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नियमों के विरुद्ध बांट दिया छठे वेतनमान का एडवांस, बाद में वसूला

Sun, 13 Nov 2016 11:07 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 13 Nov 2016 11:07 AM IST
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advance of the sixth pay scale divided against rules later recovered
अब वेतन-फंड से हो रही वसूली, 1000 कर्मचारी प्रभावित
शासन से मंजूरी मिलने की उम्मीद में ही उप्र राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी), कानपुर के अधिकारियों ने नियम विरुद्ध कर्मचारियों को छठवें वेतनमान का एडवांस दे दिया। इसके बाद शासन ने मंजूरी नहीं दी तो कर्मचारियों से वसूली शुरू कर दी गई है। रिटायर होने वालों के फंड और कार्यरत कर्मचारियों के वेतन से यह कटौती जारी है। कटौती से नाराज कर्मचारियों ने बीते दिनों निगम के चेयरमैन आलोक रंजन को ज्ञापन सौंपा है।
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यूपीएसआईडीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरेंद्र अवस्थी ने बताया कि 2006 में छठा वेतनमान लगा था। अधिकारियों ने शासन की मंजूरी मिल जाने की उम्मीद में निगम बोर्ड से एरियर के एडवांस भुगतान का प्रस्ताव मंजूर करा लिया। 2009 में एक हजार कर्मचारियों को उनके ग्रेड के मुताबिक करीब 70 हजार रुपये से लेकर 1.75 लाख रुपये तक एरियर का एडवांस दिया गया। इसके बाद अधिकारियों ने शासन में कोई पैरवी नहीं की। 2015 में  सार्वजनिक उद्यम विभाग ने संस्थान की वित्तीय स्थिति एरियर भुगतान के लायक न होने के बावजूद 2006 से एरियर के एडवांस भुगतान को नियम विरुद्ध माना। हालांकि वित्तीय स्थिति सुधरने पर इस प्रस्ताव को दोबारा रखने का विकल्प दिया गया था। इसके बाद से यह प्रस्ताव शासन के समक्ष नहीं रखा गया है। कर्मचारियों को दिए गए एडवांस की कटौती की जा रही है।   
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