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स्वच्छता जागरूकता पहलः अमर उजाला का पैगाम समाज की खुशहाली के नाम
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 30 Aug 2017 10:39 AM IST
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सीएसए में अमर उजाला का स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम
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गांव-कस्बे-शहर तक ही नहीं, स्वच्छता अब पूरे मंडल का लक्ष्य बन गई है। जागरूक ग्राम प्रधानों से लेकर समर्पित सरकारी तंत्र तक स्वच्छता के पैगाम को समाज की खुशहाली के नाम करने में जुट गया है। आपका अपना समाचार पत्र अमर उजाला भी इस संदेश कोे मुहिम बना घर-घर पहुंचा रहा है। इस कड़ी में मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार और ‘अमर उजाला’ ने संयुक्त रूप से कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कैलाश भवन में मंडल स्तर की ‘स्वच्छता जागरूकता पहल’ आयोजित की। इसमें मंडल के सभी जिलों के पंचायती राज अधिकारी, ग्राम प्रधान और सचिव शामिल हुए। इस दौरान जिलाधिकारी ने सभी को अपने घर और समाज को स्वच्छ रखने की शपथ दिलाई।
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विदेश में जाकर नियम कानून मानने लगते हैं
सीएसए में अमर उजाला का स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि यहां के लोग विदेश में जाकर नियम कानून मानने लगते हैं। दुबई ही इसका उदाहरण है। जुर्माने के डर से वहां गंदगी फैलाना तो दूर लोग थूकने में भी सोचते हैं। उसी तर्ज पर अपने घर-शहर और मंडल को साफ सुथरा बनाना होगा।
उन्होंने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि महिलाओं को संकल्प लेना चाहिए कि जब तक घरों में शौचालय नहीं होंगे वे खाना नहीं बनाएंगी। गंदगी की वजह से पोलियो, हैजा, डायरिया जैसी बीमारी फैल रही हैं, जिसका असर आस-पास के लोगों पर भी होता है। एसएसपी सोनिया सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर खुले में शौच के दौरान बेटी-बहू के साथ छेड़छाड़ और बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही हैं। पुलिस अपराधियों को पकड़ने का काम कर रही है लेकिन सभी को अपने घरों में शौचालय का निर्माण करना चाहिए जिससे की इस तरह की घटनाएं न हों। नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि यहां सबसे बड़ी कमी जागरूकता की है।
शहर में 110 वार्डों में अभी भी 27 वार्ड ऐसे हैं जहां लोग खुले में शौच जाते हैं। बिरहाना रोड जैसे पॉश एरिया में लोग घरों की छत से कूड़ा फेंकते हैं जबकि सुबह हर एक दरवाजे पर कूड़े की गाड़ी पहुंचती है। लोगों की मानसिकता में बदलाव की जरूरत है। इससे पहले जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, एसएसपी सोनिया सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार, नगर आयुक्त अविनाश सिंह, डीडी पंचायत एसके सिंह ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान अपर नगर आयुक्त प्रथम अमृत पाल बिंद और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.पंकज श्रीवास्तव सहित अन्य अफसर मौजूद रहे।
उन्होंने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि महिलाओं को संकल्प लेना चाहिए कि जब तक घरों में शौचालय नहीं होंगे वे खाना नहीं बनाएंगी। गंदगी की वजह से पोलियो, हैजा, डायरिया जैसी बीमारी फैल रही हैं, जिसका असर आस-पास के लोगों पर भी होता है। एसएसपी सोनिया सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर खुले में शौच के दौरान बेटी-बहू के साथ छेड़छाड़ और बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही हैं। पुलिस अपराधियों को पकड़ने का काम कर रही है लेकिन सभी को अपने घरों में शौचालय का निर्माण करना चाहिए जिससे की इस तरह की घटनाएं न हों। नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि यहां सबसे बड़ी कमी जागरूकता की है।
शहर में 110 वार्डों में अभी भी 27 वार्ड ऐसे हैं जहां लोग खुले में शौच जाते हैं। बिरहाना रोड जैसे पॉश एरिया में लोग घरों की छत से कूड़ा फेंकते हैं जबकि सुबह हर एक दरवाजे पर कूड़े की गाड़ी पहुंचती है। लोगों की मानसिकता में बदलाव की जरूरत है। इससे पहले जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, एसएसपी सोनिया सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार, नगर आयुक्त अविनाश सिंह, डीडी पंचायत एसके सिंह ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान अपर नगर आयुक्त प्रथम अमृत पाल बिंद और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.पंकज श्रीवास्तव सहित अन्य अफसर मौजूद रहे।
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खास बातें, एक नजर में
सीएसए में अमर उजाला का स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम
- डीएम ने कहा विदेश में जुर्माने के डर से गंदगी फैलाना तो दूर लोग थूकने में भी सोचते हैं।
- संकल्प लें महिलाएं जब तक घरों में शौचालय नहीं होंगे वे खाना नहीं बनाएंगी।
- गंदगी की वजह से पोलियो, हैजा, डायरिया जैसी बीमारी फैल रही हैं।
- कानपुर के 110 वार्डों में 27 वार्ड ऐसे हैं जहां लोग खुले में शौच जाते हैं।
- बिरहाना रोड जैसे पॉश एरिया में लोग घरों की छत से कूड़ा फेंकते हैं।
- संकल्प लें महिलाएं जब तक घरों में शौचालय नहीं होंगे वे खाना नहीं बनाएंगी।
- गंदगी की वजह से पोलियो, हैजा, डायरिया जैसी बीमारी फैल रही हैं।
- कानपुर के 110 वार्डों में 27 वार्ड ऐसे हैं जहां लोग खुले में शौच जाते हैं।
- बिरहाना रोड जैसे पॉश एरिया में लोग घरों की छत से कूड़ा फेंकते हैं।
टॉयलेट एक प्रेम कथा बनानी पड़ी
सीएसए में अमर उजाला का स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि हमारे देश, हमारे गांव की स्थिति दर्शाने के लिए टॉयलेट एक प्रेम कथा जैसी फिल्म बनानी पड़ रही है। फिल्म बनाने का मकसद भले ही हमारे देश के लोगों को शौचालय के प्रति जागरूक करने का रहा हो लेकिन यह देखकर विश्व स्तर पर लोग आश्चर्यचकित हो रहे हैं। आज भी भारत में कुछ लोग शौच करने खेतों में जाते हैं। इससे सीख लेकर स्वच्छता का संदेश देना चाहिए। प्रदेश सरकार हर घर में शौचालय बनवाने के लिए मदद कर रही है।
ग्राम प्रधानों से हुई ये बातचीत
सीएसए में अमर उजाला का स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम
ग्राम पंचायत में एक हजार शौचालय बनाने का लक्ष्य मिला था इसमें लगभग 550 शौचालय बना दिए गए हैं। पिता को राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित किया गया था। मुझे भी सभी गांवों को एक महीने के अंदर ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) बनाना है।
- अनन्या सिंह, बहादुरपुर मझिगवां, कन्नौज
चार सौ शौचालय का टारगेट मिला था। सभी बना दिए गए। इसके अलावा अन्य ग्रामीणों को जागरूक कर 165 शौचालय और बनाए गए हैं। इसके लिए जिलाधिकारी ने सम्मानित भी किया है। जो हमेशा के लिए यादगार लम्हा रहेगा।
- नरेंद्र सिंह, कैटहा, फर्रुखाबाद
ओडीएफ गांव बनाने के लिए जी तोड़ मेहनत की गई है। 250 शौचालय का टारगेट दिया गया जो एक महीने पूरा कर दिया गया। स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक और गंदगी से होने वाली बीमारियों से अवगत कराया जा रहा है।
- ओमेंद्र सिंह, आलमपुर खेड़ा, कानपुर देहात
शौचालय अभियान के साथ ही ग्राम पंचायत में महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही महिलाओं को साक्षरता के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। शौचालय के टास्क को लगभग पूरा कर दिया है।
- सुमन देवी, अंडा दिनवामा ,औरैया
ओडीएफ गांव बनाने की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। दो अक्तूबर से पहले सभी गांव ओडीएफ हो जाएंगे। पंचायत में 280 शौचालय बन गए हैं। शौचालय बनने के साथ ही उनका निरंतर प्रयोग हो इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
- संतोष कुमार, भाला झइया, इटावा
316 शौचालय बनाने का टारगेट मिला था। उसे जनवरी में ही पूरा कर दिया गया। पति प्राइमरी स्कूल में पढ़ाने के साथ ही गांवों में जागरूकता अभियान चलाते हैं। गांवों के हर घर में शौचालय बना हुआ है।
- बसंती देवी, विसुनपुर, कानपुर
- अनन्या सिंह, बहादुरपुर मझिगवां, कन्नौज
चार सौ शौचालय का टारगेट मिला था। सभी बना दिए गए। इसके अलावा अन्य ग्रामीणों को जागरूक कर 165 शौचालय और बनाए गए हैं। इसके लिए जिलाधिकारी ने सम्मानित भी किया है। जो हमेशा के लिए यादगार लम्हा रहेगा।
- नरेंद्र सिंह, कैटहा, फर्रुखाबाद
ओडीएफ गांव बनाने के लिए जी तोड़ मेहनत की गई है। 250 शौचालय का टारगेट दिया गया जो एक महीने पूरा कर दिया गया। स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक और गंदगी से होने वाली बीमारियों से अवगत कराया जा रहा है।
- ओमेंद्र सिंह, आलमपुर खेड़ा, कानपुर देहात
शौचालय अभियान के साथ ही ग्राम पंचायत में महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही महिलाओं को साक्षरता के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। शौचालय के टास्क को लगभग पूरा कर दिया है।
- सुमन देवी, अंडा दिनवामा ,औरैया
ओडीएफ गांव बनाने की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। दो अक्तूबर से पहले सभी गांव ओडीएफ हो जाएंगे। पंचायत में 280 शौचालय बन गए हैं। शौचालय बनने के साथ ही उनका निरंतर प्रयोग हो इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
- संतोष कुमार, भाला झइया, इटावा
316 शौचालय बनाने का टारगेट मिला था। उसे जनवरी में ही पूरा कर दिया गया। पति प्राइमरी स्कूल में पढ़ाने के साथ ही गांवों में जागरूकता अभियान चलाते हैं। गांवों के हर घर में शौचालय बना हुआ है।
- बसंती देवी, विसुनपुर, कानपुर