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Kanpur News: सूरज करता था बेटी को परेशान, पुलिस ने कार्रवाई में डाली ढील
Sun, 21 Sep 2025 01:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 21 Sep 2025 01:46 AM IST
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रूरा। (कानपुर देहात) थाना क्षेत्र के सुजनीपुर निवासी युवती की हत्या उसके ही प्रेमी ने दोस्त संग मिलकर कर दी। मृतका की मां ने आरोप लगाया कि आरोपी सूरज बेटी को परेशान करता था। बेटी के लापता होने पर उसने नौबस्ता थाना में रिपोर्ट दर्ज कर सूरज पर शक जाहिर किया था। इसके बाद भी पुलिस कार्रवाई में ढील डालती रही। यदि पुलिस पहले ही सूरज से पूछताछ करती तो कम से कम बेटी का शव तो देखने को नसीब हो जाता
सुजनीपुर निवासी आकांक्षा उर्फ माही (20) की मौत पर उसकी मां विजयश्री, भाई सूरज, आदर्श, बहन प्रतीक्षा रो-रोकर बेहाल हैं। विजयश्री ने बताया कि 20 जून 2024 को बेटी माही पड़ोसी की बेटियों के साथ कानपुर नगर के एक रेस्टोरेंट में काम करने के लिए गई थी। रेस्टोरेंट में साथ काम करने वाला सूरज उत्तम बेटी को परेशान करता था। इससे तंग आकर बेटी हनुमंत बिहार क्षेत्र के दूसरे होटल में नौकरी करने लगी। काम में व्यस्तता के चलते बेटी से प्रतिदिन संपर्क नहीं हो पाता था। 21 जुलाई को उसने बेटी से फोन पर आखरी बात हुई थी। इसके बाद कई दिन से फोन न आने पर उसने बेटी की तलाश शुरू की मगर पता नहीं चला।
इस पर आठ अगस्त को उसने नौबस्ता थाने में बेटी की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। उसने बेटी के लापता होने पर सूरज पर शक जाहिर किया था। कई बार थाना के चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस ने सुनवाई नहीं की। बेटी के न मिलने पर मां ने आठ सितंबर को सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी सूरज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो बेटी की हत्या की जानकारी हुई। हालांकि पुलिस माही का शव खोजने में जुटी है।
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बचपन से ही आत्मनिर्भर होने का था शौक
विजय श्री ने बताया कि माही चार बच्चों में तीसरे नंबर की थी। पति सुरेश उर्फ बच्चन की मौत के बाद से परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई थी। इसपर बेटी उससे हमेशा यही कहती थी कि आपकी बेटी क्या बेटे से कम है। पढ़ाई में कमजोर होने के चलते 12वीं में फेल हो जाने के बाद से उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। मगर बेटी तकनीकी कार्यों में कुशल थी। वह कढ़ाई, सिलाई, बुनाई सहित अन्य कामों को बखूबी कर लेती थी। उसे नहीं मालूम था कि कानपुर में नौकरी करना बेटी के लिए काल बन जाएगा। नहीं तो वह बेटी को नौकरी करने के लिए कानपुर नहीं भेजती।
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सुजनीपुर निवासी आकांक्षा उर्फ माही (20) की मौत पर उसकी मां विजयश्री, भाई सूरज, आदर्श, बहन प्रतीक्षा रो-रोकर बेहाल हैं। विजयश्री ने बताया कि 20 जून 2024 को बेटी माही पड़ोसी की बेटियों के साथ कानपुर नगर के एक रेस्टोरेंट में काम करने के लिए गई थी। रेस्टोरेंट में साथ काम करने वाला सूरज उत्तम बेटी को परेशान करता था। इससे तंग आकर बेटी हनुमंत बिहार क्षेत्र के दूसरे होटल में नौकरी करने लगी। काम में व्यस्तता के चलते बेटी से प्रतिदिन संपर्क नहीं हो पाता था। 21 जुलाई को उसने बेटी से फोन पर आखरी बात हुई थी। इसके बाद कई दिन से फोन न आने पर उसने बेटी की तलाश शुरू की मगर पता नहीं चला।
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इस पर आठ अगस्त को उसने नौबस्ता थाने में बेटी की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। उसने बेटी के लापता होने पर सूरज पर शक जाहिर किया था। कई बार थाना के चक्कर लगाने के बाद भी पुलिस ने सुनवाई नहीं की। बेटी के न मिलने पर मां ने आठ सितंबर को सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी सूरज को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो बेटी की हत्या की जानकारी हुई। हालांकि पुलिस माही का शव खोजने में जुटी है।
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बचपन से ही आत्मनिर्भर होने का था शौक
विजय श्री ने बताया कि माही चार बच्चों में तीसरे नंबर की थी। पति सुरेश उर्फ बच्चन की मौत के बाद से परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई थी। इसपर बेटी उससे हमेशा यही कहती थी कि आपकी बेटी क्या बेटे से कम है। पढ़ाई में कमजोर होने के चलते 12वीं में फेल हो जाने के बाद से उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। मगर बेटी तकनीकी कार्यों में कुशल थी। वह कढ़ाई, सिलाई, बुनाई सहित अन्य कामों को बखूबी कर लेती थी। उसे नहीं मालूम था कि कानपुर में नौकरी करना बेटी के लिए काल बन जाएगा। नहीं तो वह बेटी को नौकरी करने के लिए कानपुर नहीं भेजती।