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बुंदेलखंड में खत्म होगी पानी-छुट्टा मवेशियों की समस्या, कृषि मंत्री बोले सरकार को है बदहाली का एहसास
Sat, 06 Jul 2019 08:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 06 Jul 2019 08:45 PM IST
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कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान राज्यमंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह (सफेद कुर्ते में)
- फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट में प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान राज्यमंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार को बुंदेलखंड की बदहाली व दर्द का एहसास है। खासकर पानी व छुट्टा मवेशियों की समस्या का समाधान कराने का प्रयास जारी है।
जल्द ही मुख्यमंत्री का इन क्षेत्रों में आगमन होगा और इन्हीं काम से जुड़ी परियोजनाएं चालू होंगी। प्रदेश सरकार के प्रयास से अन्य प्रांतों की कंपनियों ने यूपी में आकर गोबर व गोमूत्र भी खरीदना शुरू किया है। शनिवार को कृषक जागरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद स्तरीय खरीफ गोष्ठी एवं किसान मेला प्रदर्शनी का आयोजन मंदाकिनी गेस्ट हाउस कालूपुर में हुआ।
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जल्द ही मुख्यमंत्री का इन क्षेत्रों में आगमन होगा और इन्हीं काम से जुड़ी परियोजनाएं चालू होंगी। प्रदेश सरकार के प्रयास से अन्य प्रांतों की कंपनियों ने यूपी में आकर गोबर व गोमूत्र भी खरीदना शुरू किया है। शनिवार को कृषक जागरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद स्तरीय खरीफ गोष्ठी एवं किसान मेला प्रदर्शनी का आयोजन मंदाकिनी गेस्ट हाउस कालूपुर में हुआ।
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कृषि राज्यमंत्री ने खरीफ गोष्ठी एवं किसान मेले में जैविक खेती व गोपालन समेत पौधरोपण पर दिया जोर
जिसका शुभारंभ कर प्रदेश के कृषि राज्यमंत्री धुन्नी सिंह ने कहा कि बाहर की कंपनियां बुंदेलखंड में आने वाली हैं और कंपनी गाय का गोबर सात रुपये प्रति किलों के हिसाब से खरीदेंगी। जब गाय का गोबर और मूत्र से आप लोगों की आय बढे़गी तो गाय पालने में अधिक रुचि दिखाएंगे।
पशु पालन विभाग में ऐसा सीमन भेजा जा रहा है जिससे गायें से पैदा होने वाली बछियों की नस्ल बदल जाएगी और दूध में भी बढ़ोत्तरी होगी। उन्होंने कहा कि खेती में रासायनिक खादों का उपयोग न करके जैविक खादों का उपयोग कर उपजाऊ जमीन को बीमार होन से बचाएं।
बागवानी की खेती दूसरी फसल के अपेक्षा अधिक आय देने वाली है इसलिये बागवानी खेती पर अधिक ध्यान दें। उन्होंने पौधरोपण करने के बाद कहा कि सभी स्थानाें में नए हरे भरे पौधे होना चाहिए तभी अच्छी वर्षा होगी और जल का स्तर बढ़ेगा और पानी की समस्या खत्म होगी।
पशु पालन विभाग में ऐसा सीमन भेजा जा रहा है जिससे गायें से पैदा होने वाली बछियों की नस्ल बदल जाएगी और दूध में भी बढ़ोत्तरी होगी। उन्होंने कहा कि खेती में रासायनिक खादों का उपयोग न करके जैविक खादों का उपयोग कर उपजाऊ जमीन को बीमार होन से बचाएं।
बागवानी की खेती दूसरी फसल के अपेक्षा अधिक आय देने वाली है इसलिये बागवानी खेती पर अधिक ध्यान दें। उन्होंने पौधरोपण करने के बाद कहा कि सभी स्थानाें में नए हरे भरे पौधे होना चाहिए तभी अच्छी वर्षा होगी और जल का स्तर बढ़ेगा और पानी की समस्या खत्म होगी।