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त्योहार पर रूठ गई सरकार

Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
Kanpur
Kanpur Updated Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
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त्योहार पर खुशियां देने की जगह सरकार ने शहरियों को मायूसी भरे दो पैगाम दिए हैं। शहर के प्रमुख उद्योग होजरी को रफ्तार देने के लिए प्रस्तावित होजरी क्लस्टर को प्रदेश सरकार ने नामंजूर कर दिया है। यह क्लस्टर चौबेपुर में बनना था और केंद्र सरकार ने इसके लिए सैंद्धांतिक सहमति दे दी थी। दूसरा झटका प्रदेश सरकार ने शादी अनुदान योजना में दिया है। इस साल इस योजना के तहत बेटियों की शादी के लिए धन नहीं दिया जाएगा। शासन से आई सूचना के अनुसार इस साल के लिए योजना स्थगित कर दी गई है। इसमें आवेदन करने वाले गरीब परिवारों को 10 हजार रुपये का अनुदान मिलता था।


होजरी क्लस्टर को प्रदेश सरकार ने रिजेक्ट किया
एसपीवी की शेयर होल्डिंग क्लस्टर गाइडलाइन के मुताबिक नहीं : स्टेयरिंग कमेटी
अमित त्रिपाठी
कानपुर। प्रदेश सरकार की स्टेयरिंग कमेटी ने चौबेपुर में प्रस्तावित होजरी क्लस्टर प्रोजेक्ट को नामंजूर कर दिया है। स्टेयरिंग कमेटी ने कहा है कि परियोजना प्रस्ताव में स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है जिसमें एसपीवी का शेयर होल्डिंग क्लस्टर गाइडलाइन के अनुरूप न होने की वजह से उपयुक्त नहीं पाया गया।
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होजरी क्लस्टर की एसपीवी के हेड और जेट निटवियर्स के निदेशक बलराम नरूला ने बताया कि 3000 वर्ग मीटर में प्रस्तावित क्लस्टर के लिए होजरी, रेडीमेड, सिलाई समेत कई एसोसिएशनों के लगभग 1150 सदस्यों ने अपनी सहमति दी थी और कहा था कि इससे होजरी उद्योग को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार से पहले केंद्र सरकार ने 27 दिसंबर 2013 को होजरी क्लस्टर को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी थी। भारत सरकार ने प्रदेश सरकार को 9 जून 2014 को पत्र भेजा था जिसमें क्लस्टर की मंजूरी के संबंध में जल्द से जल्द कार्यवाही करने को कहा गया था। अब इसके बाद स्टेयरिंग कमेटी की बैठक लखनऊ में हुई और उसमें क्लस्टर को रिजेक्ट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि चौबेपुर में लगभग 5.60 करोड़ रुपये की लागत से होजरी क्लस्टर स्थापित होना था। इस क्लस्टर में ब्लीचिंग एवं फैब्रिक प्रोसेसिंग सेंटर भी स्थापित किया जाना था। इसके साथ ही टेस्टिंग सेंटर की सुविधा भी दी जानी थी। यहां पर एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनना था जिसमें यूजर्स चार्ज लेकर लघु उद्यमियों का जॉब वर्क किया जाना था। इस क्लस्टर में 250 लोगों को प्रशिक्षित कर रोजगार भी उपलब्ध कराया जाना था। गौरतलब है कि कानपुर के होजरी उत्पाद प्रदेश की कुल खपत का केवल 20 प्रतिशत ही आपूर्ति कर पा रहे हैं।
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चौबेपुर के होजरी क्लस्टर को रिजेक्ट कर दिया गया है। इसके मिनिट्स जारी हो गए हैं। एसपीवी क्लस्टर की बात ही कहां कर रही थी? क्लस्टर तो वहां पर लगता है जहां पर एक जैसे ऑपरेटर हों।
महेश कुमार गुप्ता, प्रमुख सचिव, लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उप्र



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