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शर्मनाक है ये तस्वीर: गांव तक नहीं पहुंच सकी एंबुलेंस, चारपाई पर ले जाते समय बुजुर्ग की मौत
Tue, 04 Aug 2026 09:24 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: Shikha Pandey
Updated Tue, 04 Aug 2026 09:24 PM IST
सार
Jalaun News: बारिश से कच्चा रास्ता दलदल बना। परिजन 300 मीटर तक चारपाई पर ले गए। बुजुर्ग ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
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बुजुर्ग की फाइल फोटो व गमगीन परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कदौरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत परासन के मजरा कुइयाझोर में मंगलवार शाम बदहाल रास्ते के कारण एक बुजुर्ग की जान चली गई। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद परिजनों ने एंबुलेंस बुलाई, लेकिन बारिश से खराब हुए कच्चे रास्ते और कीचड़ के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। मजबूरन परिजन बुजुर्ग को चारपाई पर लिटाकर मुख्य मार्ग तक ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
कुइयाझोर निवासी 58 वर्षीय शर्मन मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे घर का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह अचेत होकर गिर पड़े। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस कालपी-राठ मार्ग तक पहुंच गई, लेकिन गांव तक जाने वाला कच्चा रास्ता बारिश के कारण कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुका था, जिससे चालक वाहन को आगे नहीं ले जा सका।
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कुइयाझोर निवासी 58 वर्षीय शर्मन मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे घर का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह अचेत होकर गिर पड़े। परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस कालपी-राठ मार्ग तक पहुंच गई, लेकिन गांव तक जाने वाला कच्चा रास्ता बारिश के कारण कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुका था, जिससे चालक वाहन को आगे नहीं ले जा सका।
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इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने शर्मन को चारपाई पर उठाया और करीब 300 मीटर दूर मुख्य मार्ग तक ले जाने लगे। रास्ते में खराब पुलिया और कीचड़ के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई। इसी दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।
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मृतक के नाती चमन ने बताया कि यदि गांव तक पक्की सड़क और पुलिया बनी होती तो एंबुलेंस सीधे घर तक पहुंच सकती थी और समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच सकती थी। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में कुइयाझोर का संपर्क लगभग टूट जाता है। मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को इसी तरह चारपाई के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले 18 जुलाई को भी शर्मन को जहरीले कीड़े ने काट लिया था। उस समय भी खराब रास्ते के कारण उन्हें चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ा था, लेकिन इलाज मिलने से उनकी जान बच गई थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव तक पक्की सड़क और क्षतिग्रस्त पुलिया का जल्द निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बदहाल रास्ते के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।