पालीटेक्निक प्रवेश परीक्षा के फर्जी पेपर बेचते पकड़े गए

Kanpur Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
कानपुर। रविवार को पालीटेक्निक प्रवेश परीक्षा के ठीक एक घंटे पहले गोविंदनगर पुलिस ने फर्जी पेपर बेच रहे दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से हाथ से लिखे पर्चे (अनसाल्व्ड पेपर) और उनकी फोटी कापी बरामद हुई हैं। पकड़ा गया एक युवक बीटेक पास है और इन दिनों मटियारी लखनऊ में प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी की कोचिंग चलाता है। जबकि दूसरा सीपीएमटी की तैयारी कर रहा है और उसी कोचिंग में पढ़ाता भी है। गोविंदनगर सीओ अजय साहनी ने बताया कि ये युवक 25-25 हजार रुपए में फर्जी पेपर बेच रहे थे। इस चक्कर में पेपर आउट होने की अफवाह भी फैल गई।
सीओ ने बताया कि शनिवार शाम को पुलिस को सूचना मिली थी कि फतेहपुर निवासी अंकुर वर्मा और उसका साथी हरदोई निवासी हिमांशु नंदन पालीटेक्निक प्रवेश परीक्षा का फर्जी पेपर बेच रहे हैं। इस पर उन्होंने एक सिपाही को ग्राहक बनाकर उनके पीछे लगाया। सिपाही ने अंकुर से फोन पर संपर्क किया तो उसने रात साढ़े ग्यारह बजे रुपये लेकर पुराना शिवली रोड पर आने को कहा। सिपाही वहां पहुंचा लेकिन अंकुर और हिमांशु नहीं आए। इसके बाद फोन पर दोनों ने रविवार सुबह गोविंदनगर स्थित श्री मुनि कालेज के पास बुलाया। सीओ ने बताया कि रविवार सुबह सात साढ़े सात बजे जाल बिछाकर सिपाही तो श्री मुनि कालेज के पास भेजा गया। वहां उसे अंकुर वर्मा मिला। अंकुर ने रुपये लेने के बाद किसी को मोबाइल करके पेपर पूछा और कागत पर नोट करके सिपाही को दे दिया। पेपर हाथ में आते ही स्कूल के पास छिपे चौकी इंचार्ज ज्ञानेंद्र पांडे ने अपनी टीम के साथ अंकुर को दबोच लिया। इसके बाद हिमांशु को भी पकड़ लिया गया। दोनों के पास से हाथ से लिखे पर्चे और उनकी फोटो कापियां बरामद की गई हैं। देर शाम प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधिकारी भी थाने पहुंचे और बरामद फर्जी पेपरों की जांच पड़ताल कर आरोपियों से भी पूछताछ की।
पूछताछ में अंकुर ने पुलिस को बताया कि उसने पिछले वर्ष कानपुर के एक इंजीनियरिंग कालेज से बीटेक किया था। इसके बाद वह अपने भाई देवेंद्र के साथ मिलकर लखनऊ स्थित मटियारी में प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी की कोचिंग चला रहा था। कोचिंग में वह फिजिक्स पढ़ाता है। वहीं सीपीएमटी की तैयारी कर रहे हिमांशु का कहना है कि वह अंकुर के भाई देवेंद्र के साथ कोचिंग में केमेस्ट्री पढ़ाता था। अंकुर वर्मा के पिता का नाम शिव वर्मा है जो किसान हैं। वह ग्राम खपुरवा, खानपुर, थाना फतेहपुर, जनपद बाराबंकी निवासी है। वहीं हिमांशु के पिता का नाम राम नारायण निगम है। वह शिक्षक हैं। वह ग्राम सन्दाना, थाना बघौली, जिला हरदोई निवासी है।


पेपर आउट नहीं हुआ- अधिकारी
प्राविधिक शिक्षा के अधिकारी ज्वाइंट डायरेक्टर आरके शर्मा, सहायक डायरेक्टर डीके वर्मा और आर आर राजपूत का कहना है कि आरोपियों के पास से बरामद पेपर पालीटेक्निक के पेपर से कतई मेल नहीं खाते हैं। ये फर्जी पेपर हैं। पेपर आउट नहीं हुआ है।

मोबाइल से होगी रैकेट की धरपकड़
सीओ के मुताबिक अंकुर ने बीते साल भी पालीटेक्निक के फर्जी पेपर बेचे थे। इस बार दो-तीन लड़के इनसे पेपर खरीदे चुके थे। फर्जीवाड़े में अंकुर का भाई देवेंद्र के भी शामिल होने की आशंका है। अंकुर और हिमांशु के मोबाइल की काल डिटेल निकलवाकर और छानबीन की जाएगी।

शातिर दिमाग हैं
पुलिस का कहना है कि अंकुर और हिमांशु कितने शातिर हैं इसका अंदाजा इसी से लगता है कि वे पेपर साथ में लेकर नहीं चलते थे। जब रुपया उनके हाथ में आ जाता था, तब वे एक नंबर मिलाकर पेपर पूछते थे और उसे कागज पर उतारते थे। इससे पेपर खरीदने वाले को भी पूरा यकीन हो जाता था कि पेपर असली है।

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