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कानपुर: केडीए में हुए 2.15 करोड़ के डीजल घोटाले में तीन इंजीनियर सस्पेंड
Tue, 17 Aug 2021 06:45 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 17 Aug 2021 06:45 PM IST
सार
डीजल घोटाले में पेट्रोल पंप मालिक व प्रबंधक समेत तीन की अग्रिम जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट दयाराम ने खारिज कर दी है।
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केडीए
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) में दिसंबर 2017 से दिसंबर 2019 के बीच हुए 2.15 करोड़ के डीजल घोटाले में शासन ने तीन अवर अभियंताओं को निलंबित कर दिया है। तत्कालीन केडीए वीसी राकेश सिंह ने छह महीने पहले असद अली सिद्दीकी, रविंद्र प्रकाश और कर्मेंद्र सिंह के निलंबन की संस्तुति शासन से की थी।
मंगलवार को इनके निलंबन का आदेश जारी हो गया। तीनों अवर अभियंताओं का यहां से तबादला हो चुका था। कर्मचारी नेता बचाऊ सिंह ने मंडलायुक्त से पूरे मामले की शिकायत की थी।
आरोप लगाया था कि दिन में बिजली आने के दौरान भी कागजों में जनरेटर चलता दिखाकर विभाग से पैसा उठाया गया। इसके बाद कर्मचारियों और अफसरों ने धन का आपस में बंदरबांट किया। डीजल हर्ष नगर स्थित एक पेट्रोल पंप से आना दिखाया गया था।
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इस पर एडीएम सप्लाई बसंत लाल और केडीए सचिव गुडाकेश शर्मा की दो सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की। घोटाले की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई। इससे पहले तीन कर्मचारी भी निलंबित किए जा चुके हैं।
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मंगलवार को इनके निलंबन का आदेश जारी हो गया। तीनों अवर अभियंताओं का यहां से तबादला हो चुका था। कर्मचारी नेता बचाऊ सिंह ने मंडलायुक्त से पूरे मामले की शिकायत की थी।
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आरोप लगाया था कि दिन में बिजली आने के दौरान भी कागजों में जनरेटर चलता दिखाकर विभाग से पैसा उठाया गया। इसके बाद कर्मचारियों और अफसरों ने धन का आपस में बंदरबांट किया। डीजल हर्ष नगर स्थित एक पेट्रोल पंप से आना दिखाया गया था।
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इस पर एडीएम सप्लाई बसंत लाल और केडीए सचिव गुडाकेश शर्मा की दो सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की। घोटाले की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई। इससे पहले तीन कर्मचारी भी निलंबित किए जा चुके हैं।
पेट्रोल पंप मालिक समेत तीन की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
डीजल घोटाले में पेट्रोल पंप मालिक व प्रबंधक समेत तीन की अग्रिम जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट दयाराम ने खारिज कर दी है। नगर निगम, विकास प्राधिकरण, जलकल कर्मचारी समन्वय संघ कानपुर के अध्यक्ष बचाऊ सिंह की शिकायत के बाद हुई जांच में पता चला था कि केयर टेकर विभाग ने 2.15 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान ईंधन आपूर्तिकर्ता फर्म को कर दिया था।
मामले में स्वरूप नगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विशेष लोक अभियोजक प्रदीप पचौरी ने बताया कि पेट्रोल पंप मालिक दीपक अग्रवाल, सहयोगी शैलेंद्र अग्रवाल व प्रबंधक इंद्रकुमार पोद्दार ने कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। कोर्ट ने सरकारी राजस्व की हानि को गंभीर अपराध मानकर तीनों की अर्जियां खारिज कर दीं।
डीजल घोटाले में पेट्रोल पंप मालिक व प्रबंधक समेत तीन की अग्रिम जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट दयाराम ने खारिज कर दी है। नगर निगम, विकास प्राधिकरण, जलकल कर्मचारी समन्वय संघ कानपुर के अध्यक्ष बचाऊ सिंह की शिकायत के बाद हुई जांच में पता चला था कि केयर टेकर विभाग ने 2.15 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान ईंधन आपूर्तिकर्ता फर्म को कर दिया था।
मामले में स्वरूप नगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विशेष लोक अभियोजक प्रदीप पचौरी ने बताया कि पेट्रोल पंप मालिक दीपक अग्रवाल, सहयोगी शैलेंद्र अग्रवाल व प्रबंधक इंद्रकुमार पोद्दार ने कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। कोर्ट ने सरकारी राजस्व की हानि को गंभीर अपराध मानकर तीनों की अर्जियां खारिज कर दीं।