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Kanpur News: हिंदू युवक ने ऑनलाइन मंंगाकर पढ़ी कुरान और नाम रख लिया मुस्तफा खान
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कानपुर। बर्रा तीन का हिंदू युवक महिला मित्र से इस्लाम धर्म के बारे में सुनकर बहुत प्रभावित हुआ। उसने ऑनलाइन मंंगाकर कुरान पढ़ी और फिर फेसबुक और इंस्टाग्राम में मुस्तफा खान नाम से आईडी संचालित करने लगा। इतना ही नहीं नमाज अदा करने के लिए बर्रा स्थित हरी मस्जिद भी जाने लगा। इसका वीडियो भी वायरल हुआ। सोशल मीडिया पर धार्मिक पोस्ट भी डालीं। पड़ोसियों ने टोका तो मेरी मर्जी कहकर चुप करा दिया। इस पर लोगों ने हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे जनतानगर चौकी ले जाकर पूछताछ की। उसने कहा कि किसी के दबाव या लालच में नहीं बल्कि स्वेच्छा से नमाज पढ़ी।
युवक करीब डेढ़ वर्ष पहले नोएडा में वेबसाइट बनाने वाली कंपनी में मार्केटिंग का काम करता था। उसने पुलिस को बताया है कि नोएडा में वेबसाइट डेवलप करने वाली दिल्ली निवासी मुस्लिम युवती से दोस्ती हो गई थी। मुस्लिम युवती ने उसे इस्लाम के बारे में कई अच्छी-अच्छी बातें बताईं जिनसे वह प्रभावित हो गया। इंटरनेट पर सर्च किया तो एक के बाद एक कंटेंट आते चले गए। उन्हें पढ़कर वह अपनाता चाला गया। इसका उसे अहसास ही नहीं रहा। फरवरी में घर लौटकर आने के बाद उसने हरी मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ना भी शुरू कर दिया।
बर्रा इंस्पेक्टर नीरज ओझा ने बताया कि युवक को बुलाकर पूछताछ की गई है। उसने बताया कि अभी उसने इस्लाम धर्म नहीं अपनाया है। उसे इस्लाम धर्म की कुछ चीजें और नमाज पढ़ना अच्छा लगता है। इसलिए उसने ऐसा किया है। किसी भी तरह के दबाव या प्रलोभन में आकर धर्मांतरण जैसी कोई चीज नहीं है। साथ ही उसने कहा कि उसे नहीं पता था कि मस्जिद जाने पर इतना बखेड़ा हो जाएगा, यह ये गलत है तो वह मस्जिद नहीं जाएगा, न ही कुरान पढ़ेगा।
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युवक करीब डेढ़ वर्ष पहले नोएडा में वेबसाइट बनाने वाली कंपनी में मार्केटिंग का काम करता था। उसने पुलिस को बताया है कि नोएडा में वेबसाइट डेवलप करने वाली दिल्ली निवासी मुस्लिम युवती से दोस्ती हो गई थी। मुस्लिम युवती ने उसे इस्लाम के बारे में कई अच्छी-अच्छी बातें बताईं जिनसे वह प्रभावित हो गया। इंटरनेट पर सर्च किया तो एक के बाद एक कंटेंट आते चले गए। उन्हें पढ़कर वह अपनाता चाला गया। इसका उसे अहसास ही नहीं रहा। फरवरी में घर लौटकर आने के बाद उसने हरी मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ना भी शुरू कर दिया।
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बर्रा इंस्पेक्टर नीरज ओझा ने बताया कि युवक को बुलाकर पूछताछ की गई है। उसने बताया कि अभी उसने इस्लाम धर्म नहीं अपनाया है। उसे इस्लाम धर्म की कुछ चीजें और नमाज पढ़ना अच्छा लगता है। इसलिए उसने ऐसा किया है। किसी भी तरह के दबाव या प्रलोभन में आकर धर्मांतरण जैसी कोई चीज नहीं है। साथ ही उसने कहा कि उसे नहीं पता था कि मस्जिद जाने पर इतना बखेड़ा हो जाएगा, यह ये गलत है तो वह मस्जिद नहीं जाएगा, न ही कुरान पढ़ेगा।
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