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Kanpur News: तीन सदस्यीय कमेटी करेगी वायरल तस्वीर मामले की जांच
Thu, 23 Jul 2026 01:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 23 Jul 2026 01:34 AM IST
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कानपुर देहात। मेडिकल कॉलेज में नवागंतुक प्राचार्य ने बुधवार को कार्यभार संभाल लिया। पदभार संभालते ही उन्होंने मेडिकल कॉलेज के कई गड़बड़ी में कार्य वाहक रहे प्राचार्य व डॉक्टर पर लगे आरोप के मामले में सख्ती दिखाई है। उन्होंने मामले में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर वायरल तस्वीर में दिख रहे लोगों से जवाब मांगा है।
कार्यभार संभालते ही नवागंतुक प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने पूरे मामले की जानकारी की। उन्होंने बताया कि वायरल तस्वीरों के मामले को लेकर डॉ. हरप्रीत सिंह, डॉ. विमल यादव से जवाब मांगा गया है। साथ ही उच्चाधिकारियों को मामला संज्ञान में लाने के साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें पैथोलॉजी की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. सोनल अमित, डॉ. नेहा के अलावा कोषाधिकारी को शामिल किया गया है। तीन सदस्यीय टीम तीन दिन में जांच रिपोर्ट देगी। जांच में जो लोग दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि सोमवार को एक युवक ने फेसबुक से अपनी वॉल पर मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह का एक फोटो वायरल किया। जिसमें उनकी टेबल के सामने नोटों की गड्डियां रखी हुईं दिख रहीं थी। वहीं, दूसरी फोटो में मेडिकल कॉलेज डॉ. विमल यादव बैठे नजर आ रहे हैं। साथ ही कुछ प्रपत्रों की फोटो भी वायरल की गई थी। पोस्ट करने वाले युवक ने लिखा कि स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अकबरपुर में बीते पांच माह में कार्यवाहक प्राचार्य, पूर्व सीएमएस व एक फार्मासिस्ट ने जो भ्रष्टाचार किए हैं उनके प्रमाण वह सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा है। इस पोस्ट के बाद से महकमें में खलबली मची हुई है।
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फर्मों के भुगतान का भी खंगाला जाएगा रिकॉर्ड
सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट के बाद कुछ कर्मचारियों के सगे संबंधियों के फर्म को काम दिए जाने के आरोप लगे है। जिसमें एक ही फर्म को एसी मरम्मत और एसटीपी टैंक की सफाई कराए जाने और भुगतान किए जाने के आरोप लगे हैं। इसके साथ ही कई फर्म को मनमाने ढंग से भुगतान करने का भी आरोप है। प्राचार्य का कहना है कि एक-एक प्रकरण की विधिवत जांच होगी, जिससे गड़बड़ी सामने आए। जिस स्तर पर जो भी दोषी होगी उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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पूर्व में भी भर्ती मामले में चर्चा में रहा मेडिकल कॉलेज
पिछले साल आउट सोर्स भर्ती गड़बड़ी किए जाने के आरोप लगे थे। इसमें आवेदन करने वाले कुछ लोगों ने रुपये लेकर चहेतों को भर्ती करने के आरोप लगाए थे। सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने मामले की जांच के लिए लिखा। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया रुक गई थी। मामले में जांच भी हुई। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया की गई।
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साफ सुथरी रहेगी व्यवस्था, गड़बड़ी करने वाले होंगे बाहर
कन्नौज जनपद से स्थानांतरित होकर आए प्रार्चाय डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज पहुंच कर कार्यभार संभाला। उन्होंने कॉलेज के प्रोफेसर, कर्मचारियों व स्टाफ के साथ मुलाकात कर एक दूसरे का परिचय लिया। इसके बाद उन्होंने कड़े निर्देश दिए। कहा शासन की मंशा के अनुरूप कार्य हो। प्राचार्य ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई को बेहतर बनाना ही उनकी प्राथमिकता है। यहां कुछ खामियां है, जिन्हें सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साफ सुथरी व्यवस्था रहेगी। पारदर्शिता के साथ काम होगा। स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। जो सेवाएं सुचारू रूप से संचालित नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाएगा। जिससे मरीजों को बेहतर लाभ मिल सके। कहा जो लोग गड़बड़ी कर रहे हैं उन्हें बाहर किया जाएगा।
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सब कुछ साजिश है, जांच से साफ होगी स्थिति
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर के बाद बुधवार को डॉ. हरप्रीत सिंह ने कहा कि जो लोग पूर्व में काम कर रहे थे, उनको हटाया गया। उन लोगों ने साजिश रची है। भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ही बदनाम करने की साजिश हुई। जो कुछ भी सब जांच का विषय है। मैंने पूरे प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।
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मेरा 62 वर्ष का कार्यकाल पूरा, वरिष्ठ परामर्शदाता का कर रही कार्य
पूर्व सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने कहा है सोशल मीडिया पर भुगतान और अन्य गड़बड़ी के जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह सभी निराधार हैं। सरकारी तंत्र है, जितने भी कर्मचारी होते हैं सभी से काम लिया जाता है, मेरा कोई चहेता नहीं है। 31 दिसंबर को मेरा 62 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया था। इसके बाद आगे शासन की मंशा के अनुरूप प्रधानाचार्य के निर्देश पर वरिष्ठ परामर्शदाता के रूप में काम कर रही हूं। जो भी भुगतान होता है कार्यालय से होता है। सारी कार्रवाई प्रधानाचार्य कार्यालय से होगी।
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कार्यभार संभालते ही नवागंतुक प्राचार्य डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने पूरे मामले की जानकारी की। उन्होंने बताया कि वायरल तस्वीरों के मामले को लेकर डॉ. हरप्रीत सिंह, डॉ. विमल यादव से जवाब मांगा गया है। साथ ही उच्चाधिकारियों को मामला संज्ञान में लाने के साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें पैथोलॉजी की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. सोनल अमित, डॉ. नेहा के अलावा कोषाधिकारी को शामिल किया गया है। तीन सदस्यीय टीम तीन दिन में जांच रिपोर्ट देगी। जांच में जो लोग दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि सोमवार को एक युवक ने फेसबुक से अपनी वॉल पर मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. हरप्रीत सिंह का एक फोटो वायरल किया। जिसमें उनकी टेबल के सामने नोटों की गड्डियां रखी हुईं दिख रहीं थी। वहीं, दूसरी फोटो में मेडिकल कॉलेज डॉ. विमल यादव बैठे नजर आ रहे हैं। साथ ही कुछ प्रपत्रों की फोटो भी वायरल की गई थी। पोस्ट करने वाले युवक ने लिखा कि स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय अकबरपुर में बीते पांच माह में कार्यवाहक प्राचार्य, पूर्व सीएमएस व एक फार्मासिस्ट ने जो भ्रष्टाचार किए हैं उनके प्रमाण वह सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा है। इस पोस्ट के बाद से महकमें में खलबली मची हुई है।
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फर्मों के भुगतान का भी खंगाला जाएगा रिकॉर्ड
सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट के बाद कुछ कर्मचारियों के सगे संबंधियों के फर्म को काम दिए जाने के आरोप लगे है। जिसमें एक ही फर्म को एसी मरम्मत और एसटीपी टैंक की सफाई कराए जाने और भुगतान किए जाने के आरोप लगे हैं। इसके साथ ही कई फर्म को मनमाने ढंग से भुगतान करने का भी आरोप है। प्राचार्य का कहना है कि एक-एक प्रकरण की विधिवत जांच होगी, जिससे गड़बड़ी सामने आए। जिस स्तर पर जो भी दोषी होगी उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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पूर्व में भी भर्ती मामले में चर्चा में रहा मेडिकल कॉलेज
पिछले साल आउट सोर्स भर्ती गड़बड़ी किए जाने के आरोप लगे थे। इसमें आवेदन करने वाले कुछ लोगों ने रुपये लेकर चहेतों को भर्ती करने के आरोप लगाए थे। सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने मामले की जांच के लिए लिखा। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया रुक गई थी। मामले में जांच भी हुई। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया की गई।
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साफ सुथरी रहेगी व्यवस्था, गड़बड़ी करने वाले होंगे बाहर
कन्नौज जनपद से स्थानांतरित होकर आए प्रार्चाय डॉ. अंबरीश कुमार गुप्ता ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज पहुंच कर कार्यभार संभाला। उन्होंने कॉलेज के प्रोफेसर, कर्मचारियों व स्टाफ के साथ मुलाकात कर एक दूसरे का परिचय लिया। इसके बाद उन्होंने कड़े निर्देश दिए। कहा शासन की मंशा के अनुरूप कार्य हो। प्राचार्य ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई को बेहतर बनाना ही उनकी प्राथमिकता है। यहां कुछ खामियां है, जिन्हें सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साफ सुथरी व्यवस्था रहेगी। पारदर्शिता के साथ काम होगा। स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। जो सेवाएं सुचारू रूप से संचालित नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जाएगा। जिससे मरीजों को बेहतर लाभ मिल सके। कहा जो लोग गड़बड़ी कर रहे हैं उन्हें बाहर किया जाएगा।
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सब कुछ साजिश है, जांच से साफ होगी स्थिति
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर के बाद बुधवार को डॉ. हरप्रीत सिंह ने कहा कि जो लोग पूर्व में काम कर रहे थे, उनको हटाया गया। उन लोगों ने साजिश रची है। भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ही बदनाम करने की साजिश हुई। जो कुछ भी सब जांच का विषय है। मैंने पूरे प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।
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मेरा 62 वर्ष का कार्यकाल पूरा, वरिष्ठ परामर्शदाता का कर रही कार्य
पूर्व सीएमएस डॉ. वंदना सिंह ने कहा है सोशल मीडिया पर भुगतान और अन्य गड़बड़ी के जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह सभी निराधार हैं। सरकारी तंत्र है, जितने भी कर्मचारी होते हैं सभी से काम लिया जाता है, मेरा कोई चहेता नहीं है। 31 दिसंबर को मेरा 62 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया था। इसके बाद आगे शासन की मंशा के अनुरूप प्रधानाचार्य के निर्देश पर वरिष्ठ परामर्शदाता के रूप में काम कर रही हूं। जो भी भुगतान होता है कार्यालय से होता है। सारी कार्रवाई प्रधानाचार्य कार्यालय से होगी।