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पीपीएस अफसरों पर होगी विभागीय कार्रवाई
Kanpur
Updated Tue, 12 Feb 2013 05:31 AM IST
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कानपुर। आसामी पट्टा आवंटन में धांधली बरतने वाले पीसीएस अफसर प्रहलाद सिंह और सियाराम मौर्या के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। निलंबित होने की भी संभावना है। इसके आदेश राजभवन और शासन ने जारी कर दिए हैं। साथ ही पट्टा आवंटन से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए गए हैं।
घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र से बसपा के पूर्व विधायक आरपी कुशवाहा के भाइयों को बिठूर के ईश्वरीगंज में नवंबर 2009 में कई बीघा जमीन का आसामी पट्टा (खेती की जमीन) आवंटित किया गया था, जो कि जांच में नियम विरुद्ध पाया गया था। आसामी पट्टा भूमिहीन गरीबों को मिलता है। इस मामले का खुलासा ‘अमर उजाला’ ने किया था। बाद में तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट माला श्रीवास्तव ने इसकी जांच कराई तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने के प्रमाण मिले थे। इसी वजह से लेखपाल सतीराम, रामभजन को सस्पेंड भी कर दिया गया था। पट्टा भी निरस्त कर दिया गया था। साथ ही तत्कालीन एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह और तहसीलदार सदर (अब पीसीएस में प्रमोशन) सियाराम मौर्या के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश शासन से की गई थी। शासन ने अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति राजभवन से कर दी। अब इस पर राजभवन की मुहर लग गई है। जिलाधिकारी एमपी अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच-पड़ताल के बाद ही अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच, कार्रवाई की सिफारिश शासन से की गई थी। अब अनुमति मिली है। जल्द ही विभागीय कार्रवाई होगी।
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घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र से बसपा के पूर्व विधायक आरपी कुशवाहा के भाइयों को बिठूर के ईश्वरीगंज में नवंबर 2009 में कई बीघा जमीन का आसामी पट्टा (खेती की जमीन) आवंटित किया गया था, जो कि जांच में नियम विरुद्ध पाया गया था। आसामी पट्टा भूमिहीन गरीबों को मिलता है। इस मामले का खुलासा ‘अमर उजाला’ ने किया था। बाद में तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट माला श्रीवास्तव ने इसकी जांच कराई तो बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने के प्रमाण मिले थे। इसी वजह से लेखपाल सतीराम, रामभजन को सस्पेंड भी कर दिया गया था। पट्टा भी निरस्त कर दिया गया था। साथ ही तत्कालीन एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह और तहसीलदार सदर (अब पीसीएस में प्रमोशन) सियाराम मौर्या के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश शासन से की गई थी। शासन ने अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति राजभवन से कर दी। अब इस पर राजभवन की मुहर लग गई है। जिलाधिकारी एमपी अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच-पड़ताल के बाद ही अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच, कार्रवाई की सिफारिश शासन से की गई थी। अब अनुमति मिली है। जल्द ही विभागीय कार्रवाई होगी।
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