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यूपी: कानपुर में ऑल इंडिया सुन्नी उलमा काउंसिल ने कहा, खाली वक्त में मस्जिदों में चलाएं प्राइमरी स्कूल
Sat, 27 Jun 2020 07:51 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 27 Jun 2020 07:51 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में ऑल इंडिया सुन्नी उलमा काउंसिल ने हाईस्कूल और इंटर में कामयाबी हासिल करने वाले बच्चों को बधाई दी है। साथ ही दोनों टॉपर्स सूची में मुस्लिम समाज के अधिक बच्चों के न होने से चिंता भी जाहिर की है।
कहा गया कि सरकारों की लाख कोशिशों के बावजूद अल्पसंख्यकों के लिए बनीं योजनाएं ढंग से संचालित नहीं हो रही हैं। सुन्नी उलमा काउंसिल के महासचिव हाजी मो. सलीस ने केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को पत्र लिखकर मदरसों व अन्य अल्पसंख्यक संस्थाओं को दिए जा रहे बजट की मॉनीटरिंग कराने की मांग की है।
उनके मुताबिक केंद्र सरकार के स्तर पर गठित कई कमेटियों ने मुस्लिम समाज में शिक्षा की बदहाली पर अपनी रिपोर्ट दी हैं। लेकिन इनका असर नहीं दिख रहा है। उन्होंने सुबह फजिर की नमाज के बाद दोपहर को जोहर की नमाज तक खाली मस्जिदों में प्राइमरी कक्षाएं तथा आधुनिक विषय पढ़ाने की अपील की। कहा कि इससे शिक्षा का स्तर सुधरेगा और बच्चे भी पढ़ेंगे। इसमें एक मदरसा से कम खर्च आएगा।
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कहा गया कि सरकारों की लाख कोशिशों के बावजूद अल्पसंख्यकों के लिए बनीं योजनाएं ढंग से संचालित नहीं हो रही हैं। सुन्नी उलमा काउंसिल के महासचिव हाजी मो. सलीस ने केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को पत्र लिखकर मदरसों व अन्य अल्पसंख्यक संस्थाओं को दिए जा रहे बजट की मॉनीटरिंग कराने की मांग की है।
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उनके मुताबिक केंद्र सरकार के स्तर पर गठित कई कमेटियों ने मुस्लिम समाज में शिक्षा की बदहाली पर अपनी रिपोर्ट दी हैं। लेकिन इनका असर नहीं दिख रहा है। उन्होंने सुबह फजिर की नमाज के बाद दोपहर को जोहर की नमाज तक खाली मस्जिदों में प्राइमरी कक्षाएं तथा आधुनिक विषय पढ़ाने की अपील की। कहा कि इससे शिक्षा का स्तर सुधरेगा और बच्चे भी पढ़ेंगे। इसमें एक मदरसा से कम खर्च आएगा।
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