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Kanpur News: सादे कपड़ों में पुलिस के आने पर महिलाओं से हुआ था विवाद
Wed, 23 Sep 2026 01:38 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 23 Sep 2026 01:38 AM IST
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डेरापुर। थाना क्षेत्र के रमपुरा में रविवार रात को नोटिस तामील व कार बरामद करने आई पुलिस के साथ कुछ लोगों ने मारपीट कर दी थी। पुलिस ने अपने बचाव में फायरिंग कर दी थी। पुलिस पर हमले के मामले के एक आरोपी ने पुलिस पर रात में सादे कपड़ों में छत के रास्ते से घर में दाखिल होने पर परिवार की महिलाओं की ओर से बदमाश समझ कर पकड़ने की बात कही है। वहीं, पुलिस पर भांजे के खिलाफ दर्ज मामले में कोर्ट से स्टे लेने के बाद भी घर पर दबिश देने का आरोप लगाया है।
रमपुरा निवासी सुनील कुमार ने बताया कि प्रधान गेट नानकारी, आईआईटी गेट कल्यानपुर कानपुर नगर निवासी भांजे प्रांजुल ने उमेश दुबे को 40 लाख रुपये दिए थे। इसकी गारंटी के तौर पर उमेश ने भांजे को अपनी कार दे दी थी। इसका एग्रीमेंट 100 रुपये के स्टांप पर किया था। कुछ समय बाद उमेश की ओर से भांजे के खिलाफ झूठी प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। इसपर 16 सितंबर को भांजे की ओर से दर्ज हुए मामले में हाईकोर्ट से स्टे ले ली गई थी। इसके बाद भी पुलिस ने भांजे के उसके घर में होने की आशंका में घर पर दबिश दी।
आरोप लगाया कि पुलिस कर्मी सादे कपड़ों पड़ोसी के गिरे हुए घर के रास्ते से छत पर पहुंच गए। इसपर घर में सो रहीं परिवार की महिलाओं ने लोगों को पकड़ लिया। इस दौरान वह घर से कुछ दूरी पर सो रहा था। उसने पुलिस से घर में दबिश देने का वारंट मांगा तो पुलिस ने उसे नहीं दिखाया। स्थानीय पुलिस व सीओ डेरापुर के मौके पर आने पर उसने पुलिस को पूरी बात बताई। घटना के दौरान उमेश व उसका एक अन्य साथी भी वहां मौजूद था।
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आरोप लगाया कि उसकी ओर से स्थानीय पुलिस को बताए जाने के दौरान कल्यानपुर पुलिस ने उसका, भाई व भतीजे का नाम नोट कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं इस संबंध में बारा सिरोही कल्यानपुर निवासी उमेश दुबे से फोन कर संपर्क किया तो उन्होंने एग्रीमेंट झूठा होने की बात कही। डेरापुर थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना को लेकर जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
.....................
यह था मामला
कल्यानपुर थाना में तैनात उप निरीक्षक अमित मलिक ने डेरापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि वह उप निरीक्षक राजर्षि त्रिपाठी, महिला उप निरीक्षक शिवानी व कांस्टेबल जहान सिंह थाना में दर्ज मुकदमे में नामजद कल्यानपुर थाना क्षेत्र के प्रधान गेट नानकारी, आईआईटी गेट निवासी सोनू शुक्ला उर्फ प्रांजुल शुक्ला की तलाश में रविवार रात 10 बजे के करीब रमपुरा कांधी पहुंचे थे। आरोपी को धारा 35(3) बीएनएसएस का नोटिस तामील कराने के साथ मुकदमे से संबंधित इनोवा कार बरामद करनी थी। मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी एक घर में मिला। वाहन की पहचान के लिए मुकदमे के वादी बारा सिरोही कल्यानपुर निवासी उमेश दुबे को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने आरोपी से नोटिस लेने, विवेचना में सहयोग करने और कार सौंपने को कहा। आरोप है कि उसने नोटिस लेने से मना कर दिया और कार अपने पास होने की बात स्वीकार करते हुए उसे देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने घर में मौजूद लोगों को बुला लिया। आरोप है कि लोगों ने टीम के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। भीड़ ने आरोपी को मौके से भगा दिया। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन स्थिति और बिगड़ गई। इसपर उन्होंने अपनी व साथी पुलिस कर्मियों की सुरक्षा के लिए सर्विस पिस्टल से हवाई फायर किया।
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रमपुरा निवासी सुनील कुमार ने बताया कि प्रधान गेट नानकारी, आईआईटी गेट कल्यानपुर कानपुर नगर निवासी भांजे प्रांजुल ने उमेश दुबे को 40 लाख रुपये दिए थे। इसकी गारंटी के तौर पर उमेश ने भांजे को अपनी कार दे दी थी। इसका एग्रीमेंट 100 रुपये के स्टांप पर किया था। कुछ समय बाद उमेश की ओर से भांजे के खिलाफ झूठी प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। इसपर 16 सितंबर को भांजे की ओर से दर्ज हुए मामले में हाईकोर्ट से स्टे ले ली गई थी। इसके बाद भी पुलिस ने भांजे के उसके घर में होने की आशंका में घर पर दबिश दी।
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आरोप लगाया कि पुलिस कर्मी सादे कपड़ों पड़ोसी के गिरे हुए घर के रास्ते से छत पर पहुंच गए। इसपर घर में सो रहीं परिवार की महिलाओं ने लोगों को पकड़ लिया। इस दौरान वह घर से कुछ दूरी पर सो रहा था। उसने पुलिस से घर में दबिश देने का वारंट मांगा तो पुलिस ने उसे नहीं दिखाया। स्थानीय पुलिस व सीओ डेरापुर के मौके पर आने पर उसने पुलिस को पूरी बात बताई। घटना के दौरान उमेश व उसका एक अन्य साथी भी वहां मौजूद था।
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आरोप लगाया कि उसकी ओर से स्थानीय पुलिस को बताए जाने के दौरान कल्यानपुर पुलिस ने उसका, भाई व भतीजे का नाम नोट कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं इस संबंध में बारा सिरोही कल्यानपुर निवासी उमेश दुबे से फोन कर संपर्क किया तो उन्होंने एग्रीमेंट झूठा होने की बात कही। डेरापुर थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना को लेकर जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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यह था मामला
कल्यानपुर थाना में तैनात उप निरीक्षक अमित मलिक ने डेरापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि वह उप निरीक्षक राजर्षि त्रिपाठी, महिला उप निरीक्षक शिवानी व कांस्टेबल जहान सिंह थाना में दर्ज मुकदमे में नामजद कल्यानपुर थाना क्षेत्र के प्रधान गेट नानकारी, आईआईटी गेट निवासी सोनू शुक्ला उर्फ प्रांजुल शुक्ला की तलाश में रविवार रात 10 बजे के करीब रमपुरा कांधी पहुंचे थे। आरोपी को धारा 35(3) बीएनएसएस का नोटिस तामील कराने के साथ मुकदमे से संबंधित इनोवा कार बरामद करनी थी। मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी एक घर में मिला। वाहन की पहचान के लिए मुकदमे के वादी बारा सिरोही कल्यानपुर निवासी उमेश दुबे को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने आरोपी से नोटिस लेने, विवेचना में सहयोग करने और कार सौंपने को कहा। आरोप है कि उसने नोटिस लेने से मना कर दिया और कार अपने पास होने की बात स्वीकार करते हुए उसे देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने घर में मौजूद लोगों को बुला लिया। आरोप है कि लोगों ने टीम के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। भीड़ ने आरोपी को मौके से भगा दिया। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन स्थिति और बिगड़ गई। इसपर उन्होंने अपनी व साथी पुलिस कर्मियों की सुरक्षा के लिए सर्विस पिस्टल से हवाई फायर किया।