Kanpur Sikh Riot: निरालानगर हत्याकांड में दो और आरोपी गिरफ्तार, एसआईटी ने घाटमपुर में दबिश देकर पकड़ा
वर्ष 1984 में कानपुर के सिख विरोधी दंगे में एसआईटी ने जांच पूरी होने पर 38 साल बाद गिरफ्तारियां शुरू की हैं। अब तक कुल छह लोग पकड़े जा चुके हैं।
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में सिख विरोधी दंगों के 38 साल बाद गिरफ्तारियां शुरू हुई हैं। इसमें सोमवार को देर रात निरालानगर हत्याकांड में दो और आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। एसआईटी ने घाटमपुर में दबिश देकर भूरा और मोमिन को पकड़ा है। इससे पहले, 15 जून को निराला नगर हत्याकांड के चार आरोपियों सफीउल्ला, अब्दुल रहमान, योगेंद्र सिंह और विजय नारायण सिंह को एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। वांछितों में सबसे बड़ा नाम कांग्रेस सरकार में राज्य मंत्री रहे शिवनाथ सिंह कुशवाहा के भतीजे राघवेंद्र कुशवाहा का है, जिसकी गिरफ्तारी अभी नहीं हो सकी है।
बता दें कि 1984 में देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी दंगे हुए थे। इस दौरान कानपुर में 127 सिखों की हत्या हुई थी। दंगों की जांच के लिए साल 2019 में राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने जांच पूरी कर अभी तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी अभी कुछ और अभियुक्तों की गिरफ्तारी की कोशिश में है।
सलाखों के पीछे पहुंचेंगे 70 और आरोपी
एसआईटी ने 11 केसों की विवेचना पूरी कर ली है, जिसमें 96 आरोपियों की पहचान की गई। इनमें से 22 की मौत हो चुकी है। कुल 74 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानी है, जिसमें से चार को जेल भेजा जा चुका है। अब 70 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने की जद्दोजहद शुरू हो गई।