{"_id":"572cf2764f1c1b5b315cd487","slug":"a-direct-challenge-to-the-four-murders-in-the-city-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में चार हत्याओं से पुलिस को सीधी चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में चार हत्याओं से पुलिस को सीधी चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 May 2016 01:07 AM IST
विज्ञापन
पुलिस के साथ धक्का-मुक्की करते दिनेश के परिजन।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर साउथ। नौबस्ता वाई ब्लाक किदवई नगर में गुरुवार देर रात गेस्ट हाउस के गार्ड दिनेश तिवारी उर्फ राजू (55) की जनरेटर के हैंडल से पीटकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार सुबह खून से लथपथ शव गेस्ट हाउस मैनेजर के रूम में पड़ा मिला। इसी बीच बार-बार गेस्ट हाउस के आसपास चक्कर काट रहे एक युवक को शक के आधार पर भीड़ ने पकड़कर पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया। उसने गार्ड की हत्या की बात कबूली है, लेकिन परिजनों को यकीन नहीं है। परिजनों ने गेस्ट हाउस मालिक और मैनेजर पर हत्या का आरोप लगाते हुए गेस्ट हाउस में तोड़फोड़ की। पुलिस से भी धक्का-मुक्की की। करीब पांच घंटे तक चले बवाल के बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी का कहना है कि दिनेश के बेटे शिवा की तहरीर पर गेस्ट हाउस मालिक, मैनेजर और एक अन्य गार्ड पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
नौबस्ता के खाड़ेपुर योगेंद्र विहार निवासी दिनेश तिवारी पांच साल से लार्ड गेस्ट हाउस में गार्ड था। परिवार में पत्नी मीना, बेटा शिवा और बहू नीतू हैं। शिवा के मुताबिक गुरुवार को पिता फतेहपुर के अमौली अपने गांव गए थे। देर होने पर वह लौटने पर सीधे गेस्ट हाउस चले गए थे। सुबह सूचना दी गई कि गेस्ट हाउस में उनकी हत्या कर दी गई है। थोड़ी देर में परिजन, रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग गेस्ट हाउस पहुंच गए और हंगामा कर दिया।
बेटे शिवा ने आरोप लगाया कि पिता गांव से खेती बलकट पर उठाकर लौटे थे। उनके पास 20 हजार रुपये भी थे, जो गायब हैं। बवाल बढ़ने पर एसपी साउथ डॉ. संजय यादव भारी फोर्स के साथ पहुंचे। गेस्ट हाउस में भीड़ को उकसाकर हंगामा कराने वाले दिनेश के रिश्तेदार सोमनाथ को पुलिस ने हिरासत में ले लिया तो महिलाएं पुलिस वालों से भिड़ गईं। एक महिला ने यशोदा नगर चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार की बांह में काट लिया। गल्ला मंडी चौकी प्रभारी सुनील तिवारी और दरोगा प्रमोद कुमार से भी महिलाओं ने हाथापाई की। भीड़ के दबाव में पुलिस को सोमनाथ छोड़ना पड़ गया।
विज्ञापन
सिरफिरे ने कहा, हमें मारा तो मार दिया
पकड़े गए जौनपुर के अमित का कहना है कि वह रात में गेस्ट हाउस में घुसा तो गार्ड ने उसे डंडे से पीटा। इस पर उसने पास में रखा जनरेटर का हैंडल उठाकर उसे पीटना शुरू कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी का कहना है कि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। आरोपी के सिर और हाथ पर भी चोटों के निशान मिले हैं। इससे प्रतीत हो रहा है कि गार्ड से हाथापाई के बाद सिरफिरे ने उसकी हत्या की। अमित के कपड़े और शरीर पर मिले खून की भी जांच कराई जा रही है। फोरेंसिक एक्सपर्ट के मुताबिक गार्ड के सिर, चेहरे और दाहिने हाथ पर मिली चोटों से साफ है कि मौत से पहले गार्ड और हत्यारोपियों के बीच संघर्ष हुआ है। पुलिस ने जनरेटर के हैंडल को कब्जे में लिया है।
विज्ञापन
नौबस्ता के खाड़ेपुर योगेंद्र विहार निवासी दिनेश तिवारी पांच साल से लार्ड गेस्ट हाउस में गार्ड था। परिवार में पत्नी मीना, बेटा शिवा और बहू नीतू हैं। शिवा के मुताबिक गुरुवार को पिता फतेहपुर के अमौली अपने गांव गए थे। देर होने पर वह लौटने पर सीधे गेस्ट हाउस चले गए थे। सुबह सूचना दी गई कि गेस्ट हाउस में उनकी हत्या कर दी गई है। थोड़ी देर में परिजन, रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग गेस्ट हाउस पहुंच गए और हंगामा कर दिया।
विज्ञापन
बेटे शिवा ने आरोप लगाया कि पिता गांव से खेती बलकट पर उठाकर लौटे थे। उनके पास 20 हजार रुपये भी थे, जो गायब हैं। बवाल बढ़ने पर एसपी साउथ डॉ. संजय यादव भारी फोर्स के साथ पहुंचे। गेस्ट हाउस में भीड़ को उकसाकर हंगामा कराने वाले दिनेश के रिश्तेदार सोमनाथ को पुलिस ने हिरासत में ले लिया तो महिलाएं पुलिस वालों से भिड़ गईं। एक महिला ने यशोदा नगर चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार की बांह में काट लिया। गल्ला मंडी चौकी प्रभारी सुनील तिवारी और दरोगा प्रमोद कुमार से भी महिलाओं ने हाथापाई की। भीड़ के दबाव में पुलिस को सोमनाथ छोड़ना पड़ गया।
विज्ञापन
सिरफिरे ने कहा, हमें मारा तो मार दिया
पकड़े गए जौनपुर के अमित का कहना है कि वह रात में गेस्ट हाउस में घुसा तो गार्ड ने उसे डंडे से पीटा। इस पर उसने पास में रखा जनरेटर का हैंडल उठाकर उसे पीटना शुरू कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर राजीव द्विवेदी का कहना है कि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। आरोपी के सिर और हाथ पर भी चोटों के निशान मिले हैं। इससे प्रतीत हो रहा है कि गार्ड से हाथापाई के बाद सिरफिरे ने उसकी हत्या की। अमित के कपड़े और शरीर पर मिले खून की भी जांच कराई जा रही है। फोरेंसिक एक्सपर्ट के मुताबिक गार्ड के सिर, चेहरे और दाहिने हाथ पर मिली चोटों से साफ है कि मौत से पहले गार्ड और हत्यारोपियों के बीच संघर्ष हुआ है। पुलिस ने जनरेटर के हैंडल को कब्जे में लिया है।