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Kanpur News: अखिलेश का दंभ... होटल कारोबारी से कहा था, मेरे रहते तुम्हें कोई गिरफ्तार नहीं कर सकता
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कानपुर। डरो मत शहर आ जाओ। मैं यहां बैठा हूं यह मेरा इलाका है। मेरे रहते कोई पुलिस वाला तुम्हें गिरफ्तार नहीं कर सकता। यह भरोसा चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में फंसने के बाद शहर छोड़कर भटक रहे होटल कारोबारी सुरेश पाल को दिया था। यह अलग बात है कि अब अखिलेश खुद जेल में बंद है। उसे उसी पुलिस ने जेल भेजा है जिस पर वह अपनी हुकूमत मानकर अमीरों को झूठे मामलों में फंसाकर लाखों की रंगदारी वसूलता था। अखिलेश पर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और दुष्कर्म के प्रयास जैसे झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप है।
दुष्कर्म के आरोप और अधिवक्ता अखिलेश दुबे के शिकंजे से छूटने के लिए 2.5 करोड़ की रंगदारी देने वाले होटल कारोबारी सुरेश इन दिनों बीमार रहते हैं। गुरुवार दोपहर रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले उन्होंने एसआईटी के अधिकारियों और फिर डीसीपी साउथ के सामने आप बीती सुनाई। कहा कि जेल जाने के डर और अखिलेश की रंगदारी वाली कॉल से परेशान होकर उन्हाेंने अपना होटल तक औने-पौने दामों में बेच दिया।
बताया कि शुरूआत में उन्हें लगा कि अखिलेश उनकी मदद करना चाह रहा है। हालांकि कुछ दिनों के भीतर ही सच्चाई सामने आ गई। उन्हें पता चल गया कि उनके खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट अखिलेश के इशारों और ही लिखी गई है। वह ही इस पूरे मामले का मास्टर माइंड है। उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वाई-ब्लॉक किदवईनगर इलाके में रहने वाली लड़की को मोहरा बना कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूरे मामले में तत्कालीन नौबस्ता थाने के पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध थी। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उन्होंने डर के मारे खुद शहर छोड़ दिया था जबकि इतने गंभीर आरोप के बाद नौबस्ता पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोई कोशिश नहीं की। यहां तक कि पुलिस टीम ने रिपोर्ट दर्ज करने के एक माह बाद तक भी उनके घर या होटल में दबिश नहीं दी थी। न ही उनके किसी खास व्यक्ति से उनके बारे में जानकारी जुटाई। एक माह बाद अखिलेश ने व्हाटसअप कॉल कर मिलने के लिए बुलाया। उन्होंने गिरफ्तारी के डर से शहर आने से इन्कार कर दिया। इस पर अखिलेश ने भरासा दिया था कि आ जाओ। मेरे रहते तुम्हें कोई गिरफ्तार नहीं कर सकता। ऐसे में साफ है कि पुलिस अखिलेश के साथ मिली थी और उसके इशारे पर काम कर रही थी।
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुरेश बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती है। उसकी सर्जरी होनी है। वह अस्पताल से छुट्टी लेकर ही रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर देने आया था। उसे एसआईटी के गठन के बाद न्याय मिलने का भरोसा हो गया था। उसने अखिलेश की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि बताया है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पूछताछ और मोबाइल की बरामदगी के लिए अखिलेश को रिमांड पर लेने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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दुष्कर्म के आरोप और अधिवक्ता अखिलेश दुबे के शिकंजे से छूटने के लिए 2.5 करोड़ की रंगदारी देने वाले होटल कारोबारी सुरेश इन दिनों बीमार रहते हैं। गुरुवार दोपहर रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले उन्होंने एसआईटी के अधिकारियों और फिर डीसीपी साउथ के सामने आप बीती सुनाई। कहा कि जेल जाने के डर और अखिलेश की रंगदारी वाली कॉल से परेशान होकर उन्हाेंने अपना होटल तक औने-पौने दामों में बेच दिया।
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बताया कि शुरूआत में उन्हें लगा कि अखिलेश उनकी मदद करना चाह रहा है। हालांकि कुछ दिनों के भीतर ही सच्चाई सामने आ गई। उन्हें पता चल गया कि उनके खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट अखिलेश के इशारों और ही लिखी गई है। वह ही इस पूरे मामले का मास्टर माइंड है। उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वाई-ब्लॉक किदवईनगर इलाके में रहने वाली लड़की को मोहरा बना कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पूरे मामले में तत्कालीन नौबस्ता थाने के पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध थी। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उन्होंने डर के मारे खुद शहर छोड़ दिया था जबकि इतने गंभीर आरोप के बाद नौबस्ता पुलिस ने उन्हें पकड़ने की कोई कोशिश नहीं की। यहां तक कि पुलिस टीम ने रिपोर्ट दर्ज करने के एक माह बाद तक भी उनके घर या होटल में दबिश नहीं दी थी। न ही उनके किसी खास व्यक्ति से उनके बारे में जानकारी जुटाई। एक माह बाद अखिलेश ने व्हाटसअप कॉल कर मिलने के लिए बुलाया। उन्होंने गिरफ्तारी के डर से शहर आने से इन्कार कर दिया। इस पर अखिलेश ने भरासा दिया था कि आ जाओ। मेरे रहते तुम्हें कोई गिरफ्तार नहीं कर सकता। ऐसे में साफ है कि पुलिस अखिलेश के साथ मिली थी और उसके इशारे पर काम कर रही थी।
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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुरेश बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती है। उसकी सर्जरी होनी है। वह अस्पताल से छुट्टी लेकर ही रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर देने आया था। उसे एसआईटी के गठन के बाद न्याय मिलने का भरोसा हो गया था। उसने अखिलेश की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि बताया है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पूछताछ और मोबाइल की बरामदगी के लिए अखिलेश को रिमांड पर लेने के प्रयास किए जा रहे हैं।