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फसलों को सूखे से मिलेगी राहत, आईआईटी कानपुर बुंदेलखंड में कराएगा कृत्रिम बारिश

Sat, 24 Nov 2018 10:15 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 24 Nov 2018 10:15 AM IST
सार

- पहले चीना से महोबा में कृत्रिम बारिश कराने की थी तैयारी

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Artificial rain done by IIT Kanpur in bundelkhand
डेमो पिक

विस्तार

सूखे से राहत दिलाने के लिए कानपुर आईआईटी कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में कृत्रिम बारिश कराएगा। आईआईटी कानपुर की कृत्रिम बारिश कराने की तकनीक को प्रदेश सरकार ने हरी झंडी दे दी है।  
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प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि इस तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सहमति दी है।

कृत्रिम बारिश का प्रयोग उन क्षेत्रों में किया जाएगा, जहां पर बारिश नहीं होने से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचता है। इस तकनीक से फसलों को सूखे से राहत मिलेगी। भाजपा के कार्यक्रम में शामिल होने आए सिंचाई मंत्री ने बताया कि कुछ समय पहले महोबा क्षेत्र में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए चीन से कृत्रिम बारिश कराने की योजना बनी थी।
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Artificial rain done by IIT Kanpur in bundelkhand
डेमो पिक
उस समय चीन से एक किलोमीटर क्षेत्र में कृत्रिम बारिश के लिए 10.30 लाख की राशि देने पर सहमति भी हो गई थी। फिर अचानक चीन ने अपनी कृत्रिम बारिश की तकनीक देने से मना कर दिया। अब आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों की तरफ से तैयार की गई कृत्रिम बारिश की तकनीक से सूखे से निपटने में काफी आसानी होगी।

आईआईटी कानपुर की कृत्रिम बारिश तकनीक की कीमत चीन की तकनीक से आधी है। मंत्री ने बताया कि कृत्रिम बारिश की जरूरत ज्यादातर बुंदेलखंड के क्षेत्रों को है। जल्द ही इसका प्रयोग शुरू कर दिया जाएगा।
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