी बोट जवानों का भार सहते हुए चलती रहेगी। इस बोट की स्पीड 15-20 नॉट है जिसे घटाया बढ़ाया जा सकता है।
यह ठहरे और तेज रफ्तार वाले पानी में बेहतर तरीके से चलती है। बेहद हल्की बोट को कोई भी एक जवान आसानी से उठा सकता है। निर्माणी के महाप्रबंधक जीसी राउत ने बताया कि निर्माणी के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। मेक इन इंडिया अभियान के तहत असम पुलिस की मांग पर बोट तैयार की गई है। ऐसा पहली बार होगा जब ओपीएफ का उत्पाद पुलिस के पास जा रहा है।
यह ठहरे और तेज रफ्तार वाले पानी में बेहतर तरीके से चलती है। बेहद हल्की बोट को कोई भी एक जवान आसानी से उठा सकता है। निर्माणी के महाप्रबंधक जीसी राउत ने बताया कि निर्माणी के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। मेक इन इंडिया अभियान के तहत असम पुलिस की मांग पर बोट तैयार की गई है। ऐसा पहली बार होगा जब ओपीएफ का उत्पाद पुलिस के पास जा रहा है।