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मोबाइल से चलेगा कंप्यूटर
Kanpur
Updated Sat, 05 Jan 2013 05:30 AM IST
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कानपुर। विशेष साफ्टवेयर युक्त मोबाइल अब रिमोट का काम भी करेगा। इसकी मदद से पर्सनल कंप्यूटर भी चलेगा। आईआईटीयन निर्मल अग्रवाल ने ऐसा साफ्टवेयर बनाया है। इसकी लांचिग जून में की जाएगी। आईआईटी की एलमनाइ मीट में शुक्रवार को हिस्सा लेने आए टेरा इफारमेटिव साफ्टवेयर के चेयरमैन ने बताया कि आटोमैटिक साफ्टवेयर पर काम कर रहे हैं। अब ऐसा साफ्टवेयर बना लिया है, जिसे मोबाइल में सेट करके पीसी चलाया जा सकेगा। मोबाइल की मदद से ही कंप्यूटर पर इंटरनेट सर्फिंग, ई-मेल आदि देखा जा सकेगा।
आईआईटी की तीनदिवसीय एलमनाइ मीट शुक्रवार से शुरू हुई। इसमें 1978 बैच के करीब 20 एलमनाइ ने भाग लिया। इन सभी ने मस्ती की और पुराने दिन को याद कर जमकर हंसी-ठिठोली की। सभी ने कैंपस की हरियाली, सुंदरता की सराहना की। कहा कि लंबे समय बाद प्रौद्योगिकी संस्थान आए हैं। इससे हास्टल, क्लास रूम, कैंपस में की जाने वाली शैतानियों की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। बॉस्टन अमेरिका से आए नीरज संघल ने बताया कि उन्होंने कंप्लीट साफ्टवेयर डिजाइन किया है, जिसका इस्तेमाल विप्रो, इन्फोसिस, एलजी, टीसीएस जैसी कंपनियां कर रही हैं। यह साफ्टवेयर इम्प्रूवमेंट का काम करता है। उन्होंने कहा कि 35-40 साल काम करने के बाद फिजिक्स, केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार मिलता है। भारत में इस पर अच्छा काम चल रहा है। आने वाले दिनों में नोबेल पुरस्कार जरूर मिलेगा। अमेरिका में आईआईटी का कैंपस खोलने का लाभ मिलेगा। अच्छी फैकल्टी आएगी। अब अमेरिका में रह रहे लोग भारत आना चाहते हैं, क्योंकि यहां विकास की संभावना ज्यादा दिख रही है। उड़प्पी कृष्णाराव धूमाल राव ने लीक से हटकर बात की। कहा कि भारत में नैतिक शिक्षा, मूल्यों की जानकारी क्लास रूम में दी जानी चाहिए। एपीजे अब्दुल कलाम और स्वामी विवेकानंद को आदर्श बनाकर लोगों के समक्ष पेश करना चाहिए। इससे समाज में सुधार आएगा। धीरेन मरजादी ने कहा कि बिजनेस के लिए गुजरात प्रदेश सबसे अच्छा है। कोआर्डिनेटर अनिल गुप्ता, आरती अग्रवाल, रेनू केजरीवाल और रेनू गुप्ता ने कहा कि महिला सुरक्षा और पुख्ता होनी चाहिए। जो महिला सुरक्षा से खिलवाड़ करे, उसे खुलेआम सजा दी जानी चाहिए, ताकि डर पैदा हो सके।
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आईआईटी की तीनदिवसीय एलमनाइ मीट शुक्रवार से शुरू हुई। इसमें 1978 बैच के करीब 20 एलमनाइ ने भाग लिया। इन सभी ने मस्ती की और पुराने दिन को याद कर जमकर हंसी-ठिठोली की। सभी ने कैंपस की हरियाली, सुंदरता की सराहना की। कहा कि लंबे समय बाद प्रौद्योगिकी संस्थान आए हैं। इससे हास्टल, क्लास रूम, कैंपस में की जाने वाली शैतानियों की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। बॉस्टन अमेरिका से आए नीरज संघल ने बताया कि उन्होंने कंप्लीट साफ्टवेयर डिजाइन किया है, जिसका इस्तेमाल विप्रो, इन्फोसिस, एलजी, टीसीएस जैसी कंपनियां कर रही हैं। यह साफ्टवेयर इम्प्रूवमेंट का काम करता है। उन्होंने कहा कि 35-40 साल काम करने के बाद फिजिक्स, केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार मिलता है। भारत में इस पर अच्छा काम चल रहा है। आने वाले दिनों में नोबेल पुरस्कार जरूर मिलेगा। अमेरिका में आईआईटी का कैंपस खोलने का लाभ मिलेगा। अच्छी फैकल्टी आएगी। अब अमेरिका में रह रहे लोग भारत आना चाहते हैं, क्योंकि यहां विकास की संभावना ज्यादा दिख रही है। उड़प्पी कृष्णाराव धूमाल राव ने लीक से हटकर बात की। कहा कि भारत में नैतिक शिक्षा, मूल्यों की जानकारी क्लास रूम में दी जानी चाहिए। एपीजे अब्दुल कलाम और स्वामी विवेकानंद को आदर्श बनाकर लोगों के समक्ष पेश करना चाहिए। इससे समाज में सुधार आएगा। धीरेन मरजादी ने कहा कि बिजनेस के लिए गुजरात प्रदेश सबसे अच्छा है। कोआर्डिनेटर अनिल गुप्ता, आरती अग्रवाल, रेनू केजरीवाल और रेनू गुप्ता ने कहा कि महिला सुरक्षा और पुख्ता होनी चाहिए। जो महिला सुरक्षा से खिलवाड़ करे, उसे खुलेआम सजा दी जानी चाहिए, ताकि डर पैदा हो सके।
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