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सूफी संगीत और रॉक बैंड की मस्ती में थिरके

Tue, 19 Feb 2013 05:30 AM IST
Kanpur
Kanpur Updated Tue, 19 Feb 2013 05:30 AM IST
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कानपुर। लाफ्टर के फटके, सूफी संगीत के नगमें, रॉक बैंड की मस्ती और ब्लाइंड बैंड के जोश से भरी सोमवार की शाम ‘अमर उजाला रूपांतरण क्लब’ की महिलाओं के लिए यादगार रही। कुछ देर के लिए गृहस्थी की झंझटों से बाहर निकल कर गैंजेज क्लब, आर्य नगर में आयोजित इस धमाकेदार समारोह में लाफ्टर मास्टर ख्याली के कॉमेडी पंच और दिल्ली के ब्लाइंड म्यूजिकल बैंड ‘उड़ान’ संग इलाहाबाद के ‘रूद्रा’ रॉक बैंड केसाथ महिलाएं खूब थिरकीं। सारेगामापा 2007 की प्रतिभागी अनीता भट्ट के मदहोश गीतों पर लोग झूम उठे।
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फन गेम से शुरू हुए इस कार्यक्रम का समापन महिलाओं के भांगड़ा से हुआ। इनका जोश भी इतना जबरदस्त रहा कि ख्याली और अनीता भी भांगड़ा करने में मस्त हो गये। मस्ती के मूड में आये पतियों ने भी ये मौका नहीं गंवाया। वे भी कलाकारों के साथ मस्त ठुमके लगा रहीं अपनी पत्नियों के फोटो मोबाइल में कैद करते रहे। तकरीबन चार घंटे चले इस धमाकेदार इवेंट में हर महिला की जुबान पर बस एक ही बात थी.. ‘भई वाह, मान गये अमर उजाला को..।’ कार्यक्रम में अतिथियों और कलाकारों का स्वागत अमर उजाला परिवार ने किया।
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समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि कमिश्नर शालिनी प्रसाद ने किया। अगली कड़ी में शहर के क्रेजी डांस ग्रुप ने ‘सजदे में यूं झुकता हूं..’ गीत पर कंटम्प्रेरी और सिक्वल डांस की जबरदस्त मिक्सिंग प्रस्तुत की। इस दमदार परफारमेंस के साथ ही स्पेशल गेम्स भी खूब रहे। अगली परफारमेंस दिल्ली के ब्लाइंड बैंड ‘उड़ान’ की थी। इस प्रस्तुति से पहले प्रेम प्यार के धागे मजबूत करते हुए कनपुरियों ने अपने जगह खड़े होकर तालियां बजाते हुए बैंड के कलाकारों का खूब स्वागत किया। और उन्हें यकीन दिलाया कि बेशक वे कलाकार उन्हें देख नहीं सकते लेकिन ये शहर उनकी जिंदादिली को हमेशा याद रखेगा। इस बैंड के गायक दीपक ने ‘ये जवानी है दीवानी’ गीत के साथ मेरे सपनों की रानी कब आयेगी तू, खई के पान बनारस वाला,गीत सुना कर सबको खूब नचाया। इस परफारमेंस के बाद गायिका अनीता भट्ट ने अपनी आवाज का सूफियाना अंदाज सुनातेे हुए ‘तेरे वास्ते मेरा इश्क सूफियाना’ गीत के साथ महिलाओं के बीच भांगड़ा करते हुए आजकल के मशहूर आइटम डांस गीत भी गाये। बैंड में सिद्धार्थ मित्रा ने ड्रम पर, सुदीप ने लीड गिटार पर, राज ने रिद्म गिटार, इंद्रनील और अरिदमन ने सिंगिंग व सुमित ने बेस गिटार पर खूब कमाल दिखाया। कार्यक्रम में अतिथियों और कलाकारों का स्वागत अमर उजाला के क्लस्टर हेड भूपेंद्र दुबे और जीएम भवानी शर्मा ने किया।
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खूब रहा ख्याली का ख्याल-
.लोगों को देख कर हंसी के गोल गप्पे खिलाने के लिए मशहूर ख्याली ने मंच पर आते ही अपने नाम ‘ख्याली’ की मिस्ट्री सुना डाली। फिर अपने फिगर पर गोली दागी। बोले मेरा नाम भी स्टाइलिश है, और ऊपर वाले ने जो दिया वो तो ..बोले, लोग पता नहीं क्या क्या समझ लेते हैं। फिर हकलाने वाले लोगों की समस्या बता डाली। मौज में आये खयाली ने किफायती और चीजों को सहेज के रखने के लिए मशहूर यूपी वालों का पायजामा भी नहीं छोड़ा, बोले पायजामा जब तक गाड़ी पोंछने लायक न बन जाये, यूपी वालों से रहा नहीं जाता है। ख्याली को इस बात पर लोगों की खूब तालियां मिली।

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अजब बैंड की गजब कहानी-
अपनी कमजोरी को ही बना लिया हुनर
उड़ान बैंड टीम के सभी सदस्य नेत्रहीन
कानपुर। ‘उड़ान’ बैंड बनने की कहानी भी कुछ अजब है। इस अजब बैंड की गजब कहानी बता रहे बैंड के प्रोड्यूसर केवल हरिया ने ‘अमर उजाला’ से अपने बैंड के शुभारंभ की सफलता शेयर की। केवल बताते हैं कि उनका बैंड किसी बारात से कम नहीं हैं। पूरे 60 लोग हैं इसमें। टीवी के रियलिटी शो ‘इंडिया गॉट टैलेंट’ में अपना मुकाम बना चुके इस बैंड की जो सबसे अनोखी बात है वो ये है कि उन सबका एक साथ एक जगह एकत्र होना। केवल ने बताया कि वे सभी दिल्ली के हैप्पी होम एंड स्कूल फॉर दि ब्लाइंड के स्टूडेंट्स हैं। उन्होंने अपनी कमजोरी को ही अपना हुनर बना लिया। बचपन से इसी स्कूल में पढ़े। इस स्कूल में म्यूजिक एक कोर सब्जेक्ट है। जो सभी को सीखना ही पड़ता है। सो ऐसे उनके जीवन में एक नई शुरुआत हुई। धीरे धीरे सबका टैलेंट सामने आया और इस तरह से बैंड का शुभारंभ हो गया। कई शहरों में अपने टैलेंट का जलवा दिखा चुके इस बैंड के दूसरे सदस्यों को लेकर केवल बताते हैं कि हमसे से कोई भी देख नहीं सकता लेकिन हम संगीत और प्यार की भाषा बखूबी समझते हैं। केवल का कहना है इसे ‘उड़ान’ नाम देने का मतलब भी यही है कि हम किसी से कम नहीं है। ‘मंजिलें उसी को मिलती हैं जिसके हौसलों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है’ पक्तियां सुनाने वाले केवल ने बताया कि बैंड में उनके साथ दीपक बेरेसा सिंगर, सरफराज और नितेश सोनावले की-बोर्ड पर, आगस्टियन ऑक्टोपैड पर, सचिन गायकर साइड रिद्म पर, अशोक आर्य ढोलक पर, दीपक कामले तबले पर और नितिन सिन्थेसाइजर पर अपना टैलेंट बखूबी निभाते हैं।
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