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खाद की 45 दुकानों पर छापे
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर देहात
Updated Tue, 23 Dec 2014 01:50 AM IST
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प्रमुख सचिव कृषि व जिलाधिकारी के निर्देशों पर एक साथ जनपद में छापा मार
अभियान चलाया गया।
अकबरपुर, रसूलाबाद, झींझक, डेरापुर, शिवली, मुंगीसापुर, सरवनखेड़ा, रनियां आदि स्थानों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान छापे की प्रक्रिया देख कई दुकानदार अपनी दुकानों के शटर गिराकर भाग निकले।
जानकारी के मुताबिक जिले में बड़े पैमाने पर निर्धारित मूल्य से अधिक दामों पर डीएपी व यूरिया बेंचे जाने की शिकायत मिल रही थी।
सोमवार को जिलाधिकारी मासूम अली सरवर के निर्देश पर तहसील क्षेत्रों में एक साथ खाद दुकानों पर छापेमारी की गई। वहीं अकबरपुर में उपजिलाधिकारी सदर हरिहर राम के नेतृत्व में चले अभियान की भनक लगते ही कस्बे के खाद विक्रेता अपनी दुकानों के शटर गिराकर मौके से भाग निकले।
एसडीएम हरिहर राम ने बताया कि छापे के दौरान कस्बे की खाद दुकानें बंद हो गई। सिर्फ एक दुकान सहयोगी की खुली मिली थी। इस पर किसानों को बिक्री की रसीद नहीं दी जा रही थी। नमूना जांच के लिए लिया गया है। इन्हें नोटिस भेजा जाएगा।
इसी क्रम में जिले में 45 दुकानों की जांच की गई। इस दौरान संदेह के आधार पर यूरिया के 13 नमूने लिए गए, जिसमें 11 दुकानों के लाइसेंस अनियमितता के चलते निरस्त कर दिए गए हैं।
5 दुकानों को सील किया गया है। सुबह से शाम तक चले अभियान में जनपद की खाद दुकानों में खलबली मची रही। इस दौरान कई किसानों को छापे मारी के समय खाद और बीज तत्काल मिल जाने का फायदा भी मिल गया।
छापामार अभियान के दौरान भूमि संरक्षण अधिकारी ऋषिकेश सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी आरके वर्मा आदि मौजूद रहे।
अकबरपुर, रसूलाबाद, झींझक, डेरापुर, शिवली, मुंगीसापुर, सरवनखेड़ा, रनियां आदि स्थानों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। इस दौरान छापे की प्रक्रिया देख कई दुकानदार अपनी दुकानों के शटर गिराकर भाग निकले।
जानकारी के मुताबिक जिले में बड़े पैमाने पर निर्धारित मूल्य से अधिक दामों पर डीएपी व यूरिया बेंचे जाने की शिकायत मिल रही थी।
सोमवार को जिलाधिकारी मासूम अली सरवर के निर्देश पर तहसील क्षेत्रों में एक साथ खाद दुकानों पर छापेमारी की गई। वहीं अकबरपुर में उपजिलाधिकारी सदर हरिहर राम के नेतृत्व में चले अभियान की भनक लगते ही कस्बे के खाद विक्रेता अपनी दुकानों के शटर गिराकर मौके से भाग निकले।
एसडीएम हरिहर राम ने बताया कि छापे के दौरान कस्बे की खाद दुकानें बंद हो गई। सिर्फ एक दुकान सहयोगी की खुली मिली थी। इस पर किसानों को बिक्री की रसीद नहीं दी जा रही थी। नमूना जांच के लिए लिया गया है। इन्हें नोटिस भेजा जाएगा।
इसी क्रम में जिले में 45 दुकानों की जांच की गई। इस दौरान संदेह के आधार पर यूरिया के 13 नमूने लिए गए, जिसमें 11 दुकानों के लाइसेंस अनियमितता के चलते निरस्त कर दिए गए हैं।
5 दुकानों को सील किया गया है। सुबह से शाम तक चले अभियान में जनपद की खाद दुकानों में खलबली मची रही। इस दौरान कई किसानों को छापे मारी के समय खाद और बीज तत्काल मिल जाने का फायदा भी मिल गया।
छापामार अभियान के दौरान भूमि संरक्षण अधिकारी ऋषिकेश सिंह, जिला कृषि रक्षा अधिकारी आरके वर्मा आदि मौजूद रहे।