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नॉनवेज के शौकीन जरूर पढ़ लें ये खबर, कहीं ऐसा न हो आपको बहुत पछताना पड़े

Mon, 14 Jan 2019 01:19 PM IST
शिखा पांडेय रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 14 Jan 2019 01:19 PM IST
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Antibiotics do less effect on non-vegetarian amateurs
डेमो पिक
जानवरों के शरीर में मौजूद बैक्टीरिया में दवाओं के प्रति अनुकूलन की क्षमता विकसित हो रही है। खासतौर पर बकरे और मुर्गे में मौजूद बैक्टीरिया में एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के मामले सामने आए हैं। अमेरिकी विशेषज्ञों द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए शोध में यह तथ्य सामने आया है। 
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यह शोध रिपोर्ट कैलिफोर्निया (अमेरिका) से आए स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कालरा ने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों से साझा की। मटन या चिकन के जरिए इंसान में पहुंचने वाले ये बैक्टीरिया एंटीबायोटिक के प्रति रेजिस्ट होने के कारण नॉनवेज खाने वालों को दवाओं के बेअसर होने की मुसीबत दे रहे हैं।
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Antibiotics do less effect on non-vegetarian amateurs
डेमो पिक
डॉ. कालरा ने बताया कि एंटीबायोटिक रेजिस्ट बैक्टीरिया वाले पशु का मीट खाने से बीमार शख्स का लिवर ज्यादा प्रभावित होता है। ऐसे रोगियों को सामान्य एंटीबायोटिक असर नहीं करती हैं।

जब तक एंटीबायोटिक की दूसरी जेनरेशन की दवा दी जाती तब तक रोगी की स्थिति और बिगड़ चुकी होती है। कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य प्रो. आरती लालचंदानी बताती हैं कि एंटीबायोटिक रेजिस्ट बैक्टीरिया से प्रभावित मरीजों के इलाज के पैटर्न में तब्दीली का रास्ता अपनाया जाता है।
 

Antibiotics do less effect on non-vegetarian amateurs
डेमो पिक
रोगी को ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट दिए जाते हैं। जरूरत पड़ने पर बैक्टीरिया सेंसटिविटी की जांच कर यह पता लगाया जाता है कि उनके शरीर में मौजूद बैक्टीरिया दवा के प्रति प्रतिरोधी तो नहीं हो रहे हैं।

नॉनवेज खाने वाले यह एहतियात बरतें
- नॉनवेज के साथ सलाद की मात्रा अधिक लें
- मोटे रेशे वाले अनाज, फल, मौसमी सब्जियां अधिक लें
- संभव हो तो घर में पका हुआ नॉनवेज ही खाएं
- मांस को अच्छी तरह से पकाकर खाएं
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Antibiotics do less effect on non-vegetarian amateurs
डेमो पिक
‘पैथोलॉजिकल जांच रिपोर्ट दो-तीन दिन में आती है। तब तक मरीज को बेवजह एंटीबायोटिक खिलाते रहने की परंपरा गलत है। इससे भी बैक्टीरिया दवाओं के प्रति रेजिस्ट हो रहे हैं।’
- आनंद जगन्नाथन (एमडी इंगेज, अमेरिका, पूर्व आईआईटियन)

‘पशुओं में एंटीबायोटिक दिए जाने की समस्या से बचाव का सबसे अच्छा तरीका यह है कि जानवरों का टीकाकरण कराया जाए। ऐसा करने से पशु बीमार नहीं पड़ेगा जिससे एंटीबायोटिक देने की नौबत ही नहीं आएगी।’
- डॉ. एसपी सिंह (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, डेयरी साइंसेस, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर)
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