{"_id":"5d3c920f8ebc3e6c9b480fb5","slug":"after-the-snake-bites-brother-and-sister-died","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सांप के काटने के बाद झाड़फूंक कराते रहे परिजन, चली गई मासूम भाई-बहन की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांप के काटने के बाद झाड़फूंक कराते रहे परिजन, चली गई मासूम भाई-बहन की जान
Sat, 27 Jul 2019 11:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 27 Jul 2019 11:39 PM IST
विज्ञापन
सांप के काटने के बाद झाड़फूंक कराते रहे परिजन, चली गई भाई-बहन की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई दो मासूम भाई-बहन की जान शनिवार को परिजनों की लापरवाही से चली गई। दोनों को सांप ने काटा था और परिजन इलाज कराने की बजाय झाड़फूंक और झोलाछाप के चक्कर लगाते रहे। अंत में चार घंटे बाद दोनों मासूमों ने दम तोड़ दिया।
संडीला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के चिकित्सक का कहना था कि अगर बच्चों को तुरंत यहां लाया जाता तो संभवतया जान बचाई जा सकती थी। बताया कि बच्चों के शरीर में जहर फैल गया था। यह हृदय विदारक घटना कोतवाली क्षेत्र के लोहरई गांव में घटित हुई।
विज्ञापन
संडीला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के चिकित्सक का कहना था कि अगर बच्चों को तुरंत यहां लाया जाता तो संभवतया जान बचाई जा सकती थी। बताया कि बच्चों के शरीर में जहर फैल गया था। यह हृदय विदारक घटना कोतवाली क्षेत्र के लोहरई गांव में घटित हुई।
विज्ञापन
तड़के चार बजे अवधेश का बेटा सुमित (6) और बेटी सिमरन (9) कमरे में तख्त पर सो रहे थे। इस दौरान सांप ने पहले बेटी सिमरन को काटा, फिर बेटे के हाथ पर लिपट गया। सांप के हाथ पर लिपटने के बाद सुमित चिल्लाया तो पिता अवधेश की नींद खुल गई।
उन्होंने बेटे के हाथ में सांप लिपटा देख छुड़ाया और सांप को पीट-पीटकर मार डाला। शोरशराबा सुनकर सिमरन की नींद खुली और कुछ दिखाई न देने की बात कहकर बेहोश हो गई। परिजन दोनों बच्चाें को झाड़फूंक कराने ले गए, फिर एक झोलाछाप के यहां भी इलाज को लेकर पहुंचे।
उन्होंने बेटे के हाथ में सांप लिपटा देख छुड़ाया और सांप को पीट-पीटकर मार डाला। शोरशराबा सुनकर सिमरन की नींद खुली और कुछ दिखाई न देने की बात कहकर बेहोश हो गई। परिजन दोनों बच्चाें को झाड़फूंक कराने ले गए, फिर एक झोलाछाप के यहां भी इलाज को लेकर पहुंचे।
झाड़फूंक और झोलाछाप के चक्कर लगाने के बाद दोनों बच्चे बेदम हो गए तो सुबह आठ बजे परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे। यहां डॉ. शक्ति आनंद ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भी परिजन नहीं मानें और बच्चों के शवों को लेकर झाड़फूंक के लिए लखनऊ चले गए।
शाम चार बजे दोनों शव लेकर वापस सीएचसी पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। खेती किसानी करने वाले अवधेश की बेटी सिमरन कक्षा चार और सुमित कक्षा एक में गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ते थे। अवधेश के परिवार में पत्नी सीमा, एक पुत्र ललित और दो माह की पुत्री और हैं।
शाम चार बजे दोनों शव लेकर वापस सीएचसी पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। खेती किसानी करने वाले अवधेश की बेटी सिमरन कक्षा चार और सुमित कक्षा एक में गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ते थे। अवधेश के परिवार में पत्नी सीमा, एक पुत्र ललित और दो माह की पुत्री और हैं।