{"_id":"67d87640f064e369dd0551fe","slug":"air-force-cycling-team-leaves-for-nagpur-kanpur-news-c-12-1-knp1053-1039530-2025-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: वायु सैनिकों की साइक्लिंग टीम नागपुर के लिए रवाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: वायु सैनिकों की साइक्लिंग टीम नागपुर के लिए रवाना
विज्ञापन
भारतीय वायुसेना की अनुरक्षण कमान की 70वीं वर्षगांठ पर एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल विजय
- फोटो : स्रोत एयर फोर्स।
कानपुर। भारतीय वायुसेना की अनुरक्षण कमान की 70वीं वर्षगांठ पर वायु सेना स्टेशन से साइक्लिंग टीम सोमवार को नागपुर के लिए रवाना की गई। इसे अनुरक्षण कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एओसी-इन-सी) एयर मार्शल विजय कुमार गर्ग, एवीएसएम, वीएसएम ने झंडी दिखाई।
टीम में एक महिला समेत चार अधिकारी और 11 वायुसैनिक शामिल हैं। टीम रोज लगभग 100-125 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह अभियान बांदा, चित्रकूट, जबलपुर आदि प्रमुख क्षेत्रों से होते हुए नागपुर में समाप्त होगा। सात दिनों में लगभग 750 किलोमीटर की दूरी तय करने का लक्ष्य रखा गया है। बताया गया कि साइक्लिंग अभियान अनुरक्षण कमान की ओर प्रदान किए गए रखरखाव प्रथाओं और तकनीकी समाधानों के गौरवशाली अतीत का स्मरण कराता है।
भारतीय वायु सेना की इंजीनियरिंग प्रथाओं के इतिहास में कानपुर का बहुत महत्व है। चकेरी में 1955 में पहली बार अनुरक्षण कमान की स्थापना की गई थी, जो 1963 में नागपुर में चली गई। हालांकि, वायु सेना स्टेशन कानपुर 1940 के दशक की शुरुआत से पहले का है। उस दाैरान मित्र देशों की सेनाओं ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेनाओं के खिलाफ अभियान शुरू किया था। बाद में इसे भारतीय वायु सेना की अनुरक्षण कमान में अपग्रेड किया गया, जहां यह 1955-1963 तक जारी रहा। यह स्टेशन आज भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े रखरखाव बेस में से एक है। इसकी कमान एओसी एयर कमोडोर एमके प्रवीण वीएम के हाथों में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
टीम में एक महिला समेत चार अधिकारी और 11 वायुसैनिक शामिल हैं। टीम रोज लगभग 100-125 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह अभियान बांदा, चित्रकूट, जबलपुर आदि प्रमुख क्षेत्रों से होते हुए नागपुर में समाप्त होगा। सात दिनों में लगभग 750 किलोमीटर की दूरी तय करने का लक्ष्य रखा गया है। बताया गया कि साइक्लिंग अभियान अनुरक्षण कमान की ओर प्रदान किए गए रखरखाव प्रथाओं और तकनीकी समाधानों के गौरवशाली अतीत का स्मरण कराता है।
विज्ञापन
भारतीय वायु सेना की इंजीनियरिंग प्रथाओं के इतिहास में कानपुर का बहुत महत्व है। चकेरी में 1955 में पहली बार अनुरक्षण कमान की स्थापना की गई थी, जो 1963 में नागपुर में चली गई। हालांकि, वायु सेना स्टेशन कानपुर 1940 के दशक की शुरुआत से पहले का है। उस दाैरान मित्र देशों की सेनाओं ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेनाओं के खिलाफ अभियान शुरू किया था। बाद में इसे भारतीय वायु सेना की अनुरक्षण कमान में अपग्रेड किया गया, जहां यह 1955-1963 तक जारी रहा। यह स्टेशन आज भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े रखरखाव बेस में से एक है। इसकी कमान एओसी एयर कमोडोर एमके प्रवीण वीएम के हाथों में है।
विज्ञापन