{"_id":"61c496a604c95270945728c1","slug":"aap-leader-sanjay-singh-said-dm-commissioner-relatives-bought-land-in-ram-mandir-area-investigation-done-under-supervision-of-sit","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसआईटी की निगरानी में हो जांच: संजय सिंह बोले- राम मंदिर परिक्षेत्र में डीएम, कमिश्नर के परिजनों ने खरीदी जमीनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसआईटी की निगरानी में हो जांच: संजय सिंह बोले- राम मंदिर परिक्षेत्र में डीएम, कमिश्नर के परिजनों ने खरीदी जमीनें
Thu, 23 Dec 2021 09:02 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 23 Dec 2021 09:02 PM IST
सार
संजय सिंह का आरोप है कि अयोध्या के मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल के ससुर और साले और तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के पिता ने जमीनें खरीदीं। एडीएम पुरुषोत्तम दास गुप्ता और एसडीएम आदि ने भी जमीनें खरीदीं।
विज्ञापन
सांसद संजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने अयोध्या के राम मंदिर परिक्षेत्र में वहां के मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और दो विधायकों के परिजनों पर सस्ती दर पर जमीन खरीदकर महंगे में बेचने का आरोप लगाया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी का गठन कर जांच की मांग की है।
विज्ञापन
फजलगंज स्थित एक गेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता कर उन्होंने कहा कि इस भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर उन्हीं के खिलाफ उत्तर प्रदेश में 21 एफआईआर दर्ज की गईं। आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों पर एक भी एफआईआर नहीं हुई। कहा कि जब अगली सरकार आएगी तो दोषियों पर कार्रवाई जरूर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता और फर्जी अंकपत्र मामले में कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद पद से बर्खास्त विधायक इंद्रप्रताप तिवारी उर्फ खब्बू के परिजनों ने मंदिर परिक्षेत्र में जमीनें खरीदीं। अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय का पहले भी जमीन घोटाले में नाम आया था।
विज्ञापन
संजय सिंह का आरोप है कि अयोध्या के मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल के ससुर और साले और तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के पिता ने जमीनें खरीदीं। एडीएम पुरुषोत्तम दास गुप्ता और एसडीएम आदि ने भी जमीनें खरीदीं। कहा कि 10 रुपये के स्टांप पर अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की नियम विरुद्ध जमीनें खरीदी गईं। प्रयागराज के दलित व्यक्ति रोंघई ने अयोध्या आकर कुछ दलितों की 21 बीघा जमीनें खरीदीं। बाद में यह जमीन प्रेमचंद्र श्रीवास्तव के महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट को गैर पंजीकृत 10 रुपये के स्टांप पर बेच दी गईं। ट्रस्ट ने उस जमीन पर प्लॉटिंग शुरू कर दी, जबकि पहले अनुसूचित जाति की जमीन स्कूल-कॉलेज खोलने के नाम पर ली गई थी।
विज्ञापन