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अनुसूचित जाति की एक महिला ने दृष्टिहीन पर लगाया छेड़खानी का आरोप, अब सामने ये आया सच
Wed, 17 Jul 2019 12:51 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 17 Jul 2019 12:51 AM IST
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कोर्ट ने सुनाया फैसला
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में अनुसूचित जाति की महिला ने एक दृष्टिहीन पर छेड़खानी का आरोप लगाकर एससीएसटी कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है। उसकी पत्नी और नाबालिग बच्चों पर भी गालीगलौज व धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
कोर्ट ने जब इस संबंध में रिपोर्ट मांगी, तो पेशबंदी के मामले का खुलासा हुआ। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। चकेरी की कांशीराम कॉलोनी निवासी महिला ने मोहल्ले के ही दृष्टिहीन मुकेश सोनी समेत उसके परिवार के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है।
आरोप लगाया कि 16 जून की शाम को जब वह अकेली थी, तब मुकेश ने घर में घुसकर छेड़छाड़ की। महिला के पति ने विरोध किया तो सभी ने जातिसूचक गालियां देते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
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कोर्ट में आई पुलिस रिपोर्ट में कहा गया कि मकान पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में विवाद है। अधिवक्ता प्रवीण फाइटर ने बताया कि नेत्रहीन पर छेड़खानी का आरोप लगाना गंभीर है। एक नाबालिग की उम्र ज्यादा लिखवाने का भी खुलासा हुआ है।
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कोर्ट ने जब इस संबंध में रिपोर्ट मांगी, तो पेशबंदी के मामले का खुलासा हुआ। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। चकेरी की कांशीराम कॉलोनी निवासी महिला ने मोहल्ले के ही दृष्टिहीन मुकेश सोनी समेत उसके परिवार के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है।
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आरोप लगाया कि 16 जून की शाम को जब वह अकेली थी, तब मुकेश ने घर में घुसकर छेड़छाड़ की। महिला के पति ने विरोध किया तो सभी ने जातिसूचक गालियां देते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
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कोर्ट में आई पुलिस रिपोर्ट में कहा गया कि मकान पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में विवाद है। अधिवक्ता प्रवीण फाइटर ने बताया कि नेत्रहीन पर छेड़खानी का आरोप लगाना गंभीर है। एक नाबालिग की उम्र ज्यादा लिखवाने का भी खुलासा हुआ है।