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Akhilesh Dubey case: औने-पाैने दामों पर वर्दी का राैब दिखाकर जमीनें खरीदकर ऊंचे दामों परे बेचा

Mon, 25 Aug 2025 12:01 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 25 Aug 2025 12:01 AM IST
सार

एक सीओ की पत्नी, दूसरे के भाई और तीसरे के रिश्तेदार संग अखिलेश के बेटे और भतीजे ने कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाई थी। 20-20 फीसदी की हिस्सेदारी है। एसआईटी कंपनी की खरीदी और बेची संपत्तियों का डाटा जुटा रही है।

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Akhilesh case: Lands were bought at very low prices by showing power of uniform and sold at very high prices
अधिवक्ता अखिलेश दुबे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एसआईटी की जांच में साफ हो गया है कि जेल में बंद चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे के दरबार में हाजिरी लगाने वाले तीनों सीओ के परिजन और रिश्तेदार कंस्ट्रक्शन कंपनी में 20-20 फीसदी के हिस्सेदार हैं। इस कंपनी में अखिलेश का बेटा और उसका भतीजा भी साझीदार हैं। इनकी नजर विवादित जमीनों पर रहती है। मामले की पड़ताल कर रही एसआईटी अब इस कंस्ट्रक्शन कंपनी के माध्यम से की गई संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की जांच करा रही है।
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शहर में तैनाती के दौरान अखिलेश के दरबारी रहे वर्तमान में मैनपुरी में सीओ ऋषिकांत शुक्ला, लखनऊ में सीओ विकास पांडेय और हरदोई में सीओ संतोष सिंह को एसआईटी ने कारण बताओ नोटिस भेजे हैं। ये सभी अखिलेश के साथ व्यापारिक रूप से जुड़े हैं। इन लोगों ने अखिलेश के कहने पर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाई थी। खुद नौकरी में होने के कारण कंस्ट्रक्शन कंपनी में ऋषिकांत शुक्ला की पत्नी प्रभा शुक्ला, विकास पांडेय के भाई प्रदीप पांडेय और संतोष कुमार सिंह के करीबी रिश्तेदार अशोक कुमार सिंह शामिल किए गए।
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Akhilesh case: Lands were bought at very low prices by showing power of uniform and sold at very high prices
अधिवक्ता अखिलेश दुबे - फोटो : अमर उजाला
कंपनी में अखिलेश दुबे का बेटा अखिल और भतीजा सात्विक (भाई सर्वेश दुबे का बेटा) भी बराबर के साझीदार हैं। इस कंपनी के माध्यम से विवादित जमीनें औने-पाैने दामों पर खरीदी गईं। इन्हें ही महंगे दामों में बेचा गया। साथ ही खरीदने के बाद इन संपत्तियों को खाली कराने के लिए भी कई तरह के हथकंडे अपनाए गए हैं। इनमें लोगों को पुलिस का डर दिखाकर और झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देना तक शामिल है।

 

Akhilesh case: Lands were bought at very low prices by showing power of uniform and sold at very high prices
अधिवक्ता अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala
आज देने आ सकते हैं स्पष्टीकरण
एसआईटी से नोटिस मिलने के बाद दूसरे जिलों में तैनात सीओ ऋषिकांत शुक्ला, विकास पांडेय, संतोष सिंह व शहर में तैनात इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी को तीन दिन के अंदर एसआईटी के समक्ष अपना पक्ष रखना है। ऐसे में माना जा रहा है कि सोमवार को यह लोग एसआईटी के सामने अपना पक्ष रखने आ सकते हैं। वहीं, केडीए उपाध्यक्ष के पूर्व पीए महेंद्र सोलंकी व कश्यपकांत दुबे को भी बयान दर्ज कराने का नोटिस दिया गया है। यह लोग भी एसआईटी के सामने पेश हो सकते हैं। महेंद्र सोलंकी वर्तमान में बस्ती प्राधिकरण में तैनात है।
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