Amar Ujala Divyaang Mela: मेले में उमड़ी भीड़ और कराया पंजीकरण, 66 का बना प्रमाण पत्र, 71 को मिलेंगे उपकरण
Kannauj News: सीडीओ आरएन सिंह ने अमर उजाला के इस प्रयास की सराहना करते हुए दिव्यांगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने शिविर में पहुंचे दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी तनुज त्रिपाठी को अधिक से अधिक संख्या में दिव्यांगों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए।
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कन्नौज जिले में कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के बीच विकास भवन में शनिवार को लगे दिव्यांग मेले में दिव्यांगों का हुजूम उमड़ पड़ा। अलग-अलग समस्या से ग्रस्त दिव्यांगों ने सहायक उपकरण पाने के लिए विशेषज्ञों से पंजीकरण कराया। पंजीकरण के बाद एलिम्को की टीम ने दिव्यांगों का परीक्षण किया। उन्हें 13.45 लाख रुपये की कीमत के उपकरण बांटे जाएंगे।
विकास भवन में आयोजित दिव्यांग मेले में सुबह से ही दिव्यांगों का पहुंचना शुरू हो गया। घने कोहरे के बावजूद 10 बजे से ही दिव्यांग पहुंच गए थे। बड़ी संख्या में दिव्यांग परिजनों के साथ पहुंचे। सबसे पहले सभी दिव्यांगों का हेल्प डेस्क पर पंजीकरण किया गया। इस काम में एनसीसी स्काउट के वालंटियर्स ने दिव्यांगों की सहायता की। उसके बाद एलिम्को टीम के सदस्यों ने एक-एक कर दिव्यांगों का परीक्षण किया।
256 दिव्यांगों ने अलग-अलग पंजीकरण काउंटरों से अपना पंजीकरण कराकर आवेदन किया। बैट्रीचालित मोटर ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, रोलेटर, ट्राईसाइकिल, ब्रेल किट, फोल्डेवल वाकर व छड़ी आदि उपकरण के लिए मूल्यांकन कर रसीद दी। सीडीओ आरएन सिंह ने अमर उजाला के इस प्रयास की सराहना करते हुए दिव्यांगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
अधिक से अधिक संख्या में दिव्यांगों का पंजीकरण कराने के निर्देश
उन्होंने शिविर में पहुंचे दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी तनुज त्रिपाठी को अधिक से अधिक संख्या में दिव्यांगों का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। कहा कि दिव्यांग को आवश्यकता हो] तो वह उनसे मिल सकता है। इस अवसर पर स्वास्थ्स विभाग के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. जेपी सलोनिया, नेत्र सर्जन डॉ. केबी गौतम, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सूरज, ईएनटी सर्जन डॉ. मोनिका सचान और सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे। नगर पालिका के सभासद मोहम्मद आसिफ ने जरूरतमंदों दिव्यांगों के आय प्रमाण बनाए।
दिव्यांगों के लिए मददगार बने एनसीसी के वालंटियर्स
दिव्यांग आंकलन शिविर में भारी संख्या में भीड़ उमड़ी। असहाय दिव्यांगों का पंजीकरण कराने के लिए चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय के स्काउट वालंटियर्स ने उनकी मदद करते हुए सहारा दिया। शिविर के दौरान कई दिव्यांग ऐसे आए थे, जो ठीक तरह से चल नहीं सकते थे। कार्यक्रम में मौजूद वालंटियर्स ने ऐसे लोगों को मुख्य गेट से पंजीकरण काउंटर तक पहुंचाकर पंजीकरण कराया। भटक रहे दिव्यांगों की भी उन्होंने मदद करते हुए उन्हें सही काउंटर पर पहुंचाते हुए उनका रजिस्ट्रेशन करवाया। वालंटियर्स पंजीकरण कराने आने वाले दिव्यांगों कर हर मुमकिन मदद पहुंचाई।
यह मिलेंगे उपकरण
उपकरण संख्या
बैट्रीचालित ट्राईसाइकिल 18
बिना बैट्री की ट्राईसाइकिल 32
हीयरिंग एड 12
बैसाखी 26
वाकिंग स्टिक 04
वाकिंग स्टिक एडजस्टबल 16
साथी व्हील चेयर 05
कृत्रिम हाथ-पैर के लिए छह बच्चों समेत 16 चयन
कैंप के दौरान ऐसे बच्चों का भी परीक्षण किया गया, जिनका किसी हादसे में हाथ या पैर कट गया था। ऐसे कुल 16 लोगों की एल्मिको की टीम ने पहचान कर उनका परीक्षण कर कृत्रिम हाथ और पैर के लिए चिन्हित किया। उन सभी की रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है।
चार साल से लगा रही थी विकलांग प्रमाण पत्र के लिए चक्कर
दिव्यांग बेटी पिछले चार साल से दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अस्पताल के चक्कर काट रही थी, लेकिन न तो पंजीकरण हो पा रहा था और न ही प्रमाण पत्र बन पा रहा था। मंगलवार को दिव्यांग अंजना अमर उजाला व केडीएमए की ओर से विकास भवन में लगे दिव्यांग मेले में पहुंची, जहां पर डॉक्टरों ने उसका परीक्षण कराकर पंजीकरण करा दिया और एक सप्ताह में प्रमाण पत्र डाक से घर पहुंचने का आश्वासन दिया। इसके बाद अमर उजाला के कार्य की सराहना की और धन्यवाद भी दिया।
अंजना के चेहरे पर मुस्कान छा गई
ब्लॉक उमर्दा के ग्राम निकारीपुर की अंजना दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वर्ष 2019 से दौड़ रही थी। इसके बाद भी अंजना का प्रमाण पत्र नहीं बन सका था। विकास भवन में लगे दिव्यांग मेले में अंजना पहुंची और उसे टोकन मिलने के बाद डॉक्टरों की टीम ने जांच की और एक फार्म भरवाया, जिसके बाद अंजना को लगा कि यहां पर भी उसका प्रमाण पत्र नहीं बन सकेगा। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने बताया कि पंजीकरण हो गया है और ऑनलाइन प्रमाण पत्र बनने के बाद डाक से घर भेज दिया जाएगा। इतना सुनते ही अंजना के चेहरे पर मुस्कान छा गई।
पति-पत्नी की जगी आस
नेपालपुर ककरहा के सुरेंद्र और पत्नी प्रीति देवी दिव्यांग हैं। दोनों ही दिव्यांग मेले में पहुंचे, लेकिन उनके पास दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं था। डॉक्टरों की टीम ने दोनों की जांच की। इसके बाद डाक से प्रमाण पत्र घर पहुंचने का आश्वासन दिया। प्रमाण पत्र बनने से दोनों के चेहरे खिल उठे।
पति को ट्राई साइकिल और पत्नी को मिलेगा कृत्रिम अंग
ब्लॉक छिबरामऊ के शाजहापुर की फरजाना और रशीद खान दिव्यांग हैं। दोनों दिव्यांग मेले में आए। टीम ने दोनों का परीक्षण कराया और इसके बाद पंजीकरण किया। रशीद खान का ट्राई साईकिल और फरजाना का कृत्रिम अंग में चयन हुआ, जिसके बाद दोनों ने अमर उजाला को धन्यवाद दिया।