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Kanpur News: बालू भरी बुग्गी पर 100 रुपये की वसूली, न देने पर 5000 का दंड

Sat, 10 Jan 2026 01:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 10 Jan 2026 01:15 AM IST
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A fee of 100 rupees is being charged for sand-filled carts, with a penalty of 5000 rupees for non-payment.
फोटो-17 हैवतपुर गढि़या और चिससरा रोड पर कर्बला के पास काटी जाती रसीद। संवाद
फर्रुखाबाद। गंंगा में आई बाढ़ के दौरान कई गांवों में किसानों के खेतों में बालू के ढेर लग गए। उसमें फसल होना बंद हो गई। अब बुग्गी में बालू भरने के बाद बेचकर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। दो स्थानों पर दबंग हर बुग्गी की पीले रंग की 100 रुपये की रसीद काट रहे हैं। रुपये न देने पर पुलिस कर्मी और कार सवार 5000 रुपये की वसूली करके बुग्गी छोड़ते हैं। इससे गरीब परेशान हैं।
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पिछली साल हुई बारिश के दौरान भीमपुर कटरी, पंखियन की मड़ैया, ढटा की मड़ैया, दिलीप की मड़ैया आदि गांवों में हजारों बीघा जमीन गंगा में समा गई। बची जमीन पर पानी की तेज धार के साथ बालू भरने से फसलें नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में परिवार का भरण पोषण की खातिर ग्रामीण खेतों से बालू भरकर शहर में बेच रहे हैं। इसका फायदा उठाकर कुछ दबंग हैवतपुर गढ़िया और चिलसरा रोड पर कर्बला के पास बैठकर बालू भरी आने वाली हर बुग्गी की 100 रुपये की रसीद काट रहे हैं। यह लोग बुग्गी सवार को पीले रंग की रसीद पर उनका नाम, रुपये व अपने हस्ताक्षर करके देते हैं।
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दबंगई इतनी है कि यदि कोई रसीद नहीं कटाता, तो वह पुलिस और अपने आकाओं को फोन करके बुला लेता। कार सवार लोग पुलिस के सहयोग से बुग्गी पकड़ लेते हैं। इसके बाद 5000 हजार रुपये देने के बाद ही बुग्गी छोड़ी जाती है। ऐसे में गरीब लोग 100 रुपये देना ही मुनासिब समझते हैं।
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उगाही का दर्द सुनाते भावुक हुए गरीब बुग्गी मालिक
पंखियन की मड़ैया के एक बुग्गी मालिक ने बताया कि हैवतपुर गढि़या में सुबह पांच बजे से ही पिता और उनके दो पुत्र अपने मकान के सामने रसीद काटना शुरू कर देते हैं। एक बुग्गी बालू 300-400 रुपये की बिकती है। 100 रुपये की रसीद कटती। पिछले महीने जेब में रुपये नहीं थे। लौटकर देने की बात कही, तो रसीद काटने वाले दबंग ने फोन करके एक पुलिस कर्मी और कार सवार दबंगों को बुलाकर पकड़ लिया। बेइज्जत करने के बाद बुग्गी जब्त कर ली। भावुक होकर बताया कि ब्याज पर 5000 हजार रुपये लाकर दिए, तब बुग्गी छोड़ी गई। इसी तरह की आमिलपुर के दो-तीन बुग्गी चालकों ने बात कही।

थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया, बालू भरी बुग्गी पकड़ने के लिए खनन विभाग के अधिकारी आते हैं। थाने से कोई भी पुलिस कर्मी नहीं जा सकता है। 100 रुपये लेकर पीली पर्ची कौन देता है, इसकी गोपनीय जांच करवाएंगे।

फोटो-17 हैवतपुर गढि़या और चिससरा रोड पर कर्बला के पास काटी जाती रसीद। संवाद

फोटो-17 हैवतपुर गढि़या और चिससरा रोड पर कर्बला के पास काटी जाती रसीद। संवाद

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