फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Allow half a million doctors wrong vein cut

गलत नस काट दी पांच लाख दें डॉक्टर

Fri, 05 Feb 2016 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Fri, 05 Feb 2016 01:52 AM IST
विज्ञापन
Allow half a million doctors wrong vein cut

गाल ब्लैडर के आपरेशन के दौरान गलत नस काटने पर जिला उपभोक्ता फोरम ने डॉक्टर को मरीज को इलाज में खर्च चार लाख रुपये, मानसिक व शारीरिक क्षति का एक लाख रुपये हर्जाना और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च देने का फैसला सुनाया है।

विज्ञापन


पनकी निवासी सोवरन सिंह ने ई ब्लाक पनकी स्थित बृज मेडिकल सेंटर के प्रबंधक डॉ. मनीष वर्मा और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड वीएस मार्ग लखनऊ के खिलाफ मुकदमा दायर किया था।
विज्ञापन


बताया था कि 20 हजार रुपये जमा कर 27 अप्रैल 2009 को दूरबीन पद्धति से गाल ब्लैडर में पथरी का ऑपरेशन कराया पर तबियत ठीक नहीं हुई। फिरदूसरे डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि सीबीडी नली (गॉल ब्लैडर और लीवर को जोड़ने वाली) कट गई थी। आपरेशन करने वाले डॉ. मनीष ने हैलट जाने को कह दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


हैलट से उन्हें मेडिकल कालेज लखनऊ रेफर कर दिया गया। चार लाख रुपये और खर्च हुए। फोरम में मामला जाने के बाद इंश्योरेंस कंपनी ने कहा कि डॉक्टर के व्यावसायिक कार्य का बीमा था। इसके बाद फोरम अध्यक्ष डॉ. आरएन सिंह, वरिष्ठ सदस्य सुनीताबाला अवस्थी, सदस्य पुरुषोत्तम सिंह ने गुरुवार को फैसला सुनाया।


पित्त को लीवर से आंत तक पहुंचाती है सीबीडी नली
कॉमन बाइल डक्ट (सीबीडी) नली लिवर और आंत से जुड़ी होती है। यह लिवर का पित्त आंत में पहुंचाती है। इसके कट जाने पर तत्काल एक नली डालकर मरीज को हायर सेंटर रेफर करना चाहिए। नली काफी पतली होती है इसलिए इसे तत्काल ठीक नहीं किया जा सकता है। हर केस में जटिलता होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed