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कोरोना संक्रमित का शव ले जाने को नहीं मिली एंबुलेंस
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कानपुर देहात। कोरोना संक्रमण के दौर लोगों की संवेदनाएं भी खत्म होने लगी है। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार की शाम को कोविड लेवल टू अस्पताल के बाहर दिखाई पड़ा। जहां पर कोरोना संक्रमित महिला की मौत के बाद उसका शव अस्पताल कर्मियों ने पति को सौंपते हुए गांव ले जाने को कहा।
इस पर महिला के पति ने गरीबी का हवाला देकर सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध कराने की बात कही पर किसी ने उसकी सुनवाई नहीं की। रात करीब दस बसे मामले की जानकारी डीएम को हुई तो उन्होंने सीएमओ को वाहन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
सरवनखेड़ा विकासखंड के सुल्तानपुर पेराजोर की रहने वाली मिथलेश के कोरोना संक्रमित होने के बाद हालत बिगड़ गई थी। इस पर पति ओमप्रकाश ने चार मई को उसे जिला अस्पताल स्थित कोविड एल-टू अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार शाम मिथलेश की मौत हो गई।
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इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने करीब सात बजे महिला का शव पति को देते हुए गांव ले जाने को कहा। वहीं ओमप्रकाश ने पैसों के अभाव की बात करते हुए सरकारी एंबुलेंस दिलाने की बात कही। इसके बाद भी किसी भी स्वास्थ्य कर्मी ने सुनवाई नहीं की वहीं मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मी भी मूकदर्शक बने रहे।
रात करीब दस बजे मामले की जानकारी डीएम को हुई तो उन्होंने सीएमओ को फोन किया। इसके बाद प्रभारी सीएमएस व नोडल डिप्टी सीएमओ एल-टू अस्पताल सरकारी शव वाहन उपलब्ध कराने के पहुंचे।
उन्होंने एंबुलेंस के ड्राइवर को शव ले जाने को कहा तो उसने वाहन की कमानी टूटी होने का बहाना बना दिया। कार्रवाई की चेतावनी पर ड्राइवर वाहन लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन मध्य रात होने के चलते मृतका के पति ने सुबह शव ले जाने की बात कही। सोमवार सुबह आठ बजे शव गांव के लिए रवाना हो सका।
बोले जिम्मेदार
कोरोना संक्रमित के शव को ले जाने के लिए वाहन न मिलने पर ड्राइवर को बुलाया था। उसने एंबुलेंस की कमानी टूटी होने की बात कही थी। पूर्व में इसकी जानकारी न देने पर ड्राइवर को चेतावनी दी गई। बाद में परिवारीजनों ने सुबह शव ले जाने को कह दिया था। -डॉ. एसपी सिंह (प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल पुरुष)
पीड़ित को शव वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश सीएमओ को दिए थे। उन्होंने रात में बताया कि परिवारीजनों ने सुबह शव ले जाने की बात कही है। मामले में और जानकारी ली जा रही है। -जितेंद्र प्रताप सिंह (जिलाधिकारी)
दो एंबुलेंस में एक खराब
कानपुर देहात। अधिकारियों की लापरवाही के चलते कोरोना काल में अब शव पहुंचाने के लिए वाहन तक नसीब नहीं हो पा रहे। शव ले जाने के लिए जिला अस्पताल के पास दो एंबुलेंस हैं।
जिन्हें चलाने के लिए तीन ड्राइवर रखे गए हैं। मौजूदा समय में एक एंबुलेंस की बैटरी खराब होने के कारण वाहन खड़ा रहता है। वहीं तीन में से दो ड्राइवर ही आ रहे, जो बारी-बारी से एंबुलेंस चलाते हैं।
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इस पर महिला के पति ने गरीबी का हवाला देकर सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध कराने की बात कही पर किसी ने उसकी सुनवाई नहीं की। रात करीब दस बसे मामले की जानकारी डीएम को हुई तो उन्होंने सीएमओ को वाहन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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सरवनखेड़ा विकासखंड के सुल्तानपुर पेराजोर की रहने वाली मिथलेश के कोरोना संक्रमित होने के बाद हालत बिगड़ गई थी। इस पर पति ओमप्रकाश ने चार मई को उसे जिला अस्पताल स्थित कोविड एल-टू अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार शाम मिथलेश की मौत हो गई।
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इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने करीब सात बजे महिला का शव पति को देते हुए गांव ले जाने को कहा। वहीं ओमप्रकाश ने पैसों के अभाव की बात करते हुए सरकारी एंबुलेंस दिलाने की बात कही। इसके बाद भी किसी भी स्वास्थ्य कर्मी ने सुनवाई नहीं की वहीं मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मी भी मूकदर्शक बने रहे।
रात करीब दस बजे मामले की जानकारी डीएम को हुई तो उन्होंने सीएमओ को फोन किया। इसके बाद प्रभारी सीएमएस व नोडल डिप्टी सीएमओ एल-टू अस्पताल सरकारी शव वाहन उपलब्ध कराने के पहुंचे।
उन्होंने एंबुलेंस के ड्राइवर को शव ले जाने को कहा तो उसने वाहन की कमानी टूटी होने का बहाना बना दिया। कार्रवाई की चेतावनी पर ड्राइवर वाहन लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन मध्य रात होने के चलते मृतका के पति ने सुबह शव ले जाने की बात कही। सोमवार सुबह आठ बजे शव गांव के लिए रवाना हो सका।
बोले जिम्मेदार
कोरोना संक्रमित के शव को ले जाने के लिए वाहन न मिलने पर ड्राइवर को बुलाया था। उसने एंबुलेंस की कमानी टूटी होने की बात कही थी। पूर्व में इसकी जानकारी न देने पर ड्राइवर को चेतावनी दी गई। बाद में परिवारीजनों ने सुबह शव ले जाने को कह दिया था। -डॉ. एसपी सिंह (प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल पुरुष)
पीड़ित को शव वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश सीएमओ को दिए थे। उन्होंने रात में बताया कि परिवारीजनों ने सुबह शव ले जाने की बात कही है। मामले में और जानकारी ली जा रही है। -जितेंद्र प्रताप सिंह (जिलाधिकारी)
दो एंबुलेंस में एक खराब
कानपुर देहात। अधिकारियों की लापरवाही के चलते कोरोना काल में अब शव पहुंचाने के लिए वाहन तक नसीब नहीं हो पा रहे। शव ले जाने के लिए जिला अस्पताल के पास दो एंबुलेंस हैं।
जिन्हें चलाने के लिए तीन ड्राइवर रखे गए हैं। मौजूदा समय में एक एंबुलेंस की बैटरी खराब होने के कारण वाहन खड़ा रहता है। वहीं तीन में से दो ड्राइवर ही आ रहे, जो बारी-बारी से एंबुलेंस चलाते हैं।