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किसानों ने जूनियर स्कूल में बंद किए मवेशी
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संदलपुर (कानपुर देहात)। छुट्टा मवेशियों के लिए प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था न होने पर आक्रोशित ग्रामीण उन्हेें सरकारी भवनों में बंद कर रहे हैं। रविवार को ब्लाक के कसोलर गांव में किसानों ने छुट्टा मवेशियों को घेरकर उच्च प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया। इसके साथ गेट पर ताला डाल दिया। इसकी सूचना पर गांव पहुंचे लेखपाल ने समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
गोवंश आश्रय स्थल बनकर तैयार नहीं हो पा रहे हैं छुट्टा मवेशियों की समस्या बरकरार है। किसान रात दिन फसलों की रखवाली करने के बाद भी फसल नहीं बचा पा रहे हैं। इससे किसानों का आक्रोश फूटने लगा है।
रविवार की शाम कसोलर गांव में किसानों ने करीब 36 छुट्टा मवेशियों को एकत्र कर उन्हें गांव के उच्च प्राथमिक स्कूल के भवन में बंद कर दिया। इसके साथ ही परिसर के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा दिया। इसकी जानकारी पर तहसीलदार सिकदंरा संजय सिंह ने लेखपाल को मौके पर भेजा। लेखपाल के समझाने के बाद भी ग्रामीण नहीं माने। इस पर वह बैरंग वापस हो गए। स्कूल में बंद मवेशियों के लिए चारा पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
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आज स्कूल से पशुओं को हटाया जाएगा
प्रधान योगेश अवस्थी ने बताया कि छुट्टा मवेशियों को एकत्र कर ग्रामीणों ने स्कूल में बंद कर दिया है। उन्हें समझाकर सोमवार सुबह स्कूल खाली कराया जाएगा जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। तहसीलदार ने बताया कि स्कूल से मवेशी बाहर निकाले जाएंगे। ग्रामीणों को जल्द समस्या से निजात दिलाने के लिए गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण हो रहा है।
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गोवंश आश्रय स्थल बनकर तैयार नहीं हो पा रहे हैं छुट्टा मवेशियों की समस्या बरकरार है। किसान रात दिन फसलों की रखवाली करने के बाद भी फसल नहीं बचा पा रहे हैं। इससे किसानों का आक्रोश फूटने लगा है।
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रविवार की शाम कसोलर गांव में किसानों ने करीब 36 छुट्टा मवेशियों को एकत्र कर उन्हें गांव के उच्च प्राथमिक स्कूल के भवन में बंद कर दिया। इसके साथ ही परिसर के मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा दिया। इसकी जानकारी पर तहसीलदार सिकदंरा संजय सिंह ने लेखपाल को मौके पर भेजा। लेखपाल के समझाने के बाद भी ग्रामीण नहीं माने। इस पर वह बैरंग वापस हो गए। स्कूल में बंद मवेशियों के लिए चारा पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
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आज स्कूल से पशुओं को हटाया जाएगा
प्रधान योगेश अवस्थी ने बताया कि छुट्टा मवेशियों को एकत्र कर ग्रामीणों ने स्कूल में बंद कर दिया है। उन्हें समझाकर सोमवार सुबह स्कूल खाली कराया जाएगा जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। तहसीलदार ने बताया कि स्कूल से मवेशी बाहर निकाले जाएंगे। ग्रामीणों को जल्द समस्या से निजात दिलाने के लिए गोवंश आश्रय स्थलों का निर्माण हो रहा है।