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Kanpur News: स्कूली वाहनों के सत्यापन तक थमी कार्रवाई, नियमों को तोड़ सड़क पर दौड़ रहे वाहन
Sun, 12 Apr 2026 01:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 12 Apr 2026 01:13 AM IST
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कानपुर देहात। जिले के निजी व सरकारी स्कूल के बच्चों को घर से लाने व स्कूल पहुंचाने के लिए परिवहन विभाग में करीब 610 वाहन पंजीकृत हैं। इन दिनों विभाग के अधिकारी इन वाहनों का सत्यापन कर उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनिटरिंग पोर्टल पर ऑनबोर्ड करने की प्रक्रिया पूरी करने में लगे हैं। इसके विपरीत बच्चों की जान से खिलवाड़ कर नियमों को दरकिनार कर अनफिट वाहन बच्चों को बैठाकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। जिम्मेदार इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। जब कोई बड़ा हादसा होता है, तो एक दिन इनके खिलाफ अभियान चला खानापूर्ति कर दी जाती है।
जिले के सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में 610 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 426 स्कूली बस व 184 मैक्सी कैब हैं लेकिन सड़कों पर इससे दो गुना स्कूली वाहन फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। शासन ने स्कूली वाहनों के लिए मानक तय कर रखे हैं। इसका पालन करवाने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग की है। इसके बाद भी अनदेखी हो रही है। हर महीने सड़क सुरक्षा समिति की होने वाली बैठक में जब जिला प्रशासन कार्रवाई के निर्देश देता है तो एक दो दिन अभियान चलता है उसके बाद सब ठंडे बस्ते में चला जाता है। शनिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने पड़ताल की तो नगर में नियमों की अनदेखी कर वाहन चालक बच्चों को बैठाकर सड़क पर निकलते नजर आए जबकि विभाग के अनुसार करीब 69 स्कूली वाहन को ब्लैकलिस्ट किए जाने के साथ कई स्कूल संचालकों व प्रबंधकों को नोटिस भी दिया है।
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कानपुर सर्विस रोड, दोपहर 1:40 बजे
अकबरपुर अंडरपास के पास पहुंचने पर कानपुर की तरफ जाने वाली सर्विस रोड पर उल्टी दिशा से एक निजी वाहन निकलता नजर आया। उसमें स्कूली बच्चे बैठे हुए थे। बच्चों की सुरक्षा को लेकर वाहन में एक भी मानक पूरे नजर नही आए। यह स्थिति तब है जब जिम्मेदार इन पर लगातार कार्रवाई किए जाने का दावा करते हैं।
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माती रोड, समय दोपहर 1:45 बजे
माती रोड से औरैया हाईवे की तरफ जाता एक स्कूली वाहन नजर आया। चालक ने मोड़ पर वाहन को खड़ा कर बच्चों को उतारा और चलता बना जबकि मार्ग पर दिन भर वाहनों का आना जाना रहता है। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। वाहन की खिड़कियों पर सुरक्षा जारी भी नहीं लगी हुई थी। वहीं पास में खड़े यातायात कर्मियों को यह नजर आता।
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औरैया हाईवे, समय दोपहर 2:00 बजे
रूरा मार्ग की तरफ से एक ई-रिक्शा चालक तेजी से औरैया हाईवे की तरफ निकलता नजर आया। इसमें छोटे-छोटे स्कूली बच्चे बैठे थे। ई-रिक्शा दोनों तरफ से खुला होने की वजह से कभी भी बच्चे गिर सकते हैं। नियम के अनुसार स्कूली वाहन बंद होने के साथ खिड़कियों पर जाली लगा होना जरूरी है। ऐसे में हादसा होने का डर बना रहता है।
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वर्जन
स्कूली वाहनों की जांच कर इनकी सूची यूपीआईएसवीएमपी पोर्टल पर अपलोड की जा रहा है। इसके अलावा मानक पूरा न करने वाले वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाते हुए कार्रवाई की जा रही है। साथ ही स्कूलों के संचालकों व प्रबंधकों को नोटिस जारी कर मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। - प्रशांत तिवारी, एआरटीओ , प्रशासन
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स्कूली वाहनों के यह है मानक
- वाहन का रजिस्ट्रेशन
- प्रदूषण और इंश्योरेंस प्रमाण पत्र
- फिटनेस प्रमाण पत्र
- वाहन में अग्निशमन यंत्र
- वाहन में जीपीएस व स्पीड गवर्नर
- सीसीटीवी कैमरा
- स्पीड कंट्रोल डिवाइस
- तय सीटिंग क्षमता के हिसाब से बच्चों को बैठाना
- चालक को कम से कम पांच वर्ष का अनुभव
- वाहन पर पुलिस हेल्पलाइन का नंबर
- वाहन पीले रंग से पेंट होना
- खिड़कियों पर जाली लगी होना
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जिले के सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में 610 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इनमें 426 स्कूली बस व 184 मैक्सी कैब हैं लेकिन सड़कों पर इससे दो गुना स्कूली वाहन फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। शासन ने स्कूली वाहनों के लिए मानक तय कर रखे हैं। इसका पालन करवाने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग की है। इसके बाद भी अनदेखी हो रही है। हर महीने सड़क सुरक्षा समिति की होने वाली बैठक में जब जिला प्रशासन कार्रवाई के निर्देश देता है तो एक दो दिन अभियान चलता है उसके बाद सब ठंडे बस्ते में चला जाता है। शनिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने पड़ताल की तो नगर में नियमों की अनदेखी कर वाहन चालक बच्चों को बैठाकर सड़क पर निकलते नजर आए जबकि विभाग के अनुसार करीब 69 स्कूली वाहन को ब्लैकलिस्ट किए जाने के साथ कई स्कूल संचालकों व प्रबंधकों को नोटिस भी दिया है।
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कानपुर सर्विस रोड, दोपहर 1:40 बजे
अकबरपुर अंडरपास के पास पहुंचने पर कानपुर की तरफ जाने वाली सर्विस रोड पर उल्टी दिशा से एक निजी वाहन निकलता नजर आया। उसमें स्कूली बच्चे बैठे हुए थे। बच्चों की सुरक्षा को लेकर वाहन में एक भी मानक पूरे नजर नही आए। यह स्थिति तब है जब जिम्मेदार इन पर लगातार कार्रवाई किए जाने का दावा करते हैं।
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माती रोड, समय दोपहर 1:45 बजे
माती रोड से औरैया हाईवे की तरफ जाता एक स्कूली वाहन नजर आया। चालक ने मोड़ पर वाहन को खड़ा कर बच्चों को उतारा और चलता बना जबकि मार्ग पर दिन भर वाहनों का आना जाना रहता है। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। वाहन की खिड़कियों पर सुरक्षा जारी भी नहीं लगी हुई थी। वहीं पास में खड़े यातायात कर्मियों को यह नजर आता।
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औरैया हाईवे, समय दोपहर 2:00 बजे
रूरा मार्ग की तरफ से एक ई-रिक्शा चालक तेजी से औरैया हाईवे की तरफ निकलता नजर आया। इसमें छोटे-छोटे स्कूली बच्चे बैठे थे। ई-रिक्शा दोनों तरफ से खुला होने की वजह से कभी भी बच्चे गिर सकते हैं। नियम के अनुसार स्कूली वाहन बंद होने के साथ खिड़कियों पर जाली लगा होना जरूरी है। ऐसे में हादसा होने का डर बना रहता है।
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वर्जन
स्कूली वाहनों की जांच कर इनकी सूची यूपीआईएसवीएमपी पोर्टल पर अपलोड की जा रहा है। इसके अलावा मानक पूरा न करने वाले वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाते हुए कार्रवाई की जा रही है। साथ ही स्कूलों के संचालकों व प्रबंधकों को नोटिस जारी कर मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। - प्रशांत तिवारी, एआरटीओ , प्रशासन
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स्कूली वाहनों के यह है मानक
- वाहन का रजिस्ट्रेशन
- प्रदूषण और इंश्योरेंस प्रमाण पत्र
- फिटनेस प्रमाण पत्र
- वाहन में अग्निशमन यंत्र
- वाहन में जीपीएस व स्पीड गवर्नर
- सीसीटीवी कैमरा
- स्पीड कंट्रोल डिवाइस
- तय सीटिंग क्षमता के हिसाब से बच्चों को बैठाना
- चालक को कम से कम पांच वर्ष का अनुभव
- वाहन पर पुलिस हेल्पलाइन का नंबर
- वाहन पीले रंग से पेंट होना
- खिड़कियों पर जाली लगी होना