यूपी: खेल-खेल में ट्रेन में चढ़ी किशोरी, डर की वजह से आठ दिन तक कपलिंग में बैठकर घूमती रही
उत्तर प्रदेश के ललितपुर के एक गांव के खेतों के पास से गुजरी रेलवे लाइन पर एक ट्रेन क्या आकर रुकी, खेतों में काम कर रही 14 साल की बच्ची उत्सुकता वश इंजन और बोगियों को जोड़ने वाली कपलिंग पर बैठ गई। सोचा था कुछ देर बाद उतर जाएगी लेकिन उस नासमझ को क्या पता था कि वह कितनी बड़ी मुसीबत में पड़ने वाली है। वह आठ दिन तक कपलिंग में ही बैठकर जाने कहां-कहां घूमती रही।
इस दौरान वह ट्रेनें तो बदलती रही लेकिन जगह नहीं बदली। डर की वजह से वह कपलिंग में ही बैठती रही। शुक्रवार को सेंट्रल स्टेशन पर जब उस पर जीआरपी की नजर पड़ी तो उतारा गया। ललितपुर जिले के तालबेहट थाना क्षेत्र के गणेशपुरा गांव की रहने वाली 14 वर्ष की किशोरी नेहा चार दिसंबर को खेत में काम कर रही थी।
चाइल्डलाइन के पदाधिकारियों को उसने बताया कि एक ट्रेन खेत के पास लाइन पर खड़ी हो गई तो वह घूमने के लिए कपलिंग पर चढ़ गई। इसके बाद ट्रेन रुकी नहीं। काफी दूर निकल जाने के बाद डर की वजह से उसने इधर उधर उतरना ठीक नहीं समझा। ट्रेनें बदलती रही और कपलिंग में बैठकर इधर उधर घूमती रही। स्टेशनों पर उतरकर किसी से मांगकर खाना खाती और फिर वहीं बैठ जाती।
रात होने पर कभी-कभी स्टेशन में रुक जाती तो कभी यार्ड में। कपलिंग में बैठे होने के कारण धूल-धुआं की वजह से वह काली पड़ गई थी। शुक्रवार को दोपहर पौने 12 बजे जयनगर से दिल्ली जाने वाली स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस से उसे सेंट्रल पर उतारकर चाइल्डलाइन के सुपुर्द किया गया।
काउंसलर मंजूलता दुबे ने बताया कि बच्ची को अपने पिता रामजी लाल का मोबाइल नंबर पता था। उन्हें सूचना दे दी गई है। उन्होेंने बताया कि नेहा सातवीं की छात्रा है। उसकी गुमशुदगी तालबेहट थाने में दर्ज है। वे लोग शनिवार को कानपुर पहुंच जाएंगे। जीआरपी इंस्पेक्टर राम मोहन राय ने बताया कि पूरी प्रक्रिया से गुजरने के बाद बच्ची को परिजनों को सौंपा जाएगा।