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यूपी हैंडलूम निष्प्रयोज्य संपत्तियां बेचेगा
Kanpur
Updated Fri, 10 Oct 2014 05:33 AM IST
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कानपुर। यूपी हैंडलूम की निष्प्रयोज्य (बिना उपयोग) संपत्तियों की बिक्री कराने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली स्थित हौज खास शोरूम को बेचने के लिए हाल ही में हैंडलूम एमडी और उनकी टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान संपत्ति का वैल्युएशन, मार्केट रेट आदि की जानकारी की गई है। शोरूम की अनुमानित कीमत 40-50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। टीम पूरी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजेगी। वहां से अनुमति के बाद संपत्ति बेचने की प्रक्रिया शुरू होगी।
यूपी हैंडलूम में वर्तमान में 244 कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों का पीएफ, ग्रेच्युटी सहित अन्य मदों का 33 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी है। इसके अलावा हैंडलूम के तमाम शोरूमों की हालत खस्ताहाल है। कई शोरूम में नए उत्पाद तक नही हैं। यूपी हैंडलूम के वरिष्ठ अफसर ने बताया कि शासन ने कर्मचारियों की देनदारी चुकाने और हैंडलूम के शोरूमों को संजीवनी देने के लिए हैंडलूम की निष्प्रयोज्य जमीन को बेचना की योजना बनाई थी। जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है। 4 अक्तूबर को हैंडलूम एमडी राजेंद्र सिंह ने दिल्ली स्थित शोरूम हौजखास का निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा है कि हैंडलूम की ऐसी बड़ी संपत्तियां पहले बेची जाएं जिनसे अधिक से अधिक रकम मिल सके और अन्य तमाम संपत्तियों को न बेचना पड़े। हौज खास में 1984 से स्थापित शोरूम वर्तमान में पीपीपी मॉडल के आधार पर चल रहा है।
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यूपी हैंडलूम में वर्तमान में 244 कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों का पीएफ, ग्रेच्युटी सहित अन्य मदों का 33 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी है। इसके अलावा हैंडलूम के तमाम शोरूमों की हालत खस्ताहाल है। कई शोरूम में नए उत्पाद तक नही हैं। यूपी हैंडलूम के वरिष्ठ अफसर ने बताया कि शासन ने कर्मचारियों की देनदारी चुकाने और हैंडलूम के शोरूमों को संजीवनी देने के लिए हैंडलूम की निष्प्रयोज्य जमीन को बेचना की योजना बनाई थी। जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है। 4 अक्तूबर को हैंडलूम एमडी राजेंद्र सिंह ने दिल्ली स्थित शोरूम हौजखास का निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा है कि हैंडलूम की ऐसी बड़ी संपत्तियां पहले बेची जाएं जिनसे अधिक से अधिक रकम मिल सके और अन्य तमाम संपत्तियों को न बेचना पड़े। हौज खास में 1984 से स्थापित शोरूम वर्तमान में पीपीपी मॉडल के आधार पर चल रहा है।
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