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आय से अधिक संपत्ति मामले में सेवानिवृत्त कर्मी गिरफ्तार, एंटी करप्शन विभाग की टीम ने की कार्रवाई
Fri, 28 Jun 2019 12:35 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 28 Jun 2019 12:35 AM IST
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कामेश्वर प्रसाद
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को फूलबाग चौराहा के पास से इलाहाबाद निबंधन कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (सेवानिवृत्त) कामेश्वर प्रसाद को गिरफ्तार किया। टीम ने आरोपी को फीलखाना पुलिस को सौंप दिया।
शुक्रवार को कामेश्वर प्रसाद को वाराणसी की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया जाएगा। कामेश्वर के खिलाफ 2011 में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले की विवेचना चल रही थी। एंटी करप्शन विभाग आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में कामेश्वर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुका है।
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शुक्रवार को कामेश्वर प्रसाद को वाराणसी की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में पेश किया जाएगा। कामेश्वर के खिलाफ 2011 में दर्ज भ्रष्टाचार के मामले की विवेचना चल रही थी। एंटी करप्शन विभाग आय से अधिक संपत्ति के इस मामले में कामेश्वर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुका है।
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एंटी करप्शन विभाग के इंस्पेक्टर शंभू नाथ तिवारी ने बताया कि मऊ के मधुवन रामपुर गांव निवासी कामेश्वर प्रसाद के खिलाफ 2011 में इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के धूमनगंज थाने में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
मामले की विवेचना में पाया गया कि कामेश्वर को नौकरी के दौरान 13 लाख 32 हजार 613 वेतन मिला, जबकि 24 लाख 35 हजार, 14 रुपये खर्च किए। एंटी करप्शन प्रभारी के मुताबिक आय से अधिक खर्च किया गया।
इसके अलावा कामेश्वर प्रसाद का प्रयागराज और लखनऊ के विनीत खंड में भी मकान है। घर पर सभी लग्जरी सुविधाएं भी हैं। वेतन से ज्यादा खर्च की गई रकम कहां से आई। इस बारे में कामेश्वर ब्योरा नहीं दे सके। उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।
मामले की विवेचना में पाया गया कि कामेश्वर को नौकरी के दौरान 13 लाख 32 हजार 613 वेतन मिला, जबकि 24 लाख 35 हजार, 14 रुपये खर्च किए। एंटी करप्शन प्रभारी के मुताबिक आय से अधिक खर्च किया गया।
इसके अलावा कामेश्वर प्रसाद का प्रयागराज और लखनऊ के विनीत खंड में भी मकान है। घर पर सभी लग्जरी सुविधाएं भी हैं। वेतन से ज्यादा खर्च की गई रकम कहां से आई। इस बारे में कामेश्वर ब्योरा नहीं दे सके। उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है।