अधिवक्ता ने कमरा बंद कर खुद को गोली से उड़ाया, परिजनों ने कहा- बेचैनी हुई थी
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घटना गिरवां थाना के खुरहंड चौकी क्षेत्र अंतर्गत छिबांव गांव की है। यहां शिवाकांत द्विवेदी (38) पुत्र रामबहोरी ने शनिवार को दोपहर पैतृक मकान में खुद को कमरे में बंद करके पिता की 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक से गर्दन में गोली मार ली। लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। फायर की आवाज सुनकर परिजन दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे और खून से लथपथ अधिवक्ता को जिला अस्पताल लाए। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
शिवाकांत द्विवेदी पेशे से अधिवक्ता थे और करीब 5 वर्षों से अतर्रा तहसील में प्रैक्टिस कर रहे थे। बड़े भाई शशिकांत ने बताया कि मानसिक बीमारी का इलाज ग्वालियर में लंबे समय से चल रहा था। बताया कि शनिवार सुबह शिवाकांत को बेचैनी होने पर अस्पताल जाने की तैयारी थी। इसी बीच आत्महत्या कर ली। गिरवां थाना निरीक्षक दुर्ग विजय सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। बंदूक कब्जे में ले ली। अधिवक्ता की मृत्यु की सूचना पर जिला अस्पताल में अधिवक्ताओं और भाजपा नेताओं का जमावड़ा लग गया।