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Kanpur News: मेहनत के तीरों से सफलता पर निशाना
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कानपुर। लक्ष्य पर नजर, हाथों में धनुष और लगातार अभ्यास की बदौलत विदुषी तीरों से सफलता पर लगातार निशाना साध रही हैं। छह वर्षों की कड़ी मेहनत से वह अब तक राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक की प्रतियोगिता में पदक पाने में कामयाब हुई हैं।
सेंट थॉमस स्कूल की छात्रा विदुषी शुक्ला ने शुरुआत से ही खेल के प्रति समर्पण और अनुशासन को प्राथमिकता दी। कोच संदीप कुमार के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। घंटों अभ्यास के बाद उनके निशाने में निरंतर निखार आता गया। हर प्रतियोगिता के साथ उन्होंने अपने प्रदर्शन को बेहतर किया और बड़ी चुनौतियों के लिए खुद को तैयार किया। शुरुआती दौर में ही 2022 में जौनपुर में आयोजित मिनी सब जूनियर स्टेट प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का संकेत दिया। इसके बाद रीजनल प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक हासिल किए।
वर्ष 2023 में सीआईएससीई की अंडर-17 रीजनल प्रतियोगिता में विदुषी ने दो स्वर्ण पदक जीते और बेस्ट आर्चर की ट्रॉफी हासिल की। इसके बाद सीआईएससीई नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित की। इस प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) की अंडर-17 राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ। 2024 में उन्होंने अंडर-19 वर्ग में भी अपनी चुनौती मजबूत की।
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सीआईएससीई प्रतियोगिता में पदक जीतने के साथ बेस्ट आर्चर की ट्रॉफी हासिल की। इसी वर्ष एसजीएफआई के लिए भी उनका चयन हुआ। सब जूनियर स्टेट प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल कर उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया। रीजनल स्तर पर एक स्वर्ण और एक रजत पदक भी उनके खाते में आया। 2025 में भी विदुषी ने रीजनल और नेशनल प्रतियोगिताओं में कुल छह पदक हासिल किए। एसजीएफआई अंडर-19 प्रतियोगिता में भी उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करते हुए शीर्ष-16 में जगह बनाई।
2026 में भी सीआईएससीई प्रतियोगिताओं में पदक हासिल करने के बाद वह राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हुईं। दो जुलाई 2026 को उन्होंने टाटा आर्चरी अकादमी के ट्रायल में हिस्सा लिया। विभिन्न चरणों के ट्रायल और टेस्ट में प्रदर्शन के बाद उनका चयन हुआ। विदुषी के पिता सुयश शुक्ला और माता नीतू हैं।
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सेंट थॉमस स्कूल की छात्रा विदुषी शुक्ला ने शुरुआत से ही खेल के प्रति समर्पण और अनुशासन को प्राथमिकता दी। कोच संदीप कुमार के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। घंटों अभ्यास के बाद उनके निशाने में निरंतर निखार आता गया। हर प्रतियोगिता के साथ उन्होंने अपने प्रदर्शन को बेहतर किया और बड़ी चुनौतियों के लिए खुद को तैयार किया। शुरुआती दौर में ही 2022 में जौनपुर में आयोजित मिनी सब जूनियर स्टेट प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का संकेत दिया। इसके बाद रीजनल प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक हासिल किए।
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वर्ष 2023 में सीआईएससीई की अंडर-17 रीजनल प्रतियोगिता में विदुषी ने दो स्वर्ण पदक जीते और बेस्ट आर्चर की ट्रॉफी हासिल की। इसके बाद सीआईएससीई नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित की। इस प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) की अंडर-17 राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ। 2024 में उन्होंने अंडर-19 वर्ग में भी अपनी चुनौती मजबूत की।
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सीआईएससीई प्रतियोगिता में पदक जीतने के साथ बेस्ट आर्चर की ट्रॉफी हासिल की। इसी वर्ष एसजीएफआई के लिए भी उनका चयन हुआ। सब जूनियर स्टेट प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल कर उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया। रीजनल स्तर पर एक स्वर्ण और एक रजत पदक भी उनके खाते में आया। 2025 में भी विदुषी ने रीजनल और नेशनल प्रतियोगिताओं में कुल छह पदक हासिल किए। एसजीएफआई अंडर-19 प्रतियोगिता में भी उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करते हुए शीर्ष-16 में जगह बनाई।
2026 में भी सीआईएससीई प्रतियोगिताओं में पदक हासिल करने के बाद वह राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हुईं। दो जुलाई 2026 को उन्होंने टाटा आर्चरी अकादमी के ट्रायल में हिस्सा लिया। विभिन्न चरणों के ट्रायल और टेस्ट में प्रदर्शन के बाद उनका चयन हुआ। विदुषी के पिता सुयश शुक्ला और माता नीतू हैं।