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ए वन लैंड मामलाः अपनी जमीन पर कब्जा लेने आई सेना ने स्टे ऑर्डर की कॉपी फाड़ी, बंद कराए सीसीटीवी

Sat, 18 May 2019 03:10 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 18 May 2019 03:10 PM IST
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Army Tear Stay order copy takes over possession of land a One Land Case
वृंदावन लॉन में जमीन पर कब्जा लेने पहुंची सेना - फोटो : अमर उजाला

कानपुर में अपनी ए वन लैंड (सेना की जमीन) खोज रही सेना ने शुक्रवार को उदय नगर और विराट नगर (किदवई नगर) क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। गेस्ट हाउस वृंदावन, लार्ड्स व शारदा लॉन और मकानों के सामने लोहे के खंभे गाड़ दिए।

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इसका मतलब यह कि वह जमीन सेना अपनी बता रही है। अब यहां कंटीले तार लगाने की तैयारी है। इस दौरान गेस्ट हाउस संचालकों और यहां रहने वाले 25 परिवारों ने कोर्ट से जुड़े कई दस्तावेज भी दिखाए पर सेना के जवानों ने अपनी कार्रवाई कर दी। देर शाम तक सेना के कई पानी के टैंकर और वाहन वहां खड़े रहे।
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सुबह पांच बजे सेना के अफसर और जवान बड़ी संख्या में क्षेत्र में पहुंच गए। सबसे पहले वहां स्थित गेस्ट हाउसों में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद करवाए। इसके बाद 14 अप्रैल को गाड़े गए पिलर के स्थान पर लोहे के खंभे गाड़ने लगे। वहां रहने वाले लोगों और गेस्ट हाउस संचालकों ने कार्रवाई न करने के लिए कहा।
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वृंदावन गेस्ट हाउस के मालिक अजय सिंह यादव ने हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर दिखाया, लेकिन सेना के अफसरों ने कुछ भी देखने-सुनने से मना कर दिया। करीब 9:30 बजे एसीएम ओपी वर्मा और सीओ गोविंद नगर आरके चतुर्वेदी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सेना की कार्रवाई पर जानकारी मांगी लेकिन अफसरों ने कुछ नहीं बताया।

इस पर सेना के जवानों और सीओ व एसीएम के बीच बहस भी हुई लेकिन सेना के जवान कार्रवाई करते रहे। 11 बजे तक अपनी चिह्नित जमीन पर लोहे के खंभे गाड़ दिए। इसके बाद सेना के अफसर वहां से चले गए लेकिन बड़ी संख्या में जवान मौके पर डटे रहे।

सेना की कार्रवाई से वहां रह रहे 25 परिवारों पर बड़ा संकट आ सकता है। राकेश कुमार गुप्ता, मयंक गोयल, संजय तिवारी, सूरज गुप्ता, गजेंद्र तिवारी, निशाकांत शुक्ला ने बताया कि अराजी 2014/2 में वह सभी लोग रह रहे हैं। 29 साल पहले उन लोगों ने रणधीर सिंह और बब्बू सिंह से जमीन सोसायटी के माध्यम से खरीदी थी।

इससे पहले तक तो कभी किसी ने आपत्ति नहीं दर्ज कराई थी। सेना के जवानों ने क्षेत्र में शुक्रवार को नोटिस चस्पा किया। जिस पर 15 अप्रैल 2019 अंकित है। कोई नोटिस भी उन्हें नहीं दिया। पूरे मसले पर नौ मई को डीएम से भेंट की थी। तब उन्होंने आश्वासन दिया था। अब शनिवार को फिर मिलने जाएंगे। बताया कि 29 साल से यहां रह रहे हैं, अब कहां जाएंगे। 

सेना की कार्रवाई के दौरान सूचना पर थाना प्रभारी समर बहादुर सिंह भी फोर्स संग मौके पहुंचे। गेस्ट हाउस संचालक और वहां रहने वालों ने उन्हें स्टे दिखाया। इसके बाद थाना प्रभारी ने आर्मी के अफसरों से बातचीत कर स्टे की जानकारी देने की कोशिश की तो सेना के अफसर भड़के गए।


उन्होंने थाना प्रभारी के साथ अभद्रता करने के साथ ही हाईकोर्ट के स्टे की कॉपी छीनकर फाड़ दी। थाना प्रभारी ने बताया कि अभद्र व्यवहार पर उनकी तरफ से कर्नल एके राय के खिलाफ तस्करा डाला गया है। 

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