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खादी ग्रामोद्योग की ओर से दी गई सब्सिडी का होगा सत्यापन

Tue, 29 May 2018 06:03 PM IST
Updated Tue, 29 May 2018 06:03 PM IST
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खादी ग्रामोद्योग की ओर से दी गई सब्सिडी का होगा सत्यापन
खादी ग्रामोद्योग की सब्सिडी का होगा सत्यापन
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-मुख्य विकास अधिकारी ने तलब की लाभार्थियों की सूची
-खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड ने दी 52 लाभार्थियों की लिस्ट
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से अब तक लाभार्थियों को दी गई सब्सिडी पर जांच की तलवार लटक गई है। जिला योजना की बैठक में जनप्रतिनिधियों के उठाए गए सवाल पर मुख्य विकास अधिकारी ने बोर्ड से लाभार्थियों की सूची तलब कर ली थी। बोर्ड ने पिछले छह सालों के आधा सैकड़ा से अधिक लाभार्थियों की लिस्ट सीडीओ को सौंप दी है।
पिछले दिनों विकास भवन सभागार में हुई जिला योजना समिति की बैठक प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री की अध्यक्षता में हुई थी। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत वर्ष 2017-18 में लाभांवित लाभार्थियों को लेकर जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए थे। लाभार्थियों का सत्यापन कराने क ी मांग की गई थी। इस पर सीडीओ प्रेमरंजन सिंह ने जिला ग्रामोद्योग अधिकारी से सूची तलब कर ली थी। ग्रामोद्योग अधिकारी ने 52 लाभार्थियों के नाम भेजे हैं। बताया गया कि ग्रामोद्योग रोजगार योजना में विभिन्न बैंक शाखाओं से 52 उद्यमियों के प्राप्त बिल ब्याज उपादान की धनराशि उनके ऋण खातों में आरटीजीएस के माध्यम से भेजी जा चुकी है।
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कमीशन के खेल में नियम, कानून दरकिनार
खादी ग्रामोद्योग कार्यालय के जरिए प्रदेश सरकार ग्रामीण अंचलों के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराती है। बेरोजगार गांव में उद्योग लगाने के लिए बैंक से लोन लेता है। इस पर ग्रामोद्योग कार्यालय सब्सिडी यानी छूट देता है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी इसी सब्सिडी को देने के लिए उद्योग चलाने वालों से वसूली करते हैं। सूत्रों का कहना है कि वसूली की आड़ में कई ऐसे उद्योगों को सब्सिडी दे दी गई है जो कागजों पर ही चल रहे हैं। सालों पहले जिस स्थान पर उद्योग दिखाकर लोन लिया गया, वहां मौजूदा समय में कोई उद्योग ही नहीं है। संचालक केअधिकारियों व कर्मचारियों की मुट्ठी गर्म कर देने से औरास, हसनगंज, मियागंज आदि क्षेत्रों में कागजों पर संचालित उद्योगों को सब्सिडी का पैसा दे दिया गया है।
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