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Kanpur News: एक माह बीता, नहीं आई पानी के नमूने की जांच रिपोर्ट
Wed, 11 Mar 2026 01:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 11 Mar 2026 01:53 AM IST
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रनियां। खानचंद्रपुर में दूषित हुए भूजल के प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए प्रशासन की ओर से पाइप लाइन से स्वच्छ पेय जल मुहैया करवाए जाने का दावा है। इसके बाद भी लोगों के शरीर में मानक से अधिक क्रोमियम व अन्य भारी तत्व पाए जा रहे हैं। वहीं जल निगम व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लिया गया पानी के सैंपल की एक माह बाद भी जांच रिपोर्ट न आने से लोगों में उहापोह की स्थिति है। वह इस संशय में हैं कि पानी पीने योग्य है या नहीं।
औद्योगिक क्षेत्र रनियां में खानचंद्रपुर-मटियामऊ मार्ग पर 20 साल से अधिक समय तक क्रोमियम डंप रहने से खानचंद्रपुर, इसके मजरा चौहान पुरवा, यादव पुरवा और पाल पुरवा का भूजल दूषित हो गया था। इस पर जल निगम की ओर से पाल पुरवा में बनी टंकी का बोरबेल चौहान पुरवा में शिफ्ट कर साफ पानी की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद भी खानचंद्रपुर व इसके मजरों में लोगों के शरीर में मानक से अधिक क्रोमियम, मर्करी व फ्लोराइड जैसे घातक तत्व पहुंच रहे हैं, यहां तक कि इसका दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाई गई पिछली चार जांचों में सभी लोगों के खून में मानक से अधिक क्रोमियम मिला है। जबकि कुछ लोगों में मर्करी व फ्लोराइड पाया है। इससे यहां रहने वाले लोग चिंतित हैं।
लोगों की समस्या को देखते हुए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जल निगम की ओर से खानचंद्रपुर के लोगों को दिए जाने वाले पानी के नमूने लेकर जांच के लिए फरवरी माह में लखनऊ प्रयोगशाला भेजे थे। एक माह हो गया है इनकी रिपोर्ट अभी तक न मिल पाने से लोग पीने के पानी को लेकर परेशान हैं। लोगों का कहना है कि अधिकारी सिर्फ उन्हें आश्वासन दे रहे हैं, न कि उनकी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रभावी रूप से कार्य कर रहे हैं। यदि जिम्मेदारों का क्रोमियम प्रभावित क्षेत्र में भारी तत्वों के रोकथाम को लेकर इसी प्रकार का रवैया बना रहा तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
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बोले खानचंद्रपुर वासी
जिम्मेदारों की ओर से दिन में तीन बार मिलने वाला सप्लाई का पानी पीने के योग्य बताया जा रहा है। इसके बाद भी गांव के लोगों के खून में घातक तत्व निकल रहे हैं। एक माह पहले लिए गए पानी के नमूनों की अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इससे यह भी चिंता का विषय है कि सप्लाई का पानी पिया जाए या नहीं। इस मुद्दे को लेकर जिम्मेदारों को गंभीरता बरतते हुए साफ पानी की व्यवस्था व घातक तत्वों के प्रकोप के रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। अब गर्मी बढ़ते ही पानी की जरूरत बढ़ी है। - बृजेश कुमार
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क्रोमियम की वजह से दूषित हुए भूजल का पानी पीने से ही लोगों के शरीर में घातक तत्व पहुंचे हैं। सप्लाई का पानी सही है या नहीं, इसको लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। आर्थिक रूप से मजबूत लोग तो आरओ का पानी खरीद कर सेवन कर रहे हैं, इसके अलावा लोग गांव में मिलने वाले पानी का ही सेवन कर रहे हैं। कई बार ग्रामीण आरओ प्लांट लगवाने की मांग कर चुके हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। - जगदीश
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बोले जिम्मेदार
पूर्व में कराई गई जांच में पानी की गुणवत्ता पीने योग्य थी। फरवरी माह के पहले सप्ताह में खानचंद्रपुर से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। इनकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। - मनोज कुमार चौरसिया, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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फरवरी माह में खानचंद्रपुर में पानी के चार नमूने लिए गए थे। एक नमूना पंप हाउस से और तीन नमूने लोगों के घरों में लगी टोटियों से लिया गया था। इनकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। - संजय सिंह एई, जल निगम
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औद्योगिक क्षेत्र रनियां में खानचंद्रपुर-मटियामऊ मार्ग पर 20 साल से अधिक समय तक क्रोमियम डंप रहने से खानचंद्रपुर, इसके मजरा चौहान पुरवा, यादव पुरवा और पाल पुरवा का भूजल दूषित हो गया था। इस पर जल निगम की ओर से पाल पुरवा में बनी टंकी का बोरबेल चौहान पुरवा में शिफ्ट कर साफ पानी की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद भी खानचंद्रपुर व इसके मजरों में लोगों के शरीर में मानक से अधिक क्रोमियम, मर्करी व फ्लोराइड जैसे घातक तत्व पहुंच रहे हैं, यहां तक कि इसका दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से करवाई गई पिछली चार जांचों में सभी लोगों के खून में मानक से अधिक क्रोमियम मिला है। जबकि कुछ लोगों में मर्करी व फ्लोराइड पाया है। इससे यहां रहने वाले लोग चिंतित हैं।
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लोगों की समस्या को देखते हुए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जल निगम की ओर से खानचंद्रपुर के लोगों को दिए जाने वाले पानी के नमूने लेकर जांच के लिए फरवरी माह में लखनऊ प्रयोगशाला भेजे थे। एक माह हो गया है इनकी रिपोर्ट अभी तक न मिल पाने से लोग पीने के पानी को लेकर परेशान हैं। लोगों का कहना है कि अधिकारी सिर्फ उन्हें आश्वासन दे रहे हैं, न कि उनकी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रभावी रूप से कार्य कर रहे हैं। यदि जिम्मेदारों का क्रोमियम प्रभावित क्षेत्र में भारी तत्वों के रोकथाम को लेकर इसी प्रकार का रवैया बना रहा तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
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बोले खानचंद्रपुर वासी
जिम्मेदारों की ओर से दिन में तीन बार मिलने वाला सप्लाई का पानी पीने के योग्य बताया जा रहा है। इसके बाद भी गांव के लोगों के खून में घातक तत्व निकल रहे हैं। एक माह पहले लिए गए पानी के नमूनों की अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इससे यह भी चिंता का विषय है कि सप्लाई का पानी पिया जाए या नहीं। इस मुद्दे को लेकर जिम्मेदारों को गंभीरता बरतते हुए साफ पानी की व्यवस्था व घातक तत्वों के प्रकोप के रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। अब गर्मी बढ़ते ही पानी की जरूरत बढ़ी है। - बृजेश कुमार
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क्रोमियम की वजह से दूषित हुए भूजल का पानी पीने से ही लोगों के शरीर में घातक तत्व पहुंचे हैं। सप्लाई का पानी सही है या नहीं, इसको लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। आर्थिक रूप से मजबूत लोग तो आरओ का पानी खरीद कर सेवन कर रहे हैं, इसके अलावा लोग गांव में मिलने वाले पानी का ही सेवन कर रहे हैं। कई बार ग्रामीण आरओ प्लांट लगवाने की मांग कर चुके हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। - जगदीश
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बोले जिम्मेदार
पूर्व में कराई गई जांच में पानी की गुणवत्ता पीने योग्य थी। फरवरी माह के पहले सप्ताह में खानचंद्रपुर से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। इनकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। - मनोज कुमार चौरसिया, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
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फरवरी माह में खानचंद्रपुर में पानी के चार नमूने लिए गए थे। एक नमूना पंप हाउस से और तीन नमूने लोगों के घरों में लगी टोटियों से लिया गया था। इनकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। - संजय सिंह एई, जल निगम