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दिमागी बुखार के नियंत्रण के लिए करें जागरूक : डीएम
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कानपुर देहात। कलक्ट्रेट सभागार में डीएम ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सफल बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में निर्देश दिए कि दिमागी बुखार के नियंत्रण के लिए सरकार गंभीर है। इस कार्यक्रम में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बैठक के दौरान डीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा कि नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में वातावरणीय तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के उपायों के बाबत बताया जाए। खुले में शौच न करने, शुद्ध पेयजल का प्रयोग, मच्छरों के रोकथाम व बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। कहा कि खुली नालियों को ढकने की व्यवस्था कराई जाए। नालियों की समय से सफाई कराई जाए। इंडिया मार्का हैंडपंपों का पानी पेयजल जल के रूप में इस्तेमाल किया जाए। वहीं, कम गहराई वाले निजी हैंडपंपों को चिह्नित कर उन्हें लाल रंग से पेंट करवा कर लोगों को सतर्क कर दें। डीपीआरओ को निर्देश दिए कि इस अभियान में प्रधान नोडल होंगे जिनका प्रशिक्षण 13 फरवरी को प्रात: 11 बजे से प्रत्येक विकास खंड में दिया जाएगा। प्रशिक्षण में चिकित्सा अधिकारी के अलावा एसडीएम व तहसीलदार को उपस्थित रहने के निर्देश दिए। वहीं, बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की सूची बनाकर उनकी देखरेख विशेष तौर पर की जाए। दिमागी बुखार नियंत्रण के लिए एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशाओं का सहयोग लिया जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक व बीएसए को निर्देश दिए कि प्रत्येेक विद्यालय में एक शिक्षक नोडल अध्यापक के तौर पर प्रशिक्षण प्राप्त करें। इसकी सूची संबंधित चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराएं। नोडल अध्यापक का प्रशिक्षण 13 व 14 को होना है। प्रशिक्षित अध्यापक प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद बच्चों को दिमागी बुखार तथा अन्य संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगे। 15 फरवरी को जागरुकता के लिए बच्चों के साथ प्रभात फेरी निकाली जाएं। इस दौरान सीएमओ डा. हीरा सिंह, प्रभारी सीडीओ अभिराम त्रिवेदी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव, डीआईओएस अरविंद कुमार द्विवेदी, डीपीओ राकेश यादव आदि मौजूद रहे।
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बैठक के दौरान डीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा कि नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में वातावरणीय तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के उपायों के बाबत बताया जाए। खुले में शौच न करने, शुद्ध पेयजल का प्रयोग, मच्छरों के रोकथाम व बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। कहा कि खुली नालियों को ढकने की व्यवस्था कराई जाए। नालियों की समय से सफाई कराई जाए। इंडिया मार्का हैंडपंपों का पानी पेयजल जल के रूप में इस्तेमाल किया जाए। वहीं, कम गहराई वाले निजी हैंडपंपों को चिह्नित कर उन्हें लाल रंग से पेंट करवा कर लोगों को सतर्क कर दें। डीपीआरओ को निर्देश दिए कि इस अभियान में प्रधान नोडल होंगे जिनका प्रशिक्षण 13 फरवरी को प्रात: 11 बजे से प्रत्येक विकास खंड में दिया जाएगा। प्रशिक्षण में चिकित्सा अधिकारी के अलावा एसडीएम व तहसीलदार को उपस्थित रहने के निर्देश दिए। वहीं, बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की सूची बनाकर उनकी देखरेख विशेष तौर पर की जाए। दिमागी बुखार नियंत्रण के लिए एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशाओं का सहयोग लिया जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक व बीएसए को निर्देश दिए कि प्रत्येेक विद्यालय में एक शिक्षक नोडल अध्यापक के तौर पर प्रशिक्षण प्राप्त करें। इसकी सूची संबंधित चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराएं। नोडल अध्यापक का प्रशिक्षण 13 व 14 को होना है। प्रशिक्षित अध्यापक प्रतिदिन प्रार्थना सभा के बाद बच्चों को दिमागी बुखार तथा अन्य संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगे। 15 फरवरी को जागरुकता के लिए बच्चों के साथ प्रभात फेरी निकाली जाएं। इस दौरान सीएमओ डा. हीरा सिंह, प्रभारी सीडीओ अभिराम त्रिवेदी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक कुमार, डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव, डीआईओएस अरविंद कुमार द्विवेदी, डीपीओ राकेश यादव आदि मौजूद रहे।
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