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एक ही दिन अलग-अलग मंच से अखिलेश मायावती करेंगे भाजपा पर हमला, तय हुई ये तारीख
Sun, 21 Apr 2019 01:15 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 21 Apr 2019 01:15 AM IST
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मायावती-अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : गूगल
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कानपुर में सपा-बसपा गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने 19 अप्रैल को तय किया था कि कानपुर नगर और अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में दोनों दलों में भाईचारे का संदेश देने के लिए मायावती और अखिलेश यादव एक ही मंच से दोनों क्षेत्रों की जनता को संबोधित करेंगे।
यह योजना कुछ ही घंटों में बदल दी गई। 20 अप्रैल की दोपहर तक तय हुआ कि दोनों दल अपने अपने प्रत्याशी पर फोकस करेंगे। अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव शहर में चुन्नीगंज स्थित जीआईसी मैदान में और बसपा सुप्रीमो मायावती रमईपुर में 24 अप्रैल को जनसभा को संबोधित करेंगी।
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यह योजना कुछ ही घंटों में बदल दी गई। 20 अप्रैल की दोपहर तक तय हुआ कि दोनों दल अपने अपने प्रत्याशी पर फोकस करेंगे। अब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव शहर में चुन्नीगंज स्थित जीआईसी मैदान में और बसपा सुप्रीमो मायावती रमईपुर में 24 अप्रैल को जनसभा को संबोधित करेंगी।
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दोनों शीर्ष नेता एक ही दिन एक ही जिले में अलग अलग मंचों पर होंगे। इस नीति के पीछे गठबंधन के दलों की जो भी सोच हो, लेकिन सपा बसपा के कार्यकर्ताओं का मानना है कि दोनों नेता एक मंच पर आते तो पार्टी के निचले तबके के कार्यकर्ताओं में आपसी भेदभाव खत्म होता।
अभी बसपा अकबरपुर (देहात) सीट पर जोर लगाए है तो सपा का पूरा ध्यान नगर सीट पर टिका है। यही रणनीति दोनों बड़े नेता भी अपना रहे हैं। हालांकि शुरुआत से ही बसपा अकबरपुर में अपने दम पर ही प्रचार करती नजर आई है। एकजुटता न होने की खबरें मीडिया में आने के बाद कुछके सम्मेलन यहां संयुक्त रूप से हुए।
अभी बसपा अकबरपुर (देहात) सीट पर जोर लगाए है तो सपा का पूरा ध्यान नगर सीट पर टिका है। यही रणनीति दोनों बड़े नेता भी अपना रहे हैं। हालांकि शुरुआत से ही बसपा अकबरपुर में अपने दम पर ही प्रचार करती नजर आई है। एकजुटता न होने की खबरें मीडिया में आने के बाद कुछके सम्मेलन यहां संयुक्त रूप से हुए।