{"_id":"38-208038","slug":"Kanpur-208038-38","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनवरी के पहले सप्ताह में शहर आएंगे रक्षामंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनवरी के पहले सप्ताह में शहर आएंगे रक्षामंत्री
Kanpur
Updated Fri, 28 Nov 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। शहर की आर्डनेंस फैक्ट्रियों का निरीक्षण करने रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर जनवरी के पहले सप्ताह में कानपुर आएंगे। गुरुवार को नई दिल्ली में भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के पदाधिकारियों के साथ हुई मुलाकात में उन्होंने यह जानकारी दी। यह भी बताया कि आयुध निर्माणियों की दशा-दिशा बेहतर करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। पदाधिकारियों की फैक्ट्रियों को कॉरपोरेशन में न बदलने की मांग पर उन्होंने विचार करने को कहा लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि फैक्ट्रियों में कॉरपोरेट कल्चर जरूर आएगा।
स्माल आर्म्स एवं ओईएफ ग्रुप को कॉरपोरेशन में तब्दील करने की संभावना से शहर के प्रतिरक्षा कर्मियों में खलबली मची हुई थी। हर तरफ से इसके विरोध के स्वर उठ रहे हैं। इस संबंध में भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री साधू सिंह के नेतृत्व में नागपुर से एमपी सिंह, एसएन बातवे, नरेंद्र तिवारी, मुकेश सिंह आदि का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को रक्षामंत्री से मिला। इस दौरान सबसे पहले आयुध कारखानों को कॉरपोरेशन में तब्दील होने की बात पर चर्चा हुई। साधू सिंह के मुताबिक रक्षा मंत्री ने फिलहाल ऐसा न करने का आश्वासन दिया है। फैक्ट्रियों में कॉरपोरेट कल्चर लागू करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसे स्टडी का काम सौंपा गया है। फैक्ट्रियों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। रक्षा मंत्री जनवरी के प्रथम सप्ताह में शहर आकर विभिन्न फैक्ट्रियों के अधिकारियों के साथ बैठक करके उत्पादन आदि के संबंध में चर्चा करेंगे। उन्होंने मृतक आश्रित कर्मचारियों की भर्ती, बोनस विसंगतियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कैंटीन सुविधा देने आदि मुद्दों पर भी उन्होंने जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
स्माल आर्म्स एवं ओईएफ ग्रुप को कॉरपोरेशन में तब्दील करने की संभावना से शहर के प्रतिरक्षा कर्मियों में खलबली मची हुई थी। हर तरफ से इसके विरोध के स्वर उठ रहे हैं। इस संबंध में भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री साधू सिंह के नेतृत्व में नागपुर से एमपी सिंह, एसएन बातवे, नरेंद्र तिवारी, मुकेश सिंह आदि का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को रक्षामंत्री से मिला। इस दौरान सबसे पहले आयुध कारखानों को कॉरपोरेशन में तब्दील होने की बात पर चर्चा हुई। साधू सिंह के मुताबिक रक्षा मंत्री ने फिलहाल ऐसा न करने का आश्वासन दिया है। फैक्ट्रियों में कॉरपोरेट कल्चर लागू करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसे स्टडी का काम सौंपा गया है। फैक्ट्रियों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। रक्षा मंत्री जनवरी के प्रथम सप्ताह में शहर आकर विभिन्न फैक्ट्रियों के अधिकारियों के साथ बैठक करके उत्पादन आदि के संबंध में चर्चा करेंगे। उन्होंने मृतक आश्रित कर्मचारियों की भर्ती, बोनस विसंगतियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कैंटीन सुविधा देने आदि मुद्दों पर भी उन्होंने जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन