अमर उजाला पड़ताल: पासपोर्ट फर्जीवाड़ा, अफसर का खेल, छात्रा की मार्कशीट पर बनाया युवक का पासपोर्ट
कानपुर में पासपोर्ट फर्जीवाड़े के खेल में नया खुलासा हुआ है। इस मामले में फंसे पासपोर्ट अफसर लंबे समय से ये खेल चलाते आ रहे हैं। ढाई साल पहले भी उन्होंने फर्जी मार्कशीट को ओके कर युवक का पासपोर्ट बना दिया था। दोबारा जब अफसर की पोस्टिंग हुई, तो फिर फर्जीवाड़ा शुरू हो गया।
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में फर्जी मार्कशीट पर असली पासपोर्ट बनवाने का खेल उजागर होने के बाद अमर उजाला की पड़ताल में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सवालों के घेरे में आए पासपोर्ट अफसर ने ढाई साल पहले भी कानपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र से एक छात्रा की मार्कशीट पर युवक का पासपोर्ट जारी कर दिया था। युवक अभी भी उस पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहा है। इससे संबंधित सभी दस्तावेज अमर उजाला के पास उपलब्ध हैं।
कुशीनगर के खजुरी बाजार निवासी संतोष ने 2019 में पासपोर्ट के लिए आवेदन किया और कानपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र का एप्वाइंटमेंट लिया। 3 अक्तूबर 2019 को वह पासपोर्ट संबंधी प्रक्रिया के लिए जीटी रोड स्थित सेवा केंद्र पर पहुंचा। दस्तावेज दिए, जिसमें उसने हाईस्कूल की मार्कशीट लगाई। मार्कशीट के मुताबिक 2006 में उसने परीक्षा पास की। हैरानी की बात ये है कि फर्जी मार्कशीट पर जो रोल नंबर है, वह श्वेता तिवारी नाम की छात्रा का है।
इसकी पुष्टि यूपी बोर्ड से हुई। इसके बावजूद पासपोर्ट अफसर ने सभी प्रक्रिया का सत्यापन कर फाइल ओके कर दी। उसका पासपोर्ट भी बन गया। ये खेल करने वाले वही पासपोर्ट अफसर हैं, जो कर्नलगंज वाले केस में पुलिस की जांच की जद में आए हैं।
निचले स्तर पर लगी थी आपत्ति
पासपोर्ट सेवा केंद्र पर आवेदक को दो से तीन चरण की प्रक्रिया करनी होती है, जिसमें पहले टोकन लिया जाता है। उसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन होता है। आखिर में पासपोर्ट अफसर फाइल पास करते हैं। संतोष के दस्तावेजों से पता चला कि उस दौरान सेवा केंद्र पर तैनात बाबू यादव ने मार्कशीट को लेकर आपत्ति लगाई थी। मगर बाद में ये फाइल पासपोर्ट अफसर शैलेंद्र सिन्हा के पास पहुंची थी, तो उन्होंने इसे नजरअंदाज कर फाइल पास कर दी थी। उसी आधार पर संतोष का पासपोर्ट बना।
लंबे समय से चल रहा है फर्जीवाड़ा
2019 में तैनात पासपोर्ट अफसर वर्तमान में भी कानपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र पर ही तैनात हैं। संतोष के पासपोर्ट मामले के खुलासे से साफ है कि ये खेल काफी समय से चलता आ रहा है। दोबारा जब अफसर की पोस्टिंग हुई तो फिर फर्जीवाड़ा शुरू हो गया। कर्नलगंज पुलिस जल्द ही अफसर से पूछताछ कर सकती है।
पुलिस ने पकड़ा था वसीम को
24 जनवरी को कर्नलगंज पुलिस ने बाबूपुरवा निवासी वसीम अली को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने खुलासा किया था कि वसीम लोगों के शैक्षणिक व अन्य दस्तावेज फर्जी तैयार कर उनके जरिये वैध पासपोर्ट बनवाता था। पुलिस ने जब तफ्तीश की तो इसमें पासपोर्ट अफसर का नाम सामने आया है। पुलिस छानबीन कर रही है। ये वही पासपोर्ट अफसर हैं, जिन्होंने 2019 में संतोष व मोकील अंसारी समेत कई और का फर्जी दस्तावेजों पर पासपोर्ट जारी किया है।