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Kanpur News: समीक्षा में ग्राम्य विकास विभाग की पोल खुली, लापरवाह अफसरों पर गिरी गाज
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कानपुर। गांवों में सरकारी योजनाओं की हकीकत जानने के लिए सोमवार को हुई सीडीओ दीक्षा जैन की समीक्षा बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के अफसरों की लापरवाही सामने आ गई। करीब दो घंटे चली बैठक में सीडीओ ने जहां योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की।
बैठक में कल्याणपुर ब्लाॅक के बीडीओ न तो खुद बैठक में पहुंचे और न ही प्रतिनिधि भेजा, जिस पर बीडीओ उमेश चंद्र उत्तम से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश परियोजना निदेशक को दिए गए। डीडीओ के अनुपस्थित रहने पर बताया गया कि वे हाईकोर्ट गए हैं, लेकिन किसी प्रतिनिधि को न भेजे जाने पर सीडीओ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए। शिवराजपुर ब्लाॅक के कमालपुर खोदन गांव स्थित गोवंश आश्रय स्थल के संचालन में गंभीर खामियां मिलने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। बीडीओ की ओर से विकास अधिकारी और पशु चिकित्साधिकारी के बीच तालमेल की कमी की जानकारी देने पर दोनों को तत्काल प्रभाव से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। गोशालाओं में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए।
मनरेगा में ई-केवाईसी की प्रगति 75 प्रतिशत के लक्ष्य के सापेक्ष महज 38 प्रतिशत पाई गई, जिस पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई। तालाब खोदाई के काम की स्थिति भी चिंताजनक रही। 117 तालाबों के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 50 में ही कार्य शुरू मिला। सीडीओ ने निर्देश दिए कि अगले सप्ताह सभी तालाबों की खोदाई में प्रगति दिखनी चाहिए नहीं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति भी संतोषजनक न मिलने पर संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया।
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रेन वाटर हार्वेस्टिंग, स्वयं सहायता समूह, फैमिली आईडी, आयुष्मान कार्ड, मुख्यमंत्री आवास योजना और अन्नपूर्णा योजना की समीक्षा में चौबेपुर ब्लाॅक की स्थिति बेहद खराब पाई गई। इस पर बीडीओ यशवीर सिंह और ग्राम विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
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बैठक में कल्याणपुर ब्लाॅक के बीडीओ न तो खुद बैठक में पहुंचे और न ही प्रतिनिधि भेजा, जिस पर बीडीओ उमेश चंद्र उत्तम से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश परियोजना निदेशक को दिए गए। डीडीओ के अनुपस्थित रहने पर बताया गया कि वे हाईकोर्ट गए हैं, लेकिन किसी प्रतिनिधि को न भेजे जाने पर सीडीओ ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए। शिवराजपुर ब्लाॅक के कमालपुर खोदन गांव स्थित गोवंश आश्रय स्थल के संचालन में गंभीर खामियां मिलने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। बीडीओ की ओर से विकास अधिकारी और पशु चिकित्साधिकारी के बीच तालमेल की कमी की जानकारी देने पर दोनों को तत्काल प्रभाव से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। गोशालाओं में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए।
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मनरेगा में ई-केवाईसी की प्रगति 75 प्रतिशत के लक्ष्य के सापेक्ष महज 38 प्रतिशत पाई गई, जिस पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई। तालाब खोदाई के काम की स्थिति भी चिंताजनक रही। 117 तालाबों के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 50 में ही कार्य शुरू मिला। सीडीओ ने निर्देश दिए कि अगले सप्ताह सभी तालाबों की खोदाई में प्रगति दिखनी चाहिए नहीं तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति भी संतोषजनक न मिलने पर संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया।
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रेन वाटर हार्वेस्टिंग, स्वयं सहायता समूह, फैमिली आईडी, आयुष्मान कार्ड, मुख्यमंत्री आवास योजना और अन्नपूर्णा योजना की समीक्षा में चौबेपुर ब्लाॅक की स्थिति बेहद खराब पाई गई। इस पर बीडीओ यशवीर सिंह और ग्राम विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।