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Kanpur News: डिमांड बढ़ी तो बीएसएमएस की सीटें 30 से हो गईं दोगुनी
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कानपुर।
हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) में बैचलर ऑफ साइंस मास्टर ऑफ साइंस (बीएसएमएस) की बढ़ती डिमांड के चलते सीटों की संख्या को बढ़ा दिया गया है। नए सत्र से बढ़ी सीटों पर भी दाखिले की शुरुआत होगी।
एचबीटीयू में बैचलर ऑफ साइंस और मास्टर ऑफ साइंस इन मैथ और डाटा साइंस का डुअल डिग्री कोर्स संचालित किया जाता है। छात्र पांच साल में परास्नातक की डिग्री हासिल कर सकते हैं। केवल स्नातक करने वाले छात्र चार साल में इस कोर्स को पूरा कर सकते हैं। इस कोर्स की मदद से छात्र डाटा एनालिसिस्ट की जॉब पा सकते हैं।
अभी तक संस्थान में इसकी 30 सीटें थी। समय के साथ बढ़ती मांग को देखते हुए इस सत्र से सीटों की संख्या को दो गुना 60 कर दिया गया है। डीन एकेडमिक्स प्रो. ललित कुमार सिंह ने कहा कि तीन साल पहले शुरू हुए इस कोर्स की लगभग सभी सीटें फुल रहती हैं।
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इसकी वजह से इस सत्र से सीटों को बढ़ा दिया गया है। इन पर जेईई की रैंक के आधार पर दाखिला दिया जा रहा है। अगर फिर भी सीटें बचती हैं तो सीयूईटी यूजी से भी दाखिला मिलेगा।
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हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) में बैचलर ऑफ साइंस मास्टर ऑफ साइंस (बीएसएमएस) की बढ़ती डिमांड के चलते सीटों की संख्या को बढ़ा दिया गया है। नए सत्र से बढ़ी सीटों पर भी दाखिले की शुरुआत होगी।
एचबीटीयू में बैचलर ऑफ साइंस और मास्टर ऑफ साइंस इन मैथ और डाटा साइंस का डुअल डिग्री कोर्स संचालित किया जाता है। छात्र पांच साल में परास्नातक की डिग्री हासिल कर सकते हैं। केवल स्नातक करने वाले छात्र चार साल में इस कोर्स को पूरा कर सकते हैं। इस कोर्स की मदद से छात्र डाटा एनालिसिस्ट की जॉब पा सकते हैं।
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अभी तक संस्थान में इसकी 30 सीटें थी। समय के साथ बढ़ती मांग को देखते हुए इस सत्र से सीटों की संख्या को दो गुना 60 कर दिया गया है। डीन एकेडमिक्स प्रो. ललित कुमार सिंह ने कहा कि तीन साल पहले शुरू हुए इस कोर्स की लगभग सभी सीटें फुल रहती हैं।
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इसकी वजह से इस सत्र से सीटों को बढ़ा दिया गया है। इन पर जेईई की रैंक के आधार पर दाखिला दिया जा रहा है। अगर फिर भी सीटें बचती हैं तो सीयूईटी यूजी से भी दाखिला मिलेगा।