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अमर उजाला पशु प्रेमी अभियान: बेजुबानों की भूख मिटा रहे पशु प्रेमी, लोगों को भी कर रहे जागरूक
Wed, 19 May 2021 04:01 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 19 May 2021 04:01 PM IST
सार
कानपुर में सड़क पर भूखे घूम रहे लावारिस पशुओं का पेट भरने का जिम्मा कुछ पशु प्रेमियों ने उठाया है। ये लोग बेसहारा जानवरों की सहायता के लिए भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
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अमर उजाला पशु प्रेमी अभियान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के चलते जहां एक तरफ गरीब लोगों के सामने दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने की समस्या है। वहीं, दूसरी तरफ सड़कों पर भूखे घूम रहे बेजुबान लावारिस पशुओं के सामने भी खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है।
ऐसे में सड़क पर भूखे घूम रहे लावारिस पशुओं का पेट भरने का जिम्मा कानपुर के कुछ पशु प्रेमियों ने उठाया है। बंगाली मोहाल शिवाला निवासी प्रखर तिवारी टीम कानपुर फॉर वॉइसलेंस के सक्रिय सदस्य हैं। 2010 में पिता के देहांत के बाद से वह लावारिस पशुओं की सेवा कर रहे हैं।
इससे पहले यह काम उनके पिता करते थे। वह बताते हैं कि जब से लॉकडाउन लगा है, तब से वह प्रतिदिन शिवाला, मेस्टन रोड, नवीन मार्केट, मॉल रोड, बिरहाना रोड, बंगाली मोहाल, धोबी मोहाल में लावारिस गाय, बैलों को चारा और कुत्तों को ब्रेड खिला रहे हैं। लोगों को भी बेजुआनों को भोजन खिलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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वहीं, गोविंद नगर की रहने वाली पशु प्रेमी तमन्ना सेठी स्पेशल ट्रीटमेंट फॉर एनिमल्स एंड रेप्टाइल्स सोसाइटी नामक एनजीओ संचालित कर रहीं हैं। वह बताती हैं कि 2014 से बेसहारा जानवरों को भोजन खिला रही हैं। पिछले वर्ष हुए लॉकडाउन में भी आसपास के गोवंशों, कुत्तों को भोजन दे रहीं थीं। इस बार जब से लॉकडाउन हुआ है तब से उनके साथ पूरा परिवार अलग-अलग क्षेत्रों में बेसहारा पशुओं को खाना उपलब्ध करा रहा है।
पशु प्रेमियों को दीं चरही
मिशन अंत्योदय संस्था ने ग्वालटोली स्थित कार्यालय पर विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए पशु प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं को संस्था के संस्थापक देव कबीर ने चरही दीं ताकि छुट्टा पशुओं को आसानी से पानी मिल सके। पशु प्रेमी अनिल कुमार, अनिल कुमार यादव, सरवन, अंकित समुद्रे, जोगेंद्र परिहार, सर्वेश, संजय यादव आदि को चरही दी गई।
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ऐसे में सड़क पर भूखे घूम रहे लावारिस पशुओं का पेट भरने का जिम्मा कानपुर के कुछ पशु प्रेमियों ने उठाया है। बंगाली मोहाल शिवाला निवासी प्रखर तिवारी टीम कानपुर फॉर वॉइसलेंस के सक्रिय सदस्य हैं। 2010 में पिता के देहांत के बाद से वह लावारिस पशुओं की सेवा कर रहे हैं।
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इससे पहले यह काम उनके पिता करते थे। वह बताते हैं कि जब से लॉकडाउन लगा है, तब से वह प्रतिदिन शिवाला, मेस्टन रोड, नवीन मार्केट, मॉल रोड, बिरहाना रोड, बंगाली मोहाल, धोबी मोहाल में लावारिस गाय, बैलों को चारा और कुत्तों को ब्रेड खिला रहे हैं। लोगों को भी बेजुआनों को भोजन खिलाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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वहीं, गोविंद नगर की रहने वाली पशु प्रेमी तमन्ना सेठी स्पेशल ट्रीटमेंट फॉर एनिमल्स एंड रेप्टाइल्स सोसाइटी नामक एनजीओ संचालित कर रहीं हैं। वह बताती हैं कि 2014 से बेसहारा जानवरों को भोजन खिला रही हैं। पिछले वर्ष हुए लॉकडाउन में भी आसपास के गोवंशों, कुत्तों को भोजन दे रहीं थीं। इस बार जब से लॉकडाउन हुआ है तब से उनके साथ पूरा परिवार अलग-अलग क्षेत्रों में बेसहारा पशुओं को खाना उपलब्ध करा रहा है।
पशु प्रेमियों को दीं चरही
मिशन अंत्योदय संस्था ने ग्वालटोली स्थित कार्यालय पर विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए पशु प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं को संस्था के संस्थापक देव कबीर ने चरही दीं ताकि छुट्टा पशुओं को आसानी से पानी मिल सके। पशु प्रेमी अनिल कुमार, अनिल कुमार यादव, सरवन, अंकित समुद्रे, जोगेंद्र परिहार, सर्वेश, संजय यादव आदि को चरही दी गई।