{"_id":"38-116740","slug":"Kanpur-116740-38","type":"story","status":"publish","title_hn":"महोत्सव में बवाल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महोत्सव में बवाल
Kanpur
Updated Thu, 24 Jan 2013 05:31 AM IST
विज्ञापन
कानपुर। मोतीझील मैदान में चल रहे पांच दिवसीय कानपुर महोत्सव के चौथे दिन राजस्व विभाग के काउंटर पर आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के निशुल्क आवेदन पर पांच रुपए की अवैध वसूली को लेकर लोगों ने खूब हो-हल्ला किया। लोगों ने सरकारी काउंटर पर फार्म बेचने वाले व्यक्ति समेत नायाब तहसीलदार को घेरकर करीब आधा घंटे तक हंगामा किया। बाद में नायाब तहसीलदार ने फार्म मुफ्त में बंटवाने और लोगों का पैसा वापस करवाने का भरोसा देकर लोगों को शांत कराया।
आरोप है कि राजस्व विभाग के काउंटर से बांटे जा रहे आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के मुफ्त फार्म पर महोत्सव के पहले ही दिन से जबरन पांच रुपए वसूले जा रहे थे। बुधवार को कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पर आपत्ति जताई तो फार्म प्राप्त करने वाले लोगों ने काउंटर पर बैठे बाबुओं से पूछताछ शुरू कर दी। बताया गया कि काउंटर पर राजस्व विभाग के बाबू नहीं बल्कि वेंडरों द्वारा बाहरी लड़के बैठाए गए हैं। पता चला कि फार्म बांटने वाला तहसील के बाहर फार्म बेचने वाला राहुल कुमार नाम का शख्स है। यह सुनकर लोगों ने काउंटर घेर हो-हल्ला शुरू कर दिया। जब लोगों ने काउंटर के पीछे नायाब तहसीलदार अजय कुमार कटियार से शिकायत की तो उन्होंने मामले की जानकारी न होने की बात कही। इससे भड़के लोग पैसे वसूलने वाले को पीटने पर आमादा हो गये। नायाब तहसीलदार ने लोगों का पैसा वापस करने और आवेदन निशुल्क देने की बात कह कर हंगामा शांत कराया। देर शाम तक किसी को भी पैसा वापस नहीं किया गया। उधर मौके पर राहुल कुमार ने बताया कि वह आवेदन पर दो रुपए का टिकट लगाने के नाम पर पांच रुपए ले रहा था। सरकारी काउंटर पर फार्म बांटने की जिम्मेदारी उसे किसने दी इस सवाल का वह और नायाब तहसीलदार नहीं दे सके। बताया कि चार दिनों में काउंटर से पांच सौ से अधिक आवेदन बिक चुके हैं। लोगों ने बताया कि मामले की शिकायत कमिश्नर और डीएम से की जाएगी। उधर बुधवार को विकलांग सर्टीफिकेट काउंटर और केडीए काउंटर पर भी खूब भीड़ रही। कई लोग जानकारी के लिए भटकते रहे।
--------------------------
परेशान घूमते रहे
-----------------------------
.सिधौरा से आये महेश कुमार ने बताया कि दूसरे काउंटरों पर बैठे बाबूआें द्वारा दी गई गलत जानकारी के कारण विकलांग सर्टीफिकेट बनवाने के लिए वे आधा घंटा पंडाल में घूमते रहे।
विज्ञापन
.वृद्धावस्था पेंशन पाने के लिए पंडाल में इधर उधर चक्कर काट रहे चमनगंज के मो. अब्दुला ने बताया कि पहचान पत्र के रूप में वोट आईडी होने के बाद भी उन्हें पेंशन का आवेदन नहीं मिला। काउंटर पर किसी ने सही जानकारी भी नहीं दी।
.पंडाल के नीचे जमीन पर बेसुध पड़े मदन लाल ने बताया वे पेंशन के लिए महोत्सव में आये थे। उनके पास पहचान पत्र, राशन कार्ड या कोई पहचान प्रपत्र नहीं है। उन्हें बिना किसी जानकारी के काउंटर से भगा दिया गया। मदन लाल ने बताया उनके जेब में एक पैसा भी नहीं है। उधर आपबीती बता रहे मदनलाल मदद की गुहार लिये पैदल ही गोविंद नगर के लिए पंडाल से निकल गये। लेकिन किसी बाबू या अधिकारी ने उनकी मदद नहीं की।
.खलासी लाइन से विकलांग बहू कविता सिंह का सर्टीफिकेट और राशन कार्ड बनवाने आये मलखान सिंह विकलांग सर्टीफिकेट काउंटर पर 20 मिनट में काम होने से बेहद खुश दिखे लेकिन राशन कार्ड काउंटर पर कोई सटीक जानकारी न मिलने से बेहद दुखी मलखान सिंह व्यवस्था को कोसते हुए वापस लौट गये।
विज्ञापन
आरोप है कि राजस्व विभाग के काउंटर से बांटे जा रहे आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के मुफ्त फार्म पर महोत्सव के पहले ही दिन से जबरन पांच रुपए वसूले जा रहे थे। बुधवार को कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पर आपत्ति जताई तो फार्म प्राप्त करने वाले लोगों ने काउंटर पर बैठे बाबुओं से पूछताछ शुरू कर दी। बताया गया कि काउंटर पर राजस्व विभाग के बाबू नहीं बल्कि वेंडरों द्वारा बाहरी लड़के बैठाए गए हैं। पता चला कि फार्म बांटने वाला तहसील के बाहर फार्म बेचने वाला राहुल कुमार नाम का शख्स है। यह सुनकर लोगों ने काउंटर घेर हो-हल्ला शुरू कर दिया। जब लोगों ने काउंटर के पीछे नायाब तहसीलदार अजय कुमार कटियार से शिकायत की तो उन्होंने मामले की जानकारी न होने की बात कही। इससे भड़के लोग पैसे वसूलने वाले को पीटने पर आमादा हो गये। नायाब तहसीलदार ने लोगों का पैसा वापस करने और आवेदन निशुल्क देने की बात कह कर हंगामा शांत कराया। देर शाम तक किसी को भी पैसा वापस नहीं किया गया। उधर मौके पर राहुल कुमार ने बताया कि वह आवेदन पर दो रुपए का टिकट लगाने के नाम पर पांच रुपए ले रहा था। सरकारी काउंटर पर फार्म बांटने की जिम्मेदारी उसे किसने दी इस सवाल का वह और नायाब तहसीलदार नहीं दे सके। बताया कि चार दिनों में काउंटर से पांच सौ से अधिक आवेदन बिक चुके हैं। लोगों ने बताया कि मामले की शिकायत कमिश्नर और डीएम से की जाएगी। उधर बुधवार को विकलांग सर्टीफिकेट काउंटर और केडीए काउंटर पर भी खूब भीड़ रही। कई लोग जानकारी के लिए भटकते रहे।
विज्ञापन
--------------------------
परेशान घूमते रहे
-----------------------------
.सिधौरा से आये महेश कुमार ने बताया कि दूसरे काउंटरों पर बैठे बाबूआें द्वारा दी गई गलत जानकारी के कारण विकलांग सर्टीफिकेट बनवाने के लिए वे आधा घंटा पंडाल में घूमते रहे।
विज्ञापन
.वृद्धावस्था पेंशन पाने के लिए पंडाल में इधर उधर चक्कर काट रहे चमनगंज के मो. अब्दुला ने बताया कि पहचान पत्र के रूप में वोट आईडी होने के बाद भी उन्हें पेंशन का आवेदन नहीं मिला। काउंटर पर किसी ने सही जानकारी भी नहीं दी।
.पंडाल के नीचे जमीन पर बेसुध पड़े मदन लाल ने बताया वे पेंशन के लिए महोत्सव में आये थे। उनके पास पहचान पत्र, राशन कार्ड या कोई पहचान प्रपत्र नहीं है। उन्हें बिना किसी जानकारी के काउंटर से भगा दिया गया। मदन लाल ने बताया उनके जेब में एक पैसा भी नहीं है। उधर आपबीती बता रहे मदनलाल मदद की गुहार लिये पैदल ही गोविंद नगर के लिए पंडाल से निकल गये। लेकिन किसी बाबू या अधिकारी ने उनकी मदद नहीं की।
.खलासी लाइन से विकलांग बहू कविता सिंह का सर्टीफिकेट और राशन कार्ड बनवाने आये मलखान सिंह विकलांग सर्टीफिकेट काउंटर पर 20 मिनट में काम होने से बेहद खुश दिखे लेकिन राशन कार्ड काउंटर पर कोई सटीक जानकारी न मिलने से बेहद दुखी मलखान सिंह व्यवस्था को कोसते हुए वापस लौट गये।