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रेल मंत्री को ट्वीट के बाद आयुषी को ट्रेन में मिला खाना
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 04 Dec 2016 11:28 AM IST
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पैसे खत्म होने पर 30 घंटे लेट चल रही मगध में वेंडर ने नहीं दिया था खाना
30 घंटे देरी से चल रही अप मगध एक्सप्रेस से यात्रा कर रही बीटेक छात्रा के पास 150 रुपये न होने पर उसे पेंट्रीकार से खाना नहीं मिला। इस पर उसने दिल्ली में परिजनों को फोन से इसकी सूचना दी। उन्होंने इस संदर्भ में रेल मंत्री को ट्वीट कर दिया, जिस पर रेल मंत्रेलय ने तुरंत ही कंट्रोल को इटावा स्टेशन पर छात्रा को खाना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ट्रेन के शनिवार दोपहर इटावा स्टेशन पर पहुंचने पर छात्रा को आरपीएफ ने खाना और नाश्ता उपलब्ध कराया।
दिल्ली निवासी छात्रा आयुषी चंद्रा इलाहाबाद में मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन की पढ़ाई कर रही है। आयुषी ने दिल्ली स्थित घर जाने के लिए मगध एक्सप्रेस में एक दिसंबर का रिजर्वेशन कराया था लेकिन ट्रेन दो दिसंबर को रात 10:30 बजे इलाहाबाद स्टेशन पहुंची। लगभग 24 घंटे स्टेशन पर बिताने के बाद आयुषी 12401 अप मगध एक्सप्रेस के एसी कोच नंबर बी-2 में अपनी बर्थ 40 पर सवार होकर चल दी। इलाहाबाद से कानपुर आते-आते ट्रेन और लेट हो गई। शनिवार सुबह 10 बजे उसने कोच के अन्य यात्रियों से बात की। जब उसे यह जानकारी हुई कि ट्रेन को अभी दिल्ली पहुंचने में रात हो जाएगी तो उसने वेंडर से खाना मांगा तो वेंडर ने खाने के रेट 150 रुपये बताए और चला गया। आयुषी के अनुसार स्टेशन और ट्रेन में ही काफी समय बीत जाने पर उसके पास सिर्फ 100 का एक नोट ही बचा था। ऐसे में खाना न मिलने पर उसने पिता अशोक चंद्रा व मां रजनीगंधा को इसकी जानकारी दी। बेटी के ट्रेन में भूखे होने से परिजन परेशान हो उठे और उन्होंने रेलमंत्री को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी, जिस पर तुरंत ही रेल मंत्रालय ने इटावा कंट्रोल को निर्देश दिए कि अगले स्टेशन पर ही छात्रा को खाना उपलब्ध कराया जाए। आरपीएफ एसआई डीपी सिंह, कांस्टेबिल रामाधीन राठौर व रामकुमार साहू छात्रा के लिए समोसे, पराठे और सब्जी, पानी लेकर प्लेटफार्म पर पहुंचे।
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दिल्ली निवासी छात्रा आयुषी चंद्रा इलाहाबाद में मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन की पढ़ाई कर रही है। आयुषी ने दिल्ली स्थित घर जाने के लिए मगध एक्सप्रेस में एक दिसंबर का रिजर्वेशन कराया था लेकिन ट्रेन दो दिसंबर को रात 10:30 बजे इलाहाबाद स्टेशन पहुंची। लगभग 24 घंटे स्टेशन पर बिताने के बाद आयुषी 12401 अप मगध एक्सप्रेस के एसी कोच नंबर बी-2 में अपनी बर्थ 40 पर सवार होकर चल दी। इलाहाबाद से कानपुर आते-आते ट्रेन और लेट हो गई। शनिवार सुबह 10 बजे उसने कोच के अन्य यात्रियों से बात की। जब उसे यह जानकारी हुई कि ट्रेन को अभी दिल्ली पहुंचने में रात हो जाएगी तो उसने वेंडर से खाना मांगा तो वेंडर ने खाने के रेट 150 रुपये बताए और चला गया। आयुषी के अनुसार स्टेशन और ट्रेन में ही काफी समय बीत जाने पर उसके पास सिर्फ 100 का एक नोट ही बचा था। ऐसे में खाना न मिलने पर उसने पिता अशोक चंद्रा व मां रजनीगंधा को इसकी जानकारी दी। बेटी के ट्रेन में भूखे होने से परिजन परेशान हो उठे और उन्होंने रेलमंत्री को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी, जिस पर तुरंत ही रेल मंत्रालय ने इटावा कंट्रोल को निर्देश दिए कि अगले स्टेशन पर ही छात्रा को खाना उपलब्ध कराया जाए। आरपीएफ एसआई डीपी सिंह, कांस्टेबिल रामाधीन राठौर व रामकुमार साहू छात्रा के लिए समोसे, पराठे और सब्जी, पानी लेकर प्लेटफार्म पर पहुंचे।
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